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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- श्योपुर में सेवानिवृत्त शिक्षक को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी पर लगाया गया।
- शिक्षक 31 जनवरी को रिटायर हो चुके थे, फिर भी ड्यूटी आदेश जारी हुआ।
- शिक्षा विभाग ने गलती मानकर ड्यूटी सूची में सुधार की बात की।
- रतिराम जाटव ने अधिकारियों को रिटायरमेंट की जानकारी दी थी।
- विभागीय लापरवाही से बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर सवाल उठे।
NEWS IN DETAIL
sheopur. मध्य प्रदेश की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में श्योपुर जिले के विजयपुर विकासखंड से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने एक ऐसे शिक्षक की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगा दी, जो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो चुका था। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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टीचर की सेवानिवृत्ति और ड्यूटी का मामला
श्योपुर के जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्ग ने शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल गसवानी के परीक्षा केंद्र के लिए शिक्षक की ड्यूटी सूची जारी की। इस सूची में 15वें नंबर पर रतिराम जाटव का नाम था, जो शासकीय प्राथमिक विद्यालय मोगियापुरा के प्राथमिक शिक्षक थे। लेकिन, रतिराम जाटव ने 31 जनवरी को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके थे। इसके बावजूद, उन्हें बोर्ड परीक्षा में पर्यवेक्षक की ड्यूटी दे दी गई। यह गलती शिक्षा विभाग की लापरवाही को दर्शाती है।
शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी क्या कहते हैं?
रतिराम जाटव, जिनकी ड्यूटी पर्यवेक्षक के तौर पर लगाई गई थी, ने कहा कि उन्होंने यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी कि वह अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई बदलाव नहीं किया गया। श्योपुर के डीईओ एमएल गर्ग ने इसे गलती करार दिया और कहा कि शिक्षक का नाम गलत तरीके से लिख दिया गया है, लेकिन अब वे इसे सुधार कर दूसरे शिक्षक की ड्यूटी लगाएंगे।
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सवाल उठते हैं विभागीय गंभीरता पर
यह पूरी घटना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। सवाल यह है कि क्या ड्यूटी आदेश जारी करने से पहले कर्मचारियों की सेवा स्थिति की जांच नहीं की जाती? क्या विभागीय अधिकारी इतने लापरवाह हैं कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का नाम ड्यूटी सूची में शामिल कर देते हैं?
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