मोहन यादव परिवार ने उज्जैन में खरीदी 168 एकड़ जमीन, कांग्रेस ने उठाए सवाल

Sanjay Dhiman | Jun 23, 2026, 16:26 IST
Share
mohan-yadav-family-168-acre-ujjain-land-row
Photograph: (the sootr)

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि CM मोहन यादव के परिवार ने उज्जैन में 137 प्लॉट यानी 168 एकड़ जमीन 45 करोड़ में खरीदी। इस पर कांग्रेस ने इस्तीफा मांगा है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • CM मोहन यादव परिवार ने उज्जैन में 137 प्लॉट यानी 168 एकड़ जमीन खरीदी।
  • खरीद की कुल कीमत करीब 45 करोड़ रुपए बताई गई है।
  • इसमें से 111 एकड़ जमीन सरकारी सड़क प्रोजेक्ट के पास है।
  • परिवार की जमीनें मास्टर प्लान 2035 के बदलाव वाले क्षेत्रों में हैं।
  • कांग्रेस ने रिपोर्ट के आधार पर सीएम के इस्तीफे की मांग की है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनका परिवार एक नई बहस में घिर गया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट ने हलचल मचा दी है। रिपोर्ट में जमीन खरीद को लेकर बड़े दावे किए गए हैं।

क्या कहती है रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार और परिवार से जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में कम से कम 137 प्लॉट खरीदे। ये प्लॉट कुल 168 एकड़ के हैं। इनकी कुल कीमत करीब 45 करोड़ रुपए बताई गई है।
मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से 2025 तक यह खरीद हुई।

किन लोगों के नाम सामने आए

रिपोर्ट में जिन नामों का जिक्र है, उनमें CM की पत्नी सीमा यादव शामिल हैं। बहू शालिनी यादव का नाम भी है। भाई नंदलाल और नारायण यादव, नारायण की पत्नी रेखा, उनके बेटे अभय यादव शामिल हैं। चचेरे भाइयों गोविंद और निलेश यादव के नाम भी जुड़े हैं। ये खरीद सीधे या परिवार की चार कंपनियों के जरिए हुई।

कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

इधर कांग्रेस ने इस रिपोर्ट को लपक लिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट साझा की। उन्होंने मध्य प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर ‘लूट के इंजन’ चलाने का आरोप लगाया।

रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने सीएम मोहन यादव से इस्तीफे की मांग की है। पार्टी इसे राजनीतिक नैतिकता का मुद्दा बना रही है।

भोपाल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस

इधर भोपाल में भी कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस की। इसमें एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिजनों ने उज्जैन व आसपास 168 एकड़ भूमि खरीद ली। आरोप है कि इन खरीदी गई जमीनों के आसपास बड़ी अधोसंरचना परियोजनाएं- जैसे ग्रीनफील्ड हाईवे- आईं और कई मामलों में जमीनें परियोजना प्रभावित क्षेत्रों से सटी हुई हैं।

पटवारी ने खरीदी का ब्योरा दिया और कहा कि चार रियल एस्टेट कंपनियों में सीमा व मोहन की प्रमुख हिस्सेदारी है । उन्होंने पूछा कि क्या योजना पहले आई थी या जमीन पहले खरीदी गई, क्या भूमि उपयोग बदला गया, और क्या मुख्यमंत्री या कैबिनेट ने निजी लाभ के बारे में चर्चा की। पटवारी ने निष्पक्ष जांच और पूरी पारदर्शिता की मांग की।

सड़क प्रोजेक्ट के पास खरीद का दावा

रिपोर्ट का सबसे बड़ा दावा सड़कों से जुड़ा है। 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उन्हीं इलाकों में है, जहां सरकार ने नई सड़क परियोजनाएं घोषित कीं। ये परियोजनाएं मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद घोषित हुईं।

विपक्ष इसी आधार पर सवाल उठा रहा है। आरोप है कि सरकारी जानकारी का निजी फायदा उठाया गया।

कुंभ और मास्टर प्लान का एंगल

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में उज्जैन में स्थायी कुंभ इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रस्ताव पर स्थानीय विरोध चल रहा था। उसी दौरान परिवार और कंपनियों ने 62 प्लॉट खरीदे। इनका क्षेत्रफल 92 एकड़ है।

यह भी कहा गया है कि परिवार की जमीनें उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत बदले गए क्षेत्रों में हैं। इन क्षेत्रों में जमीन का उपयोग कृषि से बदलकर आवासीय या व्यावसायिक किया गया। पंड्याखेड़ी में परिवार ने 18 एकड़ जमीन खरीदी, जिसे नए सिरे से व्यावसायिक टैग किया गया है।

CMO और परिवार का पक्ष

रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री और उनके कार्यालय ने अखबार की प्रश्नावली पर कोई जवाब नहीं दिया। राज्य सरकार के कुछ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि सीएमओ को परिवार के विस्तृत सदस्यों की डील से जोड़ना सही नहीं है।

परिवार की ओर से गोविंद यादव के बेटे अनंत यादव ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि परिवार 2010 से रियल एस्टेट में सक्रिय है। निजी व्यक्तियों को जमीन खरीदने, विकसित करने और बेचने का अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि गंगेड़ी की कुछ डील 2020 की हैं। संबंधित हाईवे की मंजूरी भी 2019 में हो चुकी थी।

विवाद के मुख्य बिंदु

मामला तीन सवालों पर टिका है। पहला, संपत्ति का मालिकाना हक। दूसरा, हितों का टकराव। तीसरा, कोई गैरकानूनी काम।

रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के पास सीएम बनने से पहले भी जमीन का बैंक था। लेकिन सीएम बनने के बाद खरीद की रफ्तार बढ़ी। यही तथ्य बहस का केंद्र है।

कांग्रेस के आरोप-परिवार का जबाव

जयराम रमेश, महासचिव, कांग्रेस (एक्स पोस्ट के आधार पर): मध्य प्रदेश की बीजेपी की डबल इंजन सरकार में ‘लूट का इंजन’ पूरी रफ्तार से चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम खुद इस लूट की अगुवाई कर रहे हैं। (स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर जयराम रमेश की एक्स पोस्ट)

अनंत यादव, परिवार के प्रवक्ता के रूप में बयान (इंडियन एक्सप्रेस को दिए जवाब के आधार पर): परिवार 2010 से रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय है। निजी व्यक्तियों को जमीन खरीदने, विकसित करने और बेचने का पूरा अधिकार है। गंगेड़ी की कुछ डील तो 2020 की हैं। (स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस की मूल रिपोर्ट)

यह खबरें भी पढ़ें...

इंदौर के जल संकट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हुए सख्त, अधिकारियों के साथ ली बैठक

एमपी गेहूं खरीदी में देश में आगे, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी खुशखबरी

एमपी बीजेपी कार्यसमिति का ऐलान, 41 स्थाई और 106 प्रदेश सदस्य नियुक्त

एमपी के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा राम भरोसे, प्रशासन को हादसे का इंतजार!

Tags:
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
  • नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
  • जयराम रमेश
  • उज्जैन
  • मास्टर प्लान
  • एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी
  • कुंभ
  • इंडियन एक्सप्रेस
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा