SRS 2024: बड़े परिवार में MP देश में नंबर वन, तेजी से बढ़ रही आबादी
Amresh Kushwaha | Jun 13, 2026, 14:30 IST
बड़े परिवार में MP देश में नंबर वन
एसआरएस (SRS) 2024 रिपोर्ट के मुताबिक चौथे या उससे अधिक बच्चे के जन्म में मध्यप्रदेश देश में पहले नंबर पर है। यहां जन्म दर 6.5% है जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- एसआरएस रिपोर्ट 2024 मेंमध्यप्रदेश को लेकर चौंकाने वाला खुलासाहुआ है।
- चौथे या उससे अधिक बच्चे के जन्मके मामले में MP देश में पहले नंबर परहै।
- यहां जन्म दर 6.5% है जो पूरे देशमें सबसे ज्यादा है।
- प्रदेश में हर घंटे257 बच्चे जन्म लेते हैं यानी रोज 5600से ज्यादा।
- मातृ मृत्यु दर यानी एमएमआर135 हैजो देश के औसत 87 से काफी अधिक है।
MP में जन्म दर सबसे ज्यादा क्यों?
यह खुलासा हाल में जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) बुलेटिन 2024 में हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में साक्षरता और जागरूकता की कमी इसकी बड़ी वजह है।
हर घंटे 257 बच्चे, रोज 5600
प्रदेश की ग्रामीण जन्म दर 24.3 प्रति हजार है जो देश में तीसरे नंबर पर है। कुल मिलाकर प्रदेश में हर घंटे 257 बच्चे जन्म ले रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि रोजाना करीब 5600 नए बच्चे प्रदेश में पैदा हो रहे हैं।
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राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है यहां की जन्म दर
बड़े परिवारों में बिहार दूसरे नंबर पर है। मध्यप्रदेश में हर 100 बच्चों में 6.1 बच्चे चौथे या उससे बाद जन्मे हैं। देश का यह आंकड़ा 5.1% है।
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28.2% माताएं रखती हैं दो बच्चों में 3 साल का अंतर
हर हजार लोगों पर 16 नए सदस्य जुड़ रहे
शिशु मृत्यु दर के आंकड़े भी चिंताजनक
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मातृ मृत्यु दर देश के औसत से डेढ़ गुना
आने वाले समय में क्या होगा असर?
FAQ
- एसआरएस 2024 रिपोर्ट में मध्यप्रदेश को लेकर क्या खुलासा हुआ?
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी एसआरएस 2024 बुलेटिन के मुताबिक मध्यप्रदेश में चौथे या उससे अधिक बच्चे के जन्म का आंकड़ा 6.5% है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। राष्ट्रीय औसत 3.5% है। प्रदेश में हर घंटे 257 बच्चे जन्म लेते हैं और प्राकृतिक विकास दर 15.8 है जो राष्ट्रीय औसत 11.9 से काफी अधिक है। - मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर कितनी है?
मध्यप्रदेश की मातृ मृत्यु दर 135 है जबकि देश का औसत 87 है। यह राष्ट्रीय औसत से लगभग डेढ़ गुना अधिक है। इसके अलावा कुल शिशु मृत्यु दर 35, शहरी शिशु मृत्यु दर 28 और ग्रामीण शिशु मृत्यु दर 37 है। ग्रामीण शिशु मृत्यु दर में प्रदेश छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के बाद देश में तीसरे नंबर पर है। - मध्यप्रदेश में जन्म दर ज्यादा क्यों है?
विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में साक्षरता और जागरूकता की कमी इसकी मुख्य वजह है। दक्षिणी राज्यों जैसे तमिलनाडु और केरल में जन्म दर 11 से 12 प्रति हजार है क्योंकि वहां शिक्षा और परिवार नियोजन की पहुंच बेहतर है। मध्यप्रदेश में यह दर 22.5 प्रति हजार है।
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