एमपी विधानसभा: भागीरथपुरा पर सदन में नहीं हुई चर्चा, सदन से कांग्रेस का वॉकआउट

मध्य प्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हुई, जिसके बाद कांग्रेस ने वॉकआउट किया। सरकार ने कार्रवाई की बात कही, जबकि विपक्ष ने इस पर चर्चा की मांग की।

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Sandeep Kumar
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News in Short

मध्यप्रदेश विधानसभा में भागीरथपुरा मुद्दे पर विपक्ष और सरकार के बीच हंगामा हुआ।
कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया और स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सरकार की कार्रवाई और जांच आयोग का गठन बताया।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ितों को साफ पानी देने में असफल रही।

News in Detail

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवे दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ। भागीरथपुरा के मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष में गतिरोध बना रहा। विपक्ष सदन में चर्चा की मांग करता रहा। एक बार सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित भी किया गया। बाद में कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया। इस दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि घटना के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। पीड़ितों के इलाज, पानी की जांच और नई पाइपलाइन का काम शुरू किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।

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90 साल पुरानी बस्ती

विजयवर्गीय ने कहा, यह 90 साल पुरानी बस्ती है। यहां अशिक्षित लोग रहते हैं, और नगर निगम कर्मचारियों के लिए यहां काम करना मुश्किल होता है। इस कारण कर्मचारी ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि महापौर ने टेंडर जारी किए थे, लेकिन काम समय पर शुरू नहीं हो पाया।

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लोगों को साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी

इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि लोगों को साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "काला पानी की सजा तो सुनी है, लेकिन यहां तो लोगों को काला पानी पिलाया जा रहा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस पर सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है।

विपक्ष ने इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की, तो स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, "विधानसभा की नियमावली के नियम 55 के उपखंड 5 के अनुसार स्थगन प्रस्ताव में उस विषय पर चर्चा नहीं होगी, जिस पर सदन में पहले ही चर्चा हो चुकी है।"

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दोषियों पर कार्रवाई की है: खंडेलवाल

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भागीरथपुरा की घटना पर कहा कि नगरीय निकाय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सरकार के पक्ष को स्पष्ट किया। खंडेलवाल ने बताया कि सरकार ने दोषियों पर कार्रवाई की है और जांच आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सबक सीखा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।

कौन विधायक क्या बोले ?

कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने कहा कि जब मैंने सदन में VB-G RAM G के नाम बदलने का मुद्दा उठाया, तो बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने आपत्ति ली। इस पर मैंने उनसे भगवान श्रीराम की माता का नाम पूछा, लेकिन वे इसका जवाब नहीं दे पाए। लोधी ने जवाब में कहा कि उन्होंने मुझसे कौरवों के नाम पूछे, लेकिन मैं भी उनका जवाब नहीं दे पाया। अगर वे जवाब दे देते, तो मैं उनके सवालों का जवाब दे देता।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि आज कैलाश जी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। माहौल भी कुछ अलग दिख रहा है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "किसी की बर्बादी के आसार नहीं हैं। होली का त्योहार आ रहा है, सभी को खुश रहना चाहिए, रिश्तों में मिठास और मुस्कान बनी रहनी चाहिए।"

प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक अजय बिश्नोई ने विधानसभा में बताया कि भोपाल नगर निगम ने 10 मेगावाट बिजली की आपूर्ति के लिए एक निजी कंपनी से समझौता किया है। इस समझौते के तहत नगर निगम को लगभग 35 साल तक 3 से 3.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी।

कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी पर भगवान श्रीराम की माता का नाम नहीं बता पाने का आरोप लगाया। इसके जवाब में लोधी ने कहा- मैंने उनको कहा कि मैं तुम्हें क्यों बताऊंगा? तुम कौन होते हो, पूछने वाले? लोधी ने आगे कहा- तुम कौरवों के नाम बता दो। वे नहीं बता पाए। अगर वे बता देते तो मैंने उनके सवालों के जवाब दे देता।

कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने बजट पर कहा कि सरकार 2047 में 22 लाख 35 हजार प्रतिव्यक्ति आय का दावा कर रही है। उन्होंने इसे गुमराह करने वाला बताया। मरकाम ने वित्तीय प्रबंधन में 33 हजार करोड़ का ब्याज देने की बात की। उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों को चार से पांच हजार रुपये सैलरी मिलने का आरोप लगाया। डिंडोरी में छह साल से लगे पेड़ों की खराब हालत का जिक्र किया। उत्कृष्ट विद्यालयों में संसाधनों की कमी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पानी और खेल मैदान की कमी है। किसानों के साथ इंसाफ नहीं हो रहा है।

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