एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 55 युवा विधायक एक मंच पर, जनभागीदारी पर होगी गहन चर्चा
मध्यप्रदेश विधानसभा में 30-31 मार्च को दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन शुरू हो रहा है। इसमें तीन राज्यों के 55 युवा विधायक शामिल होंगे। जहां लोकतंत्र, विकास और भविष्य के भारत को लेकर खुलकर मंथन होगा।
क्या है पूरा आयोजन, एक नजर में
- आयोजन: दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन
- तारीख: 30 और 31 मार्च
- स्थान: मध्यप्रदेश विधानसभा
- कुल प्रतिभागी: 55 युवा विधायक
- राज्यवार भागीदारी:
- मध्यप्रदेश: 18
- छत्तीसगढ़: 15
- राजस्थान: 22
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उद्घाटन में दिग्गजों की मौजूदगी
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में प्रदेश और देश की राजनीति के कई बड़े चेहरे शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और छत्तीसगढ़ के डॉ. रमन सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका
पहले दिन चर्चा का केंद्र रहेगा लोकतंत्र और नागरिक भागीदारी को मजबूत करने में युवा विधायकों की भूमिका। इस सत्र में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी भी अपने विचार साझा करेंगे।
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‘विकसित भारत 2047’ पर मंथन
दूसरे दिन का मुख्य विषय होगा विकसित भारत 2047 में युवा विधायकों की जिम्मेदारियां और चुनौतियां। इस दौरान नीति निर्माण, विकास रणनीति और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग सत्रों में चर्चा होगी।
विशेष संबोधन और समापन समारोह
एमआईटी पुणे के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे और युवाओं की भूमिका पर फोकस रखेंगे। 31 मार्च को समापन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की भी मौजूदगी रहेगी।
क्यों अहम है यह सम्मेलन
यह मंच युवा विधायकों को बोलने का मौका देगा। वे सीखने, नेटवर्क बनाने और बेहतर नीति सोच विकसित कर सकेंगे। लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और भविष्य के भारत की दिशा तय करने में यह सम्मेलन महत्वपूर्ण कदम है।