दिल्ली की महारैली के लिए MP कांग्रेस ने झोंकी ताकत, एक लाख लोगों को ले जाने की तैयारी, जीतू पटवारी मांग रहे हिसाब
Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 26, 2026, 14:27 IST
मध्यप्रदेश कांग्रेस दिल्ली महारैली की तैयारी में जुटी है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली में होने वाली महारैली की तैयारियां तेज कर दी हैं। यह रैली 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी। इसका नाम ‘वोट बचाओ-देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ रखा गया है। कांग्रेस एसआईआर और कथित वोट चोरी के विरोध में यह आयोजन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में दिल्ली जाने वाले लोगों की संख्या का हिसाब लिया जा रहा है। पटवारी यह भी पूछ रहे हैं कि कितनी बसें बुक हुई हैं। रेलवे में कितने टिकट आरक्षित कराए गए हैं। इसके अलावा, निजी वाहनों की व्यवस्था और यात्रियों की सूची की जानकारी भी ली जा रही है।
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अब बैठकों में यह देखा जा रहा है कि तय लक्ष्य के मुकाबले कितनी तैयारी हुई है।
दिल्ली रैली में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस परिवहन व्यवस्था पर ध्यान दे रही है। इसके लिए जिला स्तर पर तैयारियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जीतू पटवारी पदाधिकारियों से पूछ रहे हैं कि उनके जिले से कितने लोग दिल्ली जाएंगे। कितनी बसें और फोर व्हीलर बुक किए गए हैं। रेलवे में कितने लोगों का आरक्षण कराया गया है। साथ ही दिल्ली जाने वाले लोगों की सूची कितनी तैयार हुई है।
खबरों के मुताबिक, पार्टी का जोर समय पर यात्रा की व्यवस्था पूरी करने पर है। इसके लिए जिलेवार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट करने को कहा जा रहा है। इससे यह पता चल सकेगा कि एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य कितना पूरा हुआ है।
कांग्रेस ने अलग-अलग क्षेत्रों के नेताओं को लोगों को दिल्ली ले जाने की जिम्मेदारी दी है। ग्वालियर-चंबल संभाग के नेताओं के लिए लक्ष्य तय किया गया है। यहां जिला अध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों और विधानसभा प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रभारियों को भी इस काम में शामिल किया गया है। इन सभी को दो-दो हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य दिया गया है।
वहीं, मध्यप्रदेश के दूसरे जिलों में पदाधिकारियों को एक-एक हजार लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। समीक्षा बैठकों में इन लक्ष्यों के मुकाबले हुई तैयारियों का ब्योरा लिया जा रहा है।
जीतू पटवारी केवल दिल्ली रैली की तैयारियों का हिसाब नहीं ले रहे हैं। वे विधानसभा प्रभारियों से संगठन के कामकाज की जानकारी भी मांग रहे हैं। इसके लिए उनसे कई सवालों के जवाब मांगे गए हैं। इनमें बूथ लेवल एजेंट-2 यानी BLA-2 के गठन की स्थिति शामिल है। प्रभारियों से पूछा जा रहा है कि इस काम में उन्होंने कितना योगदान दिया। साथ ही, गठित बीएलए-2 का भौतिक सत्यापन हुआ है या नहीं।
इसके अलावा, मंडलम के गठन और उसके सत्यापन की जानकारी भी मांगी जा रही है। वार्ड और पंचायत समितियों के गठन की स्थिति पर भी सवाल किए जा रहे हैं। इन समितियों का फिजिकल वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी भी ली जा रही है।
इन जानकारियों से पार्टी को संगठन की जमीनी स्थिति समझने में मदद मिलेगी। इससे यह भी पता चलेगा कि बूथ और स्थानीय स्तर पर संगठन कितना सक्रिय है।
कांग्रेस विधानसभा प्रभारियों की सक्रियता का भी आकलन कर रही है। उनसे पूछा जा रहा है कि उन्होंने अपने प्रभार वाले क्षेत्र का कितनी बार दौरा किया। साथ ही, हर महीने क्षेत्र में कितने दिन बिताए, इसका ब्योरा भी मांगा जा रहा है।
इन सवालों के जरिए पार्टी यह जानना चाहती है कि प्रभारी अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए कितना काम कर रहे हैं। केवल पद संभालना ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना भी महत्वपूर्ण है।
