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Photograph: (the sootr)
BHOPAL.मोहन सरकार ने विधानसभा में 19,287.32 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया है। इसमें 1,650 करोड़ रुपए सिर्फ पुराने और नए कर्ज के ब्याज भुगतान के लिए रखे गए हैं।
सरकार ने एक ओर कर्ज का बोझ संभालने की कोशिश की है, तो दूसरी ओर सड़कों, सिंचाई, शहरी विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी बड़ा प्रावधान किया है। इस बजट पर चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने 23 फरवरी की तारीख तय की है।
कर्ज और ब्याज भुगतान पर कितना खर्च?
सरकार ने साफ किया है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता है। कुल 1,650 करोड़ रुपए ब्याज भुगतान के लिए,950 करोड़ रुपए नए कर्ज के ब्याज के लिए,700 करोड़ रुपए पुराने कर्ज के ब्याज के लिए यानी अनुपूरक बजट का बड़ा हिस्सा कर्ज प्रबंधन में जा रहा है।
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राजस्व और पूंजीगत मद का पूरा गणित
- इस बजट में खर्च को दो हिस्सों में बांटा गया है।
- राजस्व मद में 8,934.03 करोड़ रुपए,
- पूंजीगत मद में 10,353 करोड़ रुपए
- सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान
आपदा, वन और निवेश प्रोत्साहन पर फोकस
डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन निधि में राज्य अंश के रूप में 100 करोड़। वन विभाग में वनरोपण निधि पर ब्याज भुगतान के लिए 161 करोड़। औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग को निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 1,250 करोड़। यह संकेत है कि सरकार आपदा प्रबंधन और निवेश आकर्षण दोनों पर काम कर रही है।
वाणिज्यिक कर और श्रम विभाग को बड़ी राशि
राजस्व संग्रह और श्रमिक कल्याण को भी प्राथमिकता दी गई है। वाणिज्यिक कर विभाग को 1,388 करोड़,मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के लिए 615 करोड़। जिला खनिज फंड के लिए 321 करोड़ का प्रावधान। खनिज अधिनियम से रक्षित निधि के लिए 140 करोड़।
ऊर्जा और शहरी विकास में बड़ा निवेश
ऊर्जा और नगरीय ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़ा प्रावधान किया गया है। ऊर्जा कंपनियों को अल्पकालीन ऋण के लिए 2,630 करोड़। 15वें वित्त आयोग के तहत स्थानीय निकायों को 1,569 करोड़। मिलियन शहरों के लिए 248 करोड़,विभागीय संस्थाओं को अल्पकालीन ऋण के लिए 370 करोड़। सड़क, पुल और भू-अर्जन मुआवजा बुनियादी ढांचे के विकास को ध्यान में रखते हुए सड़क और पुल निर्माण पर भी खर्च तय किया गया है।
भू-अर्जन मुआवजे के लिए 1,337 करोड़
ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के लिए 225 करोड़। बड़े पुलों के निर्माण के लिए 125 करोड़। सिंचाई और ग्रामीण विकास पर जोर,कृषि और ग्रामीण क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी बड़ी राशि रखी गई है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास में अतिरिक्त स्टांप शुल्क अनुदान हेतु 605 करोड़। नर्मदा घाटी विकास परियोजनाओं के लिए 4,700 करोड़। जल संसाधन विभाग में बांध और नहरों के लिए 300 करोड़। जल जीवन मिशन के लिए 300 करोड़।
शिक्षा और युवाओं के लिए विशेष प्रावधान
युवाओं और विद्यार्थियों के हित में भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लिए 600 करोड़। मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के लिए 120 करोड़। तकनीकी शिक्षा, कौशल और रोजगार विभाग के अंतर्गत प्रावधान MSME व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए 213 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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मुख्य बातें एक नजर में-
- कुल अनुपूरकबजट:19,287.32 करोड़,
- ब्याज भुगतान: 1,650 करोड़,
- नर्मदा घाटी विकास: 4,700 करोड़,
- ऊर्जा कंपनियों को ऋण: 2,630 करोड़,
- निवेश प्रोत्साहन योजना: 1,250 करोड़,
- सड़क एवं भू-अर्जन: 1,337 करोड़,
- स्थानीय निकाय अनुदान: 1,569 करोड़
मोहन सरकार का तीसरा अनुपूरक बजट एक संतुलन साधने की कोशिश दिखाता है। एक तरफ कर्ज का दबाव है, तो दूसरी तरफ विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए बड़े प्रावधान।
अब 23 फरवरी को विधानसभा में होने वाली चर्चा के बाद साफ होगा कि विपक्ष इस बजट को किस नजर से देखता है और सरकार इसे कैसे आगे बढ़ाती है।
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