एमपी में 3 महीने में 28 हजार से ज्यादा सरकारी कर्मचारी रिटायर, कामकाज पर पड़ेगा असर
Kaushiki | Apr 02, 2026, 11:02 IST
mp
मध्य प्रदेश में जनवरी से मार्च 2026 के बीच विभिन्न विभागों में करीब 28 हजार अधिकारी और कर्मचारी रिटायर हुए हैं। इससे स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और राजस्व जैसे अहम विभागों में काम का बोझ बढ़ा है। इससे सरकारी सेवाओं की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में जनवरी से मार्च 2026 के बीच करीब 28 हजार सरकारी कर्मचारी रिटायर हुए।
- सबसे ज्यादा असर स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और राजस्व विभाग पर पड़ा।
- अनुभवी कर्मचारियों के जाने से फाइलों की प्रोसेसिंग और सेवाओं की डिलीवरी भी धीमी हो गई है।
- एक्सपर्ट का कहना है कि HRM (Human Resource Management) और ट्रेड मैनेजमेंट जरूरी है।
MP में खाली होंगी 28 हजार सरकारी कुर्सियां
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किस विभाग में कितने रिटायर होंगे?
स्वास्थ्य विभाग में 6 हजार 50, गृह यानी पुलिस विभाग में 46 सौ, राजस्व विभाग में 27 सौ, लोक निर्माण विभाग में 21 सौ, नगरीय प्रशासन में 14 सौ 50 ऊर्जा विभाग में 12 सौ और अन्य विभागों में 42 सौ कर्मचारी रिटायर हुए हैं। इन सभी का कुल जोड़ करीब 28 हजार बनता है।
सेवाओं की रफ्तार पर क्या असर पड़ेगा?
राजस्व, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विभागों में काम का बोझ न्यू या जूनियर अधिकारियों पर आएगा। फाइलों की प्रोसेसिंग और सेवाओं की डिलीवरी दोनों प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा जिन विभागों में पहले से स्टाफ कम है, वहां लंबित कामों का बैकलॉग और बढ़ेगा।
सरकारी काम-काज की एक और बड़ी चुनौती यह है कि सरकार को तत्काल समाधान के रूप में संविदा कर्मचारियों या आउटसोर्सिंग पर निर्भर रहना पड़ सकता है। इससे जवाबदेही और गुणवत्ता पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं।
रिटायरमेंट का दबाव क्यों बढ़ रहा है?
ई भर्तियों में देरी और सीमित भर्तियों की वजह से स्थायी कर्मचारियों की संख्या लगातार कम हो रही है। सेवा वितरण व्यवस्था पर यह एक संरचनात्मक दबाव है, जो अचानक नहीं, बल्कि दशकों से बन रहा था।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
उनके मुताबिक, रिटायरमेंट प्लानिंग के साथ HRM (Human Resource Management) यानी मानव संसाधन प्रबंधन जरूरी है। ट्रेड मैनेजमेंट को भी इसके साथ जोड़ना होगा।
आगे क्या होगा?
यानी किसी अधिकारी के जाने के बाद उसकी जगह तैयार करने की योजना और डिजिटल सेवाओं के जरिए काम का बोझ कम करने की कोशिश जरूरी होगी। राज्य में लगातार 'एजिंग वर्कफोर्स' यानी बुजुर्ग होती कार्यबल की स्थिति बनी हुई है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
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