बिल्डिंग परमिशन के लिए नजूल NOC के झंझट से मिलेगी मुक्ति? सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट
Aman Vaishnav | Oct 15, 2026, 10:09 IST
मध्य प्रदेश में बिल्डिंग परमिशन के लिए नजूल एनओसी की अनिवार्यता खत्म!
अगर आप मध्य प्रदेश में रहते हैं और अपना नया घर, दुकान या मकान बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर आई है। अब आपको मकान बनाने की इजाजत लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
एमपी में नहीं होगी नजूल एनओसी की जरूरत
सीधे शब्दों में कहें तो, अब मकान, दुकान या दूसरी इमारत बनवाने की मंजूरी के लिए नजूल एनओसी की प्रमाणित कॉपी लगाना जरूरी नहीं होगा। इससे लोगों को भवन निर्माण की अनुमति लेने में राहत मिलेगी।
क्या था अब तक का पुराना नियम?
विक्रय विलेख या पट्टा विलेख (Sale Deed or Lease Deed): यानी आपकी जमीन की पक्की रजिस्ट्री।
खसरा-नक्शा और खतौनी अभिलेख (Khasra Naksha and Khatauni Records): जमीन के सरकारी रिकॉर्ड।
नजूल एनओसी की प्रमाणित प्रति (Certified Copy of Nazul NOC): नजूल विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र।
इन तीनों कागजों में सबसे ज्यादा समय और परेशानी नजूल की एनओसी हासिल करने में ही आती थी। इसके बिना फाइल आगे नहीं बढ़ती थी। नक्शा पास कराने का काम महीनों अटका रहता था।
नए संशोधन प्रस्ताव में क्या बदला है?
ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक, नियम 16 के उपनियम 11 के खंड (ग) को पूरी तरह से हटाया जा रहा है।
खंड (क) और (ख) पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
इसका सीधा मतलब यह है कि अब आवेदक को केवल अपनी रजिस्ट्री या पट्टा और साथ में खसरा-खतौनी का नक्शा ही देना होगा।
अब नजूल के कागज के लिए विभागों की दौड़ लगाने की कोई मजबूरी नहीं बचेगी।
15 दिन में मांगे सुझाव और दावे-आपत्तियां
जैसे ही यह 15 दिन की समय-सीमा पूरी होगी, सरकार इन सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार करेगी। इसके तुरंत बाद इस संशोधन को अंतिम रूप देकर पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। इससे आम नागरिकों का समय बचेगा। साथ ही घर बनाने की शुरुआत बिना किसी फालतू कागजी झंझट के हो सकेगी।
(Nazul NOC) नजूल एनओसी क्या है ?
बिल्डिंग परमिशन देते समय प्रशासन यह दस्तावेज इसलिए मांगता था, ताकि सरकारी या लीज पर दी गई जमीन पर अवैध निर्माण न हो। लेकिन कई बार अपनी रजिस्ट्री वाली जमीन के लिए भी लोगों को यह कागज बनवाने में महीनों लग जाते थे। इसके लिए उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।
FAQ
1. मध्य प्रदेश में अब बिल्डिंग परमिशन लेने के लिए कौन से दस्तावेज लगेंगे?
नए नियम के लागू होने के बाद आपको केवल दो प्रमुख दस्तावेजों की जरूरत होगी। पहला आपकी जमीन का विक्रय विलेख या पट्टा विलेख (रजिस्ट्री)। दूसरा खसरा नक्शा तथा खतौनी अभिलेख। नजूल एनओसी की अनिवार्यता खत्म की जा रही है।
2. एमपी में नजूल एनओसी खत्म करने का यह नया नियम कब से लागू होगा?
सरकार ने संशोधन के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन पर आम जनता से 15 दिन के भीतर दावे-आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इस 15 दिन की अवधि के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार कर इस नियम को औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।
3. एमपी में नजूल एनओसी खत्म होने से आम आदमी को क्या फायदा मिलेगा?
पहले घर या दुकान का नक्शा पास कराने के लिए नजूल विभाग से एनओसी की प्रमाणित प्रति लेना अनिवार्य था। इसमें बहुत समय खराब होता था। दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब इस एनओसी की बाध्यता खत्म होने से बिल्डिंग परमिशन का काम बेहद आसान और तेज गति से हो सकेगा।
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