कमरे में किया बंद, एक घंटे तक बनाए रखा बंधक, मऊगंज हिंसा की कहानी एसडीओपी की जुबानी
Raj Singh | Mar 18, 2025, 11:38 IST
sdop
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में 15 मार्च 2025 को एक भयावह हत्याकांड हुआ, जिसमें एक एएसआई और एक युवक की हत्या कर दी गई। एसडीओपी अंकिता शूल्या ने इस पूरी घटना का खुलासा किया है।
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शनिवार ( 15 मार्च, 2025 ) को हुए खौफनाक हत्याकांड में एक एएसआई और एक युवक की हत्या कर दी गई। एसडीओपी अंकिता शूल्या ने इस पूरी घटना की जानकारी दी और बताया कि कैसे आरोपियों ने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर हमला किया। इस घटना के बाद, ब्राह्मण समाज ने मऊगंज और रीवा में बंद का आह्वान किया है, जिसमें व्यापारी वर्ग से सहयोग की अपील की गई है।
ये भी खबर पढें... मऊगंज हिंसा के बीच मंदसौर में हुआ कुछ ऐसा, भड़क गई कांग्रेस
मऊगंज के गड़रा गांव में द्विवेदी परिवार ने अशोक कोल को जमीन बेची थी, लेकिन कुछ पैसे बाकी थे। दो महीने पहले अशोक आदिवासी की सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसमें उसकी बाइक भैंस से टकरा गई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर घटना को दुर्घटना मान लिया, लेकिन अशोक के परिजनों ने सनी द्विवेदी पर हत्या का आरोप लगाया। इस मामले में जांच के बाद, पुलिस ने यह निष्कर्ष निकाला कि अशोक की मौत दुर्घटना से हुई थी।
ये भी खबर पढ़ें... मऊगंज में आदिवासियों का पुलिस पर हमला, ASI की मौत, भारी पुलिस बल तैनात
इस दौरान एसडीओपी अंकिता और अन्य पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी और लाठी-डंडों से हमला किया गया। एएसआई रामचरण गौतम की पत्थरबाजी में मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को मुक्त किया और घायलों को अस्पताल भेजा।
अब तक पुलिस ने इस मामले में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 150 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही अन्य की तलाश जारी है। इस मामले में पत्रकारों, सरपंच और पूर्व सरपंच की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। यह घटना मऊगंज और रीवा में बड़े पैमाने पर विरोध का कारण बनी है और ब्राह्मण समाज न्याय की मांग कर रहा है।
घटना की पूरी कहानी
एसडीओपी अंकिता शूल्या ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया था और आग लगाने की धमकी दी थी। उनकी मांग थी कि पुलिस ने जो आरोपियों को पकड़ा है, उन्हें छोड़ा जाए और एसडीओपी को उनके हवाले किया जाए। अंकिता को करीब एक घंटे तक बंद रखा गया था, लेकिन पुलिस ने हवाई फायरिंग कर उन्हें मुक्त कराया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन एसडीओपी ने अपने कर्तव्य को निभाते हुए शव को न छोड़ने का फैसला लिया।
विवाद की शुरुआत
घटना का सिलसिला
होली के अगले दिन, सनी द्विवेदी उसी परिवार की दुकान पर सामान खरीदने गया था। वहां आदिवासी परिवार के लोगों ने उसे बंधक बना लिया। सनी के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओपी अंकिता ने सनी को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन वहां वह मृत अवस्था में मिला। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन इसके बाद आदिवासी परिवार के लोग उग्र हो गए और हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो गई।
हिंसा और एएसआई की मौत
आरोपियों की गिरफ्तारी
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari