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News in short
- विजय शाह ने सैन्य अधिकारी सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने के बाद चौथी बार माफी मांगी।
- इस बार उन्होंने लिखित माफीनामा पढ़ा और वीडियो जारी किया।
- तीन माफीनामे पहले कोर्ट खारिज कर चुकी हैं।
- शाह के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर मानपुर थाने में आपराधिक मामला दर्ज है।
- अगली सुनवाई सोमवार को होगी, जिसमें शाह के माफीनामे पर अदालत निर्णय लेगी।
News in detail
सैन्य अधिकारी सोफिया कुरैशी को लेकर दिए विवादित बयान पर एमपी के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने आज चौथी बार माफी मांगी। इस बार शाह पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने लिखकर लाया माफीनामा पढ़ा,वीडियो जारी किया और फिर दिल्ली लौट गए। उन्हें उम्मीद है कि इस बार अदालत उनका माफीनामा स्वीकार कर लेगी। इसके पहले तीन माफीनामे कोर्ट खारिज कर चुका है।
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अचानक सामने आए मंत्री विजय शाह, सोफिया कुरैशी केस में फिर मांगी माफी
पढ़कर सुनाया लिखित माफीनामा
मंत्री शाह ने शनिवार, 7 फरवरी को एक बार फिर अपने बयान को लेकर माफी मांगी। इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया। इसमें वह लिखित बयान पढ़ते नजर आए। इससे पहले उनके माफीनामों पर अदालत सख्त टिप्पणी कर चुकी है। एक बार इसे मगरमच्छ के आंसू कहा गया, तो दूसरी बार रिकॉर्ड में माफी का उल्लेख न होने पर इसे खारिज किया गया।
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पहले माफीनामे पर हुई थी तीखी प्रतिक्रिया
बीते साल 11 मई को इंदौर जिले के रायकुंडा गांव में सैन्य अधिकारी सोफिया कुरैशी को लेकर दिए बयान के बाद विरोध बढ़ा। तब शाह ने माफी का वीडियो जारी किया, लेकिन उसमें माफी के बाद हंसते नजर आए। इस पर अदालत ने भी नाराजगी जताई। इसके बाद दो और माफीनामे आए,पर बात नहीं बनी।
सोमवार को होनी है अगली सुनवाई
हाईकोर्ट जबलपुर के आदेश पर महू के मानपुर थाने में शाह के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। इसी मामले में शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होनी है। पिछली सुनवाई 19 जनवरी को हुई थी, जिसमें एमपी सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन स्वीकृति पर निर्णय लेने को कहा गया था।
सरकार के सामने दो रास्ते
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में विधि विशेषज्ञों के साथ मंथन के बाद दो विकल्प तय किए गए।
1.माफीनामे के आधार पर अदालत से राहत की कोशिश।
2.माफीनामा स्वीकार न होने पर जांच और अभियोजन स्वीकृति के लिए और समय मांगना।
माफीनामे में शब्दों पर खास ध्यान
सूत्रों के मुताबिक,चौथे माफीनामे की शब्दावली विधि विशेषज्ञों की राय से तैयार की गई। शाह ने इसमें कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा जरूरी है। उन्होंने आत्ममंथन किया है। जिम्मेदारी स्वीकार की है और भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने का भरोसा दिया है।
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