एमपी में मेडिकल एडमिशन के लिए सीटों की मारा मारी, 38 सीटों पर 12 हजार से ज्यादा आवेदन, हर सीट पर औसतन 224 दावेदार

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 26, 2026, 13:45 IST
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मध्य प्रदेश में MBBS और BDS की 62 सीटों पर 13,876 च्वाइस फिलिंग। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की एक सीट पर 944 आवेदन।
मध्य प्रदेश में MBBS और BDS की 62 सीटों पर 13,876 च्वाइस फिलिंग। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की एक सीट पर 944 आवेदन।

मध्य प्रदेश में डॉक्टर बनने के लिए छात्रों के बीच जबरदस्त मुकाबला है। प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में अब सिर्फ 62 सीटें खाली हैं। इन सीटों के लिए 13 हजार 876 च्वाइस फिलिंग हुई हैं। यानी हर सीट पर औसतन 224 दावेदार हैं। एमबीबीएस की 38 सीटों के लिए 12 हजार से ज्यादा च्वाइस फिलिंग हुई हैं। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में मुकाबला सबसे ज्यादा है।

यहां सिर्फ एक खाली सीट के लिए 944 छात्र दावेदारी कर रहे हैं।

मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होड़

मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस एडमिशन की आखिरी प्रक्रिया चल रही है। इसे कॉलेज लेवल काउंसलिंग यानी CLC कहा जाता है। इस दौरान खाली बची सीटों पर छात्रों को एडमिशन मिलेगा। प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस की सिर्फ 62 सीटें खाली हैं। इन सीटों के लिए 13 हजार 876 च्वाइस फिलिंग हुई हैं। यानी हर सीट पर औसतन 224 दावेदार हैं। सबसे ज्यादा होड़ एमबीबीएस की सीटों के लिए है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन पाने के लिए भी बड़ी संख्या में छात्र दावेदारी कर रहे हैं।

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38 सीटों के लिए 12 हजार से ज्यादा दावेदार

मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सिर्फ 38 सीटें खाली हैं। इन सीटों के लिए 12 हजार 69 च्वाइस फिलिंग हुई हैं। यानी एक सीट पर औसतन 317 आवेदन आए हैं। दूसरी ओर बीडीएस की 24 सीटों के लिए 1807 च्वाइस फिलिंग हुई हैं। यहां एक सीट पर औसतन 75 आवेदन आए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि एमबीबीएस में एडमिशन के लिए ज्यादा मुकाबला है। छात्रों ने अपनी पसंद के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए च्वाइस फिलिंग की है।

भोपाल, उज्जैन और इंदौर में खाली सीटों पर कड़ी टक्कर

  • भोपाल: गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की एक सीट खाली है। इसके लिए 944 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की है।
  • सतना: सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक सीट के लिए 896 आवेदन आए हैं।
  • खंडवा: नंदकुमार सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज में दो सीटें खाली हैं। इनके लिए 913 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की है।
  • उज्जैन: आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की एक सीट खाली है। इसके लिए 702 छात्रों ने आवेदन किया है।
  • इंदौर: एमबीबीएस की चार सीटों के लिए 2003 आवेदन आए हैं। सभी सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में खाली हैं।
  • इंडेक्स मेडिकल कॉलेज: एक सीट के लिए 665 आवेदन आए हैं।
  • श्री अरविंदो मेडिकल कॉलेज: एक सीट के लिए 661 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की है।
  • एलएनएमसी मेडिकल कॉलेज: दो सीटों के लिए 677 आवेदन मिले हैं।

सरकारी डेंटल कॉलेज की एक सीट पर 262 दावेदार

इंदौर के सरकारी डेंटल कॉलेज में बीडीएस की सिर्फ एक सीट खाली है। इस सीट पर एडमिशन के लिए 262 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की है। वहीं निजी डेंटल कॉलेजों में कुल नौ सीटें खाली हैं। इनमें इंडेक्स डेंटल कॉलेज की सात सीटें शामिल हैं।

श्री अरविंदो और मॉडर्न डेंटल कॉलेज में एक-एक सीट बची है। इन नौ सीटों के लिए कुल 651 च्वाइस फिलिंग हुई हैं। श्री अरविंदो की एक सीट के लिए 213 छात्र दावेदार हैं। मॉडर्न डेंटल कॉलेज की एक सीट पर 211 छात्रों ने दावेदारी की है। वहीं इंडेक्स डेंटल कॉलेज की सात सीटों के लिए 227 च्वाइस फिलिंग हुई हैं। यहां हर सीट पर औसतन 32 दावेदार हैं।

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8 सीटों पर 5676 छात्रों की दावेदारी

प्रदेश के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में अब केवल 8 सीटें बची हैं। इन सीटों पर एडमिशन के लिए पांच हजार 676 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की है। यानी एक सीट के लिए औसतन 709 छात्र दावेदारी कर रहे हैं।

दूसरी ओर निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 54 सीटें खाली हैं। इन सीटों के लिए आठ हजार 200 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की है। ऐसे में सरकारी कॉलेजों में दाखिला पाना ज्यादा मुश्किल हो गया है। सीटें कम होने के कारण छात्रों के बीच कड़ी टक्कर है।

च्वाइस फिलिंग के बाद क्या होगा?

मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए छात्रों ने अपनी पसंद के कॉलेज चुन लिए हैं। अब खाली सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि कॉलेज चुनने से एडमिशन पक्का नहीं होगा। छात्रों को प्रवेश से जुड़े सभी नियम पूरे करने होंगे।

मध्य प्रदेश में एमबीबीएस की सिर्फ 38 और बीडीएस की 24 सीटें खाली हैं। इन 62 सीटों के लिए कुल 13 हजार 876 आवेदन आए हैं। सबसे ज्यादा मुकाबला भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की एक सीट पर है।

यहां 944 छात्रों ने आवेदन किया है। इंदौर में एमबीबीएस की चार सीटों के लिए 2003 आवेदन आए हैं। ऐसे में अंतिम दौर की काउंसलिंग में भी छात्रों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।

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FAQ

  1. मध्य प्रदेश में MBBS और BDS की कुल कितनी सीटें खाली हैं?
    मध्य प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में कुल 62 सीटें खाली हैं, जिनमें 38 MBBS की और 24 BDS की सीटें शामिल हैं।
  2. भूपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एक सीट के लिए कितने छात्रों ने दावेदारी की है?
    भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में MBBS की एक खाली सीट के लिए 944 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की है।
  3. मध्य प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग की प्रक्रिया क्या है?
    मध्य प्रदेश में कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) के तहत छात्रों ने अपनी पसंद के कॉलेजों में दाखिले के लिए च्वाइस फिलिंग की है। हालांकि, कॉलेज चुनने से एडमिशन की पुष्टि नहीं होती है; छात्रों को प्रवेश से जुड़े सभी नियम पूरे करने होंगे।
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