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तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ का प्रावधान
MP Budget 2026: मध्य प्रदेश सरकार ने वेदांत पीठ की स्थापना का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए बजट में पांच सौ करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह पीठ भारतीय दर्शन और ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनेगी।
साथ ही, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी मजबूती मिली है। बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा हेतु 50 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे अब अधिक श्रद्धालु धार्मिक स्थलों की यात्रा कर पाएंगे।
क्या है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक खास पहल है। इस योजना के तहत राज्य के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों की निशुल्क यात्रा कराई जाती है।
सरकार यात्रियों के खाने-पीने, ठहरने और गाइड की पूरी जिम्मेदारी उठाती है। हाल ही में उज्जैन से काशी और अयोध्या के लिए भारत गौरव मानस खंड एक्सप्रेस रवाना हुई।
इसमें करीब 200 से ज्यादा यात्रियों का चयन कम्प्यूटराइज्ड लॉटरी के जरिए किया गया। यात्रा के दौरान बुजुर्गों की सुविधा के लिए विशेष अनुरक्षक तैनात रहते हैं। यह योजना उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरदान है, जो आर्थिक कारणों से तीर्थ दर्शन नहीं कर पाते थे।
पर्यटन और संस्कृति का ग्लोबल अवतार
मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा रहा है। ओंकारेश्वर और भेड़ाघाट जैसे 8 जगहों पर रोप-वे बनेंगे। धार्मिक पर्यटन के लिए 17 नए लोक बनाए जा रहे हैं।
खजुराहो को दुनिया के टॉप 50 पर्यटन स्थलों में शामिल करेंगे। ओरछा को भी वैश्विक स्तर पर विकसित किया जा रहा है। महेश्वर में देवी अहिल्या लोक की स्थापना की जाएगी। इससे प्रदेश के इतिहास को सजीव रूप में पेश करेंगे।
जनजातीय विरासत और बोलियों का संरक्षण
सरकार जनजातीय संस्कृति को बचाने के लिए भी काम कर रही है। खजुराहो में देश का पहला पारंपरिक कला गुरुकुल बना है। जनजातीय गीतों और मौखिक साहित्य को अब सहेजा जा रहा है। पहली बार पांच विमुक्त समुदायों की टॉकिंग डिक्शनरी बनी है। इससे विलुप्त हो रही बोलियों को नया जीवन मिलेगा।
हवाई सफर और तीर्थ दर्शन की सुविधा
बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना चलती रहेगी। इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। साल 2026-27 में हजारों बुजुर्गों ने तीर्थ यात्रा की है।
हवाई यात्रा के क्षेत्र में भी MP तेजी से बढ़ा है। रीवा, खजुराहो, दतिया और इंदौर के बीच उड़ानें शुरू हैं। अब चित्रकूट और नई दिल्ली पहुंचना भी आसान हो गया है। सरकार हर जिले को हवाई मार्ग से जोड़ना चाहती है।
सिंहस्थ 2028 के लिए खास पैकेज
उज्जैन में होने वाला उज्जैन सिंहस्थ 2028 महापर्व हिंदू धर्म का बड़ा संगम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसके लिए समय पर तैयारी कर रहे हैं।सरकार ने सिंहस्थ के लिए 13 हजार 8 सौ 51 करोड़ के काम स्वीकृत किए हैं।
इंदौर-उज्जैन मार्ग को अब 6-लेन चौड़ा किया जा रहा है। एक नया ग्रीनफील्ड हाईवे भी 1,370 करोड़ में बनेगा। उज्जैन बायपास के लिए भी 701 करोड़ की राशि तय है। साल 2026-27 के बजट में 3 हजार 60 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा, 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का खास प्रावधान रखा गया है। ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
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