कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बोले- मैं नहीं लड़ रहा राज्यसभा चुनाव

Aman Vaishnav | Jan 13, 2026, 14:25 IST
Share
mp congress digvijaya singh dalit agenda letter
mp congress digvijaya singh dalit agenda letter

एमपी कांग्रेस में राज्यसभा सीट को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मै राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। इस बयान के बाद नई चर्चा शुरु हो गई है।

News In Short

  • दिग्विजय सिंह की राज्यसभा की सीट पर कांग्रेस में खींचतान बढ़ी।
  • कांग्रेस एससी विभाग अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर मांग की।
  • राज्यसभा के लिए किसी दलित चेहरे को भेजने का प्रस्ताव रखा।
  • दिग्विजय सिंह ने एससी/एसटी मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी।
  • दिल्ली में एक सीट के लिए कई दिग्गज नेता लॉबिंग कर रहे हैं।

News In Detail

दिग्विजय सिंह ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा कि दलित मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें खुशी होगी। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। अब कांग्रेस के अंदर से ही उन पर दबाव बढ़ रहा है। उनके बयान को ही अब उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि मै अब राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ रहा हूं।

मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि वे राज्यसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी सीट को खाली कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है, जिसको लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, उन्होंने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए यह साफ किया कि वे राज्यसभा नहीं जाएंगे, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है।

दिग्विजय सिंह को लिखा पत्र

एससी विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार अब सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। अहिरवार ने राज्यसभा सीट दलित वर्ग को देने की मांग की।

WhatsApp-Image-2026-01-13-at-8.35.18-AM-792x1024-462224
WhatsApp-Image-2026-01-13-at-8.35.18-AM-792x1024-462224


राज्यसभा सीट के लिए दिल्ली में लॉबिंग

संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को एक सीट मिलना तय है। इसी एक सीट के लिए दिल्ली में बड़ी लॉबिंग चल रही है। कई बड़े नेता हाईकमान के चक्कर काट रहे हैं। कांग्रेस के अंदर टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है।

रेस में शामिल हैं कई दिग्गज चेहरे

राज्यसभा की इस दौड़ में कई बड़े नाम शामिल हैं। कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव का नाम प्रमुखता से चल रहा। मीनाक्षी नटराजन भी इस रेस में बताई जा रही हैं। दिग्गजों की इस लड़ाई में दलित कार्ड नया मोड़ लाया है।

6f59a81f-5dc
6f59a81f-5dc


दिग्विजय सिंह के भविष्य पर सस्पेंस

सूत्रों के मुताबिक आलाकमान (किसी संगठन, पार्टी या सेना का सर्वोच्च नेता) दिग्विजय से इस बार सहमत नहीं है। सूत्रों के अनुसार उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा। हाईकमान ने इस बार अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है। दिग्विजय का कार्यकाल इसी साल अप्रैल में पूरा हो रहा है। उनकी जगह नए चेहरे को मौका मिल सकता है।

राज्यसभा चुनाव में नए चेहरों की तैयारी

इस बार दो सीटों पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार उच्च सदन में जाने की इच्छा नहीं जताई है। यदि कांग्रेस उन्हें राज्यसभा नहीं भेजती है, तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव या कमलेश्वर पटेल में से किसी एक को अवसर मिल सकता है। ये तीनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं, जो कांग्रेस की पिछड़ा वर्ग रणनीति के अनुकूल हैं। दूसरी ओर, भाजपा से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन को दूसरा कार्यकाल मिलने की अधिक संभावना है।

जॉर्ज कुरियन की दावेदारी मजबूत

केरल से आने वाले जॉर्ज कुरियन के केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा होने के कारण पार्टी उन्हें दोबारा मौका दे सकती है। केरल में इसी साल विधानसभा चुनाव भी हैं, इसलिए भी उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। वहीं, सुमेर सिंह सोलंकी का यह पहला कार्यकाल है।

भाजपा राज्यसभा चयन और दावेदार

भाजपा में राज्यसभा टिकट का निर्णय पूरी तरह से केंद्र द्वारा तय किया जाएगा। इसके लिए फरवरी में पार्टी की एक बैठक भी प्रस्तावित है। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, भाजपा राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए मध्यप्रदेश से किसी बाहरी चेहरे को भी मौका दे सकती है। हालांकि, यदि ऐसा नहीं होता है, तो प्रदेश से लालसिंह आर्य, विनोद गोटिया, नरोत्तम मिश्रा और सुरेश पचौरी जैसे नामों पर विचार किया जा सकता है।

Sootr Knowledge

कांग्रेस के गुटबाजी की कड़वी यादें

मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए यह राज्यसभा चुनाव कोई नई बात नहीं है। 2020 में राज्यसभा चुनावों के दौरान गुटबाजी और दावेदारों के बीच खींचतान के चलते कमल नाथ सरकार गिर गई थी।

उस समय, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच राज्यसभा सीट को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गए थे। इसकी वजह से कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई थी।

अभी क्या हैं मध्य प्रदेश विधानसभा का गणित

मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में एक सदस्य को जीतने के लिए 58 मतों की आवश्यकता होगी। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 65 विधायक हैं।

इससे यह तय है कि कांग्रेस को एक सीट मिलना पक्का है। ऐसे में राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर मची घमासान और दावेदारों की दौड़ इस चुनाव को और भी रोमांचक बना देती है।

राज्यसभा चुनाव कैसे होते हैं?

संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार, राज्यसभा चुनावों में राज्य के प्रतिनिधि विधानसभा के चुने हुए सदस्यों के जरिए चुने जाते हैं। यह चुनाव तब होते हैं जब उम्मीदवारों की संख्या रिक्तियों से ज्यादा हो। 1998 तक, राज्यसभा चुनाव में परिणाम अक्सर पहले से तय हो जाते थे। विधानसभा में बहुमत वाली पार्टियों के पास उम्मीदवारों की कमी नहीं होती थी। इससे उनके उम्मीदवार निर्विरोध जीतते थे।

वहीं, जून 1998 में महाराष्ट्र में क्रॉस वोटिंग हुई, जिससे कांग्रेस के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को सुधारने के लिए, 2003 में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में संशोधन किया गया। इस संशