मोहन कैबिनेट की बैठक आज, हर विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसर बनाने और बिजली उत्पादन पर होगी चर्चा
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार सभी 230 विधानसभा सीटों पर खेल परिसर बनाएगी।
- यह फैसला 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
- आज कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।
- बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे।
- बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए 2800 मेगावाट क्षमता का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
230 सीटों पर खेल परिसर बनेंगे
राज्य सरकार प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर खेल परिसर बनाएगी। यह फैसला बड़ा माना जा रहा है। खेल परिसर स्टेडियम की तरह होंगे। इनमें आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और बैडमिंटन जैसे कई खेल यहां खेले जा सकेंगे। इसके अलावा यहां खेल प्रतिभाओं को नियमित ट्रेनिंग भी मिल सकेगी। सरकार का लक्ष्य है कि यह काम 2028 से पहले पूरा हो जाए। इसी प्रस्ताव पर आज कैबिनेट में मुहर लग सकती है।
आज कैबिनेट में क्या होगा तय
मंगलवार, 22 सितंबर की सुबह 11 बजे मंत्रालय में कैबिनेट बैठक शुरू होगी। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। बैठक में हर विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसर बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। सरकार चाहती है कि हर सीट के युवाओं को खेल सुविधा मिले। अभी कई इलाकों में अच्छे खेल मैदान नहीं हैं। इस वजह से यह योजना अहम मानी जा रही है। इससे गांव और शहर दोनों के खिलाड़ियों को फायदा होगा। प्रस्ताव पास होने के बाद जिलों में जमीन चिन्हित करने का काम शुरू होगा।
नए जिलों में पीएचई दफ्तर
बैठक में तीन नए जिलों से जुड़ा प्रस्ताव भी आ सकता है। ये जिले हैं मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा। इन जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए दफ्तर खोले जाने हैं। इस विभाग को पीएचई (Public Health Engineering) कहा जाता है।
यह विभाग पानी सप्लाई और सफाई से जुड़े काम देखता है। नए दफ्तर खुलने से इन जिलों में काम तेज होगा। साथ ही कई नए पद भी बनाए जा सकते हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। नए जिले बनने के बाद प्रशासनिक ढांचा मजबूत करना जरूरी हो गया था।
बिजली उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
कैबिनेट में एक और बड़ा प्रस्ताव बिजली से जुड़ा है। ऊर्जा विभाग नया थर्मल पावर प्लांट लगाना चाहता है। इस प्लांट की क्षमता 2800 मेगावाट होगी। इसके लिए टेंडर जारी करने की मंजूरी मांगी जाएगी। यानी अब निजी कंपनियां इस काम के लिए बोली लगा सकेंगी। सरकार चाहती है कि बिजली उत्पादन जल्द बढ़े। इससे आने वाले सालों में बिजली की कमी नहीं होगी। नया प्लांट लगने से हजारों लोगों को रोजगार भी मिल सकता है।
अभी कितनी बिजली मिलती है
अभी मध्य प्रदेश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता करीब 28 हजार 142 मेगावाट है। इसमें से थर्मल पावर की हिस्सेदारी 16 हजार 294 मेगावाट है। यह कुल क्षमता का लगभग 60 फीसदी है। बाकी हिस्सा सौर, पवन और जल बिजली से आता है। राज्य में बिजली की मांग हर साल बढ़ रही है। घर, खेती और उद्योग तीनों में बिजली की खपत बढ़ी है। इसलिए सरकार नए प्लांट पर जोर दे रही है।
2035 तक कितनी बिजली चाहिए
आने वाले सालों में मध्य प्रदेश को बहुत ज्यादा बिजली चाहिए होगी। सरकार का अनुमान है कि 2030 से 2035 के बीच बिजली मांग बहुत बढ़ेगी। इस दौरान करीब 45 हजार मेगावाट बिजली चाहिए होगी। यह आज की क्षमता से लगभग डेढ़ गुना ज्यादा है। इसी वजह से नए पावर प्लांट लगाना जरूरी हो गया है। सरकार का मानना है कि समय रहते तैयारी जरूरी है। अगर अभी टेंडर नहीं निकाले गए तो आगे बिजली संकट हो सकता है। इसलिए यह प्रस्ताव कैबिनेट की प्राथमिकता में है।
खेल परिसर से युवाओं को फायदा
खेल परिसर की योजना सिर्फ स्टेडियम बनाने तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि गांव के बच्चे भी बड़े खिलाड़ी बन सकें। अभी कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुविधा न होने से पीछे रह जाते हैं। नए खेल परिसर बनने से यह कमी दूर होगी। हर सीट पर मैदान होने से बच्चों को घर के पास ट्रेनिंग मिलेगी। इससे राज्य में खेल संस्कृति भी मजबूत होगी। आने वाले सालों में मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकते हैं। साथ ही जिला स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं भी ज्यादा होंगी।
पिछले कुछ सालों में मध्य प्रदेश ने खेल क्षेत्र में काफी निवेश किया है। कई शहरों में नए स्टेडियम और स्पोर्ट्स एकेडमी बनी हैं। इसके बावजूद छोटे कस्बों और गांवों में खेल सुविधाएं कम हैं। यह नई योजना इसी कमी को पूरा करने के लिए लाई जा रही है। हर विधानसभा में खेल परिसर बनने से यह अंतर कम होगा। इससे प्रदेश के खेल ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा।
उद्योग को भी होगा फायदा
बिजली उत्पादन बढ़ाने का फैसला भी राज्य के विकास से जुड़ा है। उद्योगों को लगातार बिजली मिलना जरूरी होता है। नए उद्योग लगाने के लिए भी पर्याप्त बिजली चाहिए। सरकार चाहती है कि निवेशकों को बिजली की कमी न हो। इसी वजह से नए थर्मल पावर प्लांट पर काम शुरू किया जा रहा है। साथ ही सौर और पवन ऊर्जा पर भी काम जारी है।
कैबिनेट बैठक का आगे असर
सरकार के इस फैसले से खेल और बिजली दोनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आएगा। दोनों प्रस्ताव आज कैबिनेट की बैठक में रखे जाएंगे। बैठक के बाद मंत्री इसकी पूरी जानकारी मीडिया को देंगे। इसके बाद साफ होगा कि कौन से प्रस्ताव पास हुए हैं। जनता को भी इन फैसलों का सीधा असर आने वाले समय में दिखेगा। खेल परिसर बनने से युवाओं को नया मौका मिलेगा। वहीं बिजली बढ़ने से हर घर और उद्योग को फायदा होगा।
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