इस जानकारी के आधार पर विधानसभा स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों की प्रगति का आकलन किया जा रहा है। इससे पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और कामकाज की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कांग्रेस की बैठकों में फिलहाल दो प्रमुख मुद्दों पर ध्यान दिया जा रहा है। पहला, दिल्ली की महारैली के लिए लोगों की भागीदारी और यात्रा की व्यवस्था। दूसरा, संगठन को बूथ से लेकर विधानसभा स्तर तक मजबूत करना।
रैली के लिए बसों, निजी वाहनों, रेल आरक्षण और यात्रियों की सूची की समीक्षा हो रही है। वहीं, संगठन के लिए बीएलए-2, मंडलम और वार्ड-पंचायत समितियों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस तरह जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों को दोनों मोर्चों पर अपनी तैयारी का ब्योरा देना है। पार्टी का लक्ष्य रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही, संगठनात्मक कामकाज की प्रगति पर भी नजर रखी जा रही है।
FAQs
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अब बैठकों में यह देखा जा रहा है कि तय लक्ष्य के मुकाबले कितनी तैयारी हुई है।
बसों से लेकर रेल टिकट तक की जानकारी ले रहे पटवारी
खबरों के मुताबिक, पार्टी का जोर समय पर यात्रा की व्यवस्था पूरी करने पर है। इसके लिए जिलेवार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट करने को कहा जा रहा है। इससे यह पता चल सकेगा कि एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य कितना पूरा हुआ है।
ग्वालियर-चंबल के नेताओं को 2-2 हजार लोगों का लक्ष्य
वहीं, मध्यप्रदेश के दूसरे जिलों में पदाधिकारियों को एक-एक हजार लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। समीक्षा बैठकों में इन लक्ष्यों के मुकाबले हुई तैयारियों का ब्योरा लिया जा रहा है।
रैली के साथ संगठन के कामकाज की भी समीक्षा
इसके अलावा, मंडलम के गठन और उसके सत्यापन की जानकारी भी मांगी जा रही है। वार्ड और पंचायत समितियों के गठन की स्थिति पर भी सवाल किए जा रहे हैं। इन समितियों का फिजिकल वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी भी ली जा रही है।
इन जानकारियों से पार्टी को संगठन की जमीनी स्थिति समझने में मदद मिलेगी। इससे यह भी पता चलेगा कि बूथ और स्थानीय स्तर पर संगठन कितना सक्रिय है।
कागजों से जमीन तक संगठन का हिसाब मांग रही कांग्रेस
इन सवालों के जरिए पार्टी यह जानना चाहती है कि प्रभारी अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए कितना काम कर रहे हैं। केवल पद संभालना ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना भी महत्वपूर्ण है।
इस जानकारी के आधार पर विधानसभा स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों की प्रगति का आकलन किया जा रहा है। इससे पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और कामकाज की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दिल्ली रैली और संगठन पर पटवारी का डबल फोकस
रैली के लिए बसों, निजी वाहनों, रेल आरक्षण और यात्रियों की सूची की समीक्षा हो रही है। वहीं, संगठन के लिए बीएलए-2, मंडलम और वार्ड-पंचायत समितियों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस तरह जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों को दोनों मोर्चों पर अपनी तैयारी का ब्योरा देना है। पार्टी का लक्ष्य रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। साथ ही, संगठनात्मक कामकाज की प्रगति पर भी नजर रखी जा रही है।
FAQs
- कांग्रेस की दिल्ली महारैली कब और कहां होगी?
कांग्रेस की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने कितने लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है?
पार्टी ने मध्यप्रदेश से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य तय किया है।- कांग्रेस किस प्रकार की संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा कर रही है?
कांग्रेस बीएलए-2 के गठन, मंडलम और वार्ड-पंचायत समितियों की स्थिति की समीक्षा कर रही है, साथ ही प्रभारियों के क्षेत्रीय दौरों और सक्रियता की जानकारी भी ली जा रही है।
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