एमपी कृषि कैबिनेट : किसानों को मिली बड़ी सौगात, 27 हजार करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी

Amresh Kushwaha | Mar 02, 2026, 13:34 IST
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में 02 मार्च को एमपी की पहली कृषि कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में विकास संबंधित कई योजनाओं पर अहम फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों से किसानों और आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा।

एमपी कृषि कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी सीएम मोहन यादव ने दी है। सीएम ने बताया कि पहली कृषि कैबिनेट बैठक में किसानों को बड़ी सौगात दी गई है। इसके तहत करीब 27 हजार करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी गई है।



साथ ही, सीएम ने बताया कि बैठक में प्रदेश के विकास और आर्थिक सुधारों को तेजी से बढ़ाने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं और नीतियों को भी मंजूरी दी।



पहली कृषि कैबिनेट बैठक के अहम फैसले...

कैबिनेट बैठक में किसानों और विकास के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इसे निचे दिए गए पॉइंट के आधार पर समझें...



  • किसानों के लिए बड़ा बजट: सरकार ने 6 अलग-अलग विभागों की 16 योजनाओं को मंजूरी दी है। इस पर सरकार कुल 27 हजार 746 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
  • सिंचाई की सुविधा: वरला और पानसेमल में माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना (Micro Lift Irrigation Project) को हरी झंडी मिल गई है। इससे खेतों तक पानी पहुंचाना आसान होगा।
  • सरसों पर भावांतर: अब सरसों की फसल को भी भावांतर योजना में शामिल कर लिया गया है। इससे किसानों को सही दाम न मिलने पर घाटे से सुरक्षा मिलेगी।
  • बड़वानी में नई मंडियां: बड़वानी में एक आधुनिक और नई कृषि उपज मंडी बनेगी। खेतिया की पुरानी कृषि मंडी को अपग्रेड करके आदर्श कृषि उपज मंडी बनाया जाएगा।
  • मछली पालन को बढ़ावा: नई मत्स्य पालन नीति आएगी। इसमें कोल्ड चेन बनाने, मार्केटिंग, रेफ्रिजरेटेड वैन (ठंडी गाड़ियां) खरीदने और मछली का दाना बनाने वाले प्लांट लगाने पर सरकार सब्सिडी देगी।
  • एग्रीकल्चर की पढ़ाई: अब कॉलेजों में एग्रीकल्चर (कृषि) विषय को भी पढ़ाया जाएगा।
  • भीलटदेव का विकास: भीलटदेव इलाके को अब टूरिस्ट स्पॉट (पर्यटन स्थल) के तौर पर डेवलप किया जाएगा।
  • खिलाड़ियों का सम्मान: नेशनल शूटिंग चैंपियन वैष्णवी माहुले के पिता को सीएम ने शूटिंग अकादमी के लिए 5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है।

6 विभागों की 16 योजनाओं को मिली मंजूरी

सीएम मोहन यादव ने बताया कि किसानों के कल्याण के लिए कैबिनेट में 6 विभागों की कुल 16 योजनाओं को को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 27 हजार 746 करोड़ रुपए की राशि खर्च करने का प्रावधान किया गया है।



सिंचाई परियोजना को मिली मंजूरी

वरला, उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना

इस योजना के तहत नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. पानी उठाया जाएगा। इससे तहसील के 33 गांवों की 15 हजार 500 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की जाएगी। इस परियोजना की लागत 860 करोड़ 53 लाख रुपए है।



पानसेमल उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना

इस योजना के तहत पानसेमल तहसील के 53 गांवों की 22 हजार 500 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की जाएगी। इसके लिए नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. पानी उठाया जाएगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207 करोड़ 44 लाख रुपए है।



खेती और गांवों के विकास के इन योजनाओं को मिली मंजूरी

सरकार अलग-अलग विभागों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही है। इसे कुछ मुख्य हिस्सों में बांटा गया है, जो इस प्रकार है...



  • खेती-किसानी (तीन हजार 502 करोड़ रुपए): किसान कल्याण और कृषि विकास के लिए 3 खास योजनाएं चलाई जाएंगी। इनका पूरा फोकस खेती को बेहतर बनाने पर होगा।
  • डेयरी और पशुपालन ( नौ हजार 508 करोड़ रुपए): इस सेक्टर पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। इसमें चार योजनाओं के जरिए पशुपालकों की कमाई बढ़ाने की तैयारी है।
  • सहकारिता (Co-operative) को मजबूत करने के लिए आठ हजार 186 करोड़ रुपए का निवेश होगा।
  • सहकारिता (Co-operative) को मजबूत करने के लिए आठ हजार 186 करोड़ रुपए का निवेश होगा।
  • मछली पालन और नर्मदा घाटी (लगभग दो हजार 300 करोड़ रुपए): मछुआरों के कल्याण के लिए दो योजनाएं आएंगी, साथ ही नर्मदा घाटी के विकास पर भी बड़ी राशि खर्च की जाएगी।

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