मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: कांग्रेस देर रात पहुंची सुप्रीम कोर्ट

Amresh Kushwaha | Jun 11, 2026, 09:47 IST
Share
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस ने रात 2 बजे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। चुनाव आयोग आज फैसला सुना सकता है। आज नाम वापसी का आखिरी दिन है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द हो चुका है।
  • चुनाव आयोग से देर रात तक कोई जवाब नहीं मिला था।
  • कांग्रेस की कानूनी टीम ने रात के दो बजे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
  • आज यानी 11 जून नाम वापसी का आखिरी दिन है।
  • चुनाव आयोग आज इस संवेदनशील मामले में अपना फैसला सुना सकता है।

मामला अब दो मोर्चों पर लड़ा जाएगा

मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद जो सियासी तूफान उठा, वह अब कानूनी मैदान में पहुंच गया है। एक तरफ भारत चुनाव आयोग (ECI) इस मामले में आज, यानी 11 जून को अपना फैसला सुना सकता है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने रात करीब दो बजे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है।

देर रात को सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस

बुधवार की रात देर तक चुनाव आयोग से कोई ठोस जवाब नहीं मिला था। नाम वापसी की आखिरी तारीख 11 जून यानी आज है। ऐसे में मीनाक्षी नटराजन की कानूनी टीम ने बुधवार -गुरुवार की रात करीब दो बजे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है।

कांग्रेस का कहना है कि उन्होंने पहले आयोग के सामने पूरी मजबूती से पक्ष रखा। लेकिन जब देर रात तक कोई जवाब नहीं आया, तो शीर्ष अदालत का रुख करना ही एकमात्र रास्ता बचा था।

3a3f6d74-ff6
3a3f6d74-ff6


फूंक-फूंककर चल रहा है चुनाव आयोग

नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। पार्टी के शीर्ष नेताओं का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिला और रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को पलटने की मांग की।

चुनाव आयोग ने इस संवेदनशील मामले में जल्दबाजी नहीं दिखाई है। आयोग ने अपने लीगल पूल के वरिष्ठ वकीलों से संपर्क किया। इसके साथ ही संविधान और चुनावी प्रक्रिया के विशेषज्ञ विधि वक्ताओं से भी सलाह ली जा रही है। सभी कानूनी मत सामने आने के बाद ही आयोग अपना अंतिम फैसला देगा।

सिंघवी करेंगे वेकेशन बेंच के सामने पैरवी

मीनाक्षी नटराजन की तरफ से राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी अदालत में मोर्चा संभालेंगे। वह आज सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच के सामने इस याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई की मांग रखेंगे। लक्ष्य यह है कि मामले को तुरंत सूचीबद्ध कराया जाए, ताकि आज की अंतिम तारीख से पहले कोई राहत मिल सके।

आज का दिन बेहद अहम

आज 11 जून को नाम वापसी का आखिरी दिन है। यदि सुप्रीम कोर्ट या चुनाव आयोग में से कहीं से भी समय रहते राहत नहीं मिली, तो मध्यप्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो जाएंगे।

कब और कैसे रद्द हुआ नामांकन?

मंगलवार, 9 जून की सुबह नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई थी। भाजपा उम्मीदवार महेश केवट और रजनीश अग्रवाल ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने मीनाक्षी के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने भी शिकायत की थी। भाजपा की ओर से एडवोकेट संकेत गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के नियमों का हवाला देकर नामांकन रद्द करने की मांग रखी थी।

शाम करीब 5:30 बजे रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नामांकन रद्द करने का फैसला सुनाया था। फैसले के तुरंत बाद कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था।

भाजपा ने क्या आरोप लगाए?

भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर कुल 6 आपत्तियां दर्ज कराई है।

  • पहली आपत्ति यह थी कि नामांकन के पेज पांच, छह और सात पर सत्यापन मोहर अस्पष्ट है।
  • दूसरी यह कि आपराधिक मामलों से जुड़े जरूरी कॉलम में जानकारी दर्ज नहीं की गई।
  • तीसरी आपत्ति में आय विवरण वाले हिस्से में चुनाव आयोग के तय प्रारूप से छेड़छाड़ का आरोप था।
  • चौथी बात यह कि नामांकन पत्र और शपथपत्र (Affidavit) में संपत्ति के कुल मूल्य में अंतर पाया गया।
  • सबसे बड़ा आरोप यह था कि फॉर्म-26 में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित शिकायत की जानकारी छिपाई गई है।
  • वहीं, छठवीं आपत्ति यह थी कि अधूरी और गलत जानकारी देने की वजह से नटराजन का नामांकन रद्द किया जाए।
भाजपा का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार हलफनामे में सभी लंबित मामलों का उल्लेख जरूरी है।

2022 से शुरू हुई यह कानूनी उलझन

यह मामला नया नहीं है। साल 2022 में तेलंगाना में एक महिला ने कांग्रेस नेता कुंभम शिवा कुमार रेड्डी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उसी मामले में मीनाक्षी नटराजन का नाम भी सामने आया था।

इसके बाद 2022 से 2025 के बीच उस महिला ने विभिन्न स्तरों पर शिकायतें और याचिकाएं दाखिल कीं। जून 2026 में जब राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई, तब यह पुराना मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है।

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के सामने पक्ष रखा था। सिंघवी ने साफ कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

उन्होंने बताया कि तेलंगाना में एक निजी शिकायत के आधार पर अदालत ने केवल एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में सिर्फ यह पूछा गया था कि संज्ञान क्यों न लिया जाए।

कांग्रेस का तर्क था कि जब तक अदालत किसी मामले में संज्ञान लेकर आरोप तय न करे, उसे लंबित आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता। इसलिए हलफनामे में इसका उल्लेख अनिवार्य नहीं था। पार्टी ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को गैरकानूनी और सीटों की चोरी करार दिया।

FAQ

  1. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों रद्द किया गया?
    भाजपा उम्मीदवारों और पार्टी नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने 6 आपत्तियां दर्ज कराईं। सबसे बड़ा आरोप यह था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने फॉर्म-26 यानी चुनावी हलफनामे में तेलंगाना की एक अदालत में चल रहे मामले की जानकारी नहीं दी। रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नामांकन रद्द करने का फैसला दिया।
  2. यदि मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो क्या होगा?
    आज यानी 11 जून 2026 को नाम वापसी का आखिरी दिन है। अगर सुप्रीम कोर्ट समय रहते कोई हस्तक्षेप नहीं करता, तो मध्यप्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो जाएंगे। इस स्थिति में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की नौबत ही नहीं आएगी।
ये खबरें भी पढ़िए...

मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद, नाम वापसी का आखिरी दिन, SC जाएगी कांग्रेस

मीनाक्षी नटराजन बनाम चुनाव आयोग: राज्यसभा नामांकन का क्या है पेंडिंग केस ड्रामा

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, चुनाव आयोग के सामने धरने पर बैठे भूपेश बघेल

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस के पास क्या विकल्प हैं?

Tags:
  • मीनाक्षी नटराजन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती