तहसीलदार पटवारी नामांतरण के लिए मांगते हैं पैसे, नहीं दो तो जमीन सरकारी कर देते हैं

सीएम मोहन यादव की बैठक में किसानों ने जमीन नामांतरण में पटवारी द्वारा पैसे मांगने की शिकायत की। सीएम को भिंड के किसानों का आक्रोश झेलना पड़ा। सरकार ने गेहूं MSP और बोनस पर अहम फैसले लिए।

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Pawan Modiya
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Photograph: (the sootr)

मध्य प्रदेश। किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। शुक्रवार को समत्व में आयोजित बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान भिंड जिले के किसानों ने सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि जमीन नामांतरण (Land Mutation) के लिए क्षेत्र के पटवारी पैसे मांगते हैं और अगर पैसे नहीं दिए जाते तो किसानों को धमकाया जाता है कि उनकी जमीन सरकार के नाम कर दी जाएगी।

किसानों की इस शिकायत को सीएम मोहन यादव ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत भिंड कलेक्टर से इस मामले पर चर्चा की। साथ ही बैठक में किसानों के हित में कई बड़े फैसले भी लिए गए, जिनमें गेहूं MSP (Minimum Support Price) पर बोनस, उड़द खरीद पर अतिरिक्त राशि और सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने जैसे निर्णय शामिल हैं।

किसानों ने सीएम के सामने रखी जमीन नामांतरण की समस्या

बैठक के दौरान भिंड जिले के किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जमीन नामांतरण (Land Mutation) की प्रक्रिया में कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं। किसानों का आरोप है कि पटवारी इस काम के लिए रिश्वत मांगते हैंकिसानों के अनुसार नामांतरण कराने के लिए अतिरिक्त पैसे की मांग की जाती है। पैसे न देने पर धमकी दी जाती है कि जमीन सरकार के नाम दर्ज हो जाएगी। राजस्व विभाग के चक्कर लगाते-लगाते किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत अधिकारियों से जवाब मांगा और कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भिंड कलेक्टर से की तत्काल बात

किसानों की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने भिंड कलेक्टर से सीधे बातचीत कर मामले की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए:
यदि पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाए।
किसानों को नामांतरण जैसी सेवाएं समय सीमा में और बिना भ्रष्टाचार के मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

गेहूं MSP पर बोनस का ऐलान

बैठक में किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तय गेहूं MSP 2585 रुपए प्रति क्विंटल के ऊपर मध्य प्रदेश सरकार ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देगी।इससे राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा।

किसानों के लिए बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले

1️⃣ गेहूं खरीदी पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस
2️⃣ उड़द खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस
3️⃣ गेहूं पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च
4️⃣ किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने का फैसला
5️⃣ फसल नुकसान पर मुआवजा व्यवस्था सुधारने पर चर्चा

उड़द की खेती को बढ़ावा देने की योजना

मुख्यमंत्री ने किसानों को उड़द की खेती बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार उड़द खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस देगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसान दलहन की खेती को बढ़ाएं ताकि मिट्टी की उर्वरता बेहतर हो, किसानों की आय बढ़े, बाजार में दालों की उपलब्धता बढ़े

गेहूं पंजीयन की तारीख बढ़ाई गई

किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गेहूं खरीदी पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब किसान 10 मार्च तक पंजीयन कर सकते हैं। पहले यह तारीख 7 मार्च निर्धारित थी।

सरकार का मानना है कि इससे अधिक से अधिक किसानों को MSP और बोनस का लाभ मिल सकेगा।

सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने का निर्णय

बैठक में किसानों की एक और बड़ी समस्या सामने आई-रात में सिंचाई के लिए बिजली मिलने से होने वाली परेशानियां। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि रात में खेत जाने का जोखिम कम हो, दुर्घटनाओं से बचाव हो, खेती का काम आसान हो सके।

भूमि अधिग्रहण और फसल नुकसान पर भी चर्चा

बैठक में सिर्फ नामांतरण और MSP ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें शामिल हैं

भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) पर मुआवजा राशि बढ़ाना

जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर उचित मुआवजा

मंडी अधिनियम के प्रावधानों में सुधार

फसल गिरदावरी (Crop Survey) की पारदर्शिता

सीमांकन और बंटवारा के लिए समय सीमा तय करना

बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, नीरज मंडलोई सहित कृषि, राजस्व, सहकारिता और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

किसानों के हित में सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है किसानों की आय बढ़ाना
कृषि व्यवस्था को पारदर्शी बनाना, सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ हल किया जाए।

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