मध्य प्रदेश में 60 हजार करोड़ का हिसाब गायब, सरकारी अफसरों ने नहीं दिए सबूत
Aman Vaishnav | Jul 24, 2026, 12:46 IST
मध्य प्रदेश में 60 हजार करोड़ का हिसाब गायब
मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों ने 60 हजार करोड़ रुपए के 81 हजार उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) जमा नहीं किए हैं। यह खुलासा कैग की रिपोर्ट में हुआ है। उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा न होने से सरकारी धन के दुरुपयोग और गबन का खतरा बढ़ जाता है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश के कई विभागों ने बड़ी रकम खर्च की।
- लेकिन 81 हजार उपयोगिता प्रमाण-पत्र अब तक नहीं दिए।
- यह रकम 60 हजार 113 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
- कैग ने इसे वित्तीय नियमों का उल्लंघन बताया है।
- सामाजिक न्याय विभाग जैसे कई विभाग जांच के घेरे में हैं।
बड़ा खुलासा
इनमें से 61 हजार 507 प्रमाण-पत्र यानी 76 प्रतिशत सिर्फ 2024-25 से जुड़े हैं। इस दौरान विभागों ने 42 हजाजर 305 करोड़ रुपए खर्च भी कर दिए। बाकी 24 प्रतिशत मामले बीते 10 साल के हैं।
कैग ने इसे वित्तीय नियमों और निर्देशों का सीधा उल्लंघन बताया है। रिपोर्ट में कहा गया कि यह शासन के कमजोर नियंत्रण तंत्र को दिखाता है। बता दें कि यह खुलासा कैग की 2024-25 राज्य वित्त रिपोर्ट में हुआ है।
सामाजिक न्याय विभाग का मामला
कुल मिलाकर विभाग ने 53 करोड़ पांच लाख रुपए खर्च किए। इसके बदले सिर्फ 5 लाख रुपए के उपयोगिता प्रमाण-पत्र दिए गए। विभाग ने जवाब में कहा कि प्रमाण-पत्र जिलों से लेकर पेश किए जाएंगे।
कैग ने यह जवाब स्वीकार नहीं किया। क्योंकि वजह साफ थी मामला पांच साल पुराना था।
5 विभाग, भारी बकाया
| विभाग | राशि (करोड़ रुपए) |
|---|---|
| पंचायती राज विकास | 20,453 |
| सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण | 20,045 |
| ग्रामीण विकास | 8,051 |
| नगरीय विकास एवं आवास विभाग | 3,053 |
| खाद्य, नागरिक आपूर्ति | 2,181 |
क्यों जरूरी है सर्टिफिकेट
यह सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने में मदद करता है। प्रमाण-पत्र न होने पर केंद्र से मिलने वाला अनुदान भी अटक सकता है।
क्या होगा नुकसान
इससे कई सरकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऑडिट में परेशानी बढ़ेगी और जांच लंबी चल सकती है। गड़बड़ी मिलने पर राशि गबन का केस भी दर्ज हो सकता है।
कैग (CAG report) ने विभागों को स्पष्ट सिफारिश दी है। प्रमाण-पत्र न देने के कारणों की पहचान होनी चाहिए। इसके लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था बनाने को कहा गया है।
FAQ
- उपयोगिता प्रमाण-पत्र क्या होता है?
यह एक दस्तावेज है जो साबित करता है कि जारी रकम सही काम में खर्च हुई। इससे सरकारी धन का हिसाब पारदर्शी रहता है। - मध्यप्रदेश में कितने प्रमाण-पत्र लंबित हैं?
कैग की रिपोर्ट के अनुसार 81 हजार उपयोगिता प्रमाण-पत्र अब तक पेश नहीं हुए। यह रकम 60,113 करोड़ रुपए से जुड़ी है।
ये खबरें भी पढ़िए...
MP के सरकारी कर्मचारी अब नहीं कर पाएंगे भड़काऊ पोस्ट, सरकार ने जारी किया फरमान
एमपी में अग्निकांड पर अफसरों की सुस्ती, हर बार देते बस एक ही बहाना...
उज्जैन सिंहस्थ 2028 में स्थायी निर्माण पर रोक, ढीले अफसरों पर भी दर्ज होगी FIR
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj