एमपी में मनरेगा घोटाला, मौके पर सन्नाटा, कागजों पर काम कर रहे सैकड़ों मजदूर
Aman Vaishnav | Jun 10, 2026, 15:00 IST
एमपी में मनरेगा घोटाला
शिवपुरी में मनरेगा पोर्टल में क्लोन ऐप से सेंध लगाकर फर्जी हाजिरी लगाने का बड़ा मामला सामने आया है। वसूली से बचने के लिए सरपंच-सचिव बिना काम के ही मजदूरों की हाजिरी भर रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- शिवपुरी जिले में बिना काम किए ही मजदूरों की फर्जी ऑनलाइन हाजिरी लगाई जा रही है।
- रिकवरी से बचने के लिए अधिकारी और सरपंच-सचिव क्लोन ऐप के जरिए हाजिरी भर रहे हैं।
- 30% या उससे कम वाले कामों में सरपंच-सचिवों से पैसों की वसूली की तैयारी है।
- इस वसूली से बचने के लिए ही सैकड़ों फर्जी मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई गई।
- 30 जून के बाद मनरेगा योजना के काम बंद होने जा रही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जब जमीनी हकीकत देखी गई, तो मौके पर कोई काम ही नहीं चल रहा था। वहां पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ था।
दरअसल 30 जून से मनरेगा योजना के तहत चल रहे काम बंद होने जा रहे हैं। इससे पहले सरकार उन कामों की समीक्षा कर रही है जिनमें प्रगति बहुत कम हुई है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन कामों में 30% या उससे कम काम हुआ है, वहां के सरपंच और सचिव से राशि की वसूली की जाएगी। इसी वसूली और कार्रवाई से बचने के लिए सरपंच-सचिवों ने फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया है। ताकि कागजों पर काम को पूरा दिखाया जा सके।
क्लोन ऐप से हो रहा था खेल?
साइट की लोकेशन के जरिए दूसरी जगह बैठकर ही क्लोन ऐप से फर्जी हाजिरी डाली जा रही है। इसमें मजदूरों की बिना फोटो के ही हाजिरी लग रही है।
इन 3 ग्राम पंचायतों में सामने आया फर्जीवाड़ा
ग्राम पंचायत गणेशखेड़ा (पिपरोदा)
बची हुई राशि निकालने के लिए 3 से 8 जून तक लगातार रोजाना 180 फर्जी मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी लगाई गई। यहां कुल 108 मस्टर में 1080 फर्जी हाजिरी भरी गई। साथ ही दो लाख 81 हजार रुपए की मजदूरी राशि निकालने की जुगत की गई।
ग्राम पंचायत सेसईखुर्द (टुंड्यावद रास्ता)
अब शेष राशि निकालने के लिए 3 से 7 जून तक रोजाना 121 से 131 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई गई। इस पंचायत में कुल 197 मस्टर में 643 हाजिरी दिखाकर एक लाख रुपये का खेल रचा गया।
ग्राम पंचायत गोरा टीला (हीरापुर)
मौके पर पूरी तरह सन्नाटा होने के बावजूद दोनों कामों में 3 से 8 जून तक हर दिन 101 से 111 फर्जी मजदूरों की हाजिरी भरी गई। यहां कुल 71 मस्टर में 655 हाजिरी के जरिए एक लाख 70 हजार रुपए की हेराफेरी की तैयारी थी।
वहीं अगर तीनों पंचायतों को मिला दिया जाए, तो कुल 376 मस्टर (मजदूरों का आधिकारिक रिकॉर्ड रजिस्टर) के जरिए दो हजार 378 फर्जी हाजिरी लगाई गईं। कुल छह लाख 18 हजार रुपए की मजदूरी राशि निकालने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों का क्या कहना है?
1 जुलाई 2026 से लागू होगी नई योजना
यही वजह है कि पुराने अधूरे कामों को ठिकाने लगाने और सरकारी रिकवरी से बचने के लिए अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस तरह के शार्टकट और फर्जी तरीके अपना रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फर्जी हाजिरी के आधार पर किसी भी तरह का भुगतान नहीं किया जाएगा।
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