मंत्री विजय शाह के बचाव की रणनीति तैयार, सुप्रीम कोर्ट में कल सरकार मांग सकती है समय

मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान के बाद सरकार ने उनके बचाव की योजना बनाई है। सुप्रीम कोर्ट में 9 फरवरी को सुनवाई होनी है, जिसमें सरकार समय मांग सकती है।

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Sanjay Dhiman
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Strategy for defense of Minister Vijay Shah ready

Photograph: (the sootr)

NEWS IN SHORT

  • सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: 9 फरवरी को मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर कोर्ट में बड़ी सुनवाई।
  • बचाव की रणनीति:मोहन यादव सरकार कोर्ट से 2 हफ्ते का समय मांग सकती है।
  • चौथी बार माफी: विजय शाह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए चौथी बार सार्वजनिक माफी मांगी है।
  • विपक्ष का हमला: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
  • SIT की रिपोर्ट: जांच टीम ने रिपोर्ट सौंप दी है, अब फैसला कोर्ट के पाले में है। 

NEWS IN DETAIL

BHOPAL. कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देकर उलझन में फंसे एमपी के मंत्री कुंवर विजय शाह को बचाने के लिए सरकार ने पूरा जोर लगा दिया है। खुद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पिछले कुछ दिनों से इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व से बात कर रहे हैं। 

अब तक वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से लेकर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुलाकात कर मंत्री को बचाने को लेकर बैठक कर चुके हैं। सीएम के साथ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर ही विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से मीडिया में कर्नल सोफिया पर दिए गए बयान को लेकर माफी मांगी थी। 

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9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई

मंत्री शाह के इस विवादित बयान पर सोमवार यानी 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई है। ऐसा माना जा रहा है की सुनवाई के दौरान मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही किए जाने के प्रश्न पर सुप्रीम कोर्ट फैसला ले सकती है।

इधर सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए रणनीति भी तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार सरकार हाल फिलहाल इस मामले में दो हफ्ते का समय मांग सकती है। तब तक विजय शाह को इस मामले से निकालने के लिए एग्जिट प्लान बना लिया जाएगा।

शाह का चौथी बार सार्वजनिक रूप से मीडिया में माफी मांगना भी इसी प्लान का हिस्सा बताया जा रहा है। इस माफी में मंत्री शाह ने कहा है कि उनके शब्द किसी को ठेस पहुंचाने के इरादे से नहीं थे और वे देशभक्ति के आवेश में कहे गए। उन्होंने भविष्य में इस तरह की कोई टिप्पणी न करने का भरोसा भी दोहराया है।

इधर विपक्ष कर रहा इस्तीफे की मांग

एक और सरकार मंत्री विजय शाह को इस कानूनी पचड़े से निकालने की रणनीति बना रही है वहीं विपक्ष मंत्री शाह के इस्तीफे की मांग कर रहा है। 

सरकार भी टेंशन में 

मंत्री का बयान सेना के अफसर के खिलाफ होने के कारण ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अब राजनीतिक नहीं रहा। ये संवैधानिक और कानूनी रूप भी ले चुका है। ऐसे में सरकार भी तनाव में है कि कहीं सुप्रीम कोर्ट मंत्री के खिलाफ कोई सख्त निर्णय पारित ना कर दे। 09 फरवरी सोमवार को सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर होंगी।

क्या वो मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की अनुमति देता है या नही। वहीं दूसरी तरफ देखना होगा की सरकार अपने तर्कों से किस हद तक सुप्रीम कोर्ट को संतुष्ट करके मंत्री को राहत दिलवा पाती है। दरअसल कोर्ट के इस फैसले का असर न सिर्फ मंत्री विजय शाह के राजनीतिक भविष्य पर पड़ेगा, बल्कि मोहन यादव सरकार और बीजेपी की रणनीति पर भी इसका दूरगामी असर देखने को मिल सकता है। 

11 मई 2025 को दिया था विवादित बयान

मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को कर्नल सोफिया कुरैशी पर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणी की। जिससे विवाद शुरू हुआ। इस मामले में हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी कार्रवाई चली, जिसमें SIT जांच और माफी के प्रयास शामिल हैं।

टाइमलाइन के साथ ऐसे समझें मामले को

  • 11 मई 2025- इंदौर के महू (रायकुंडा गांव) में हलमा कार्यक्रम में विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी की ("उनकी बहन को ही उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा")। 
  • 13 मई 2025- माफी मांगी, लेकिन भाजपा हाईकमान ने फटकार लगाई।                         
  • 14 मई 2025-मप्र हाईकोर्ट जबलपुर ने स्वतः संज्ञान ले FIR का आदेश दिया। रात 11 बजे मानपुर थाने में FIR दर्ज। 
  • 15 मई 2025- हाईकोर्ट ने FIR की भाषा पर नाराजगी जताई।                                                                                 
  • 16 मई 2025- हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका।                                
  • 17 मई 2025- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, अगली तारीख 19 मई।                                       
  • 19 मई 2025- सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई ("मंत्री होकर कैसी भाषा?"), SIT गठन का आदेश, गिरफ्तारी पर रोक।
  • 20 मई 2025- SIT ने जांच शुरू की।                                                                              
  • अगस्त 2025- SIT ने जांच पूरी कर सरकार से अभियोजन मंजूरी मांगी।                      
  • 18-19 जनवरी 2026-  सुप्रीम कोर्ट ने माफी को देर से बताया, SIT जांच पूरी होने पर सरकार को 2 हफ्ते में अभियोजन फैसला लेने का निर्देश।
  • 6 फरवरी 2026- विजय शाह ने इंदौर में सार्वजनिक माफी मांगी।                                   
  • 7 फरवरी 2026- फिर माफी मांगी, दिल्ली रवाना, SC ने माफी नामंजूर की।       

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वर्तमान स्थिति

SIT ने अगस्त 2025 में जांच पूरी की, लेकिन सरकार ने अब तक अभियोजन की मंजूरी नहीं दी। सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी 2026 को 2 हफ्ते का समय दिया। अगली सुनवाई 9 फरवरी 2026 को संभावित। मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।               

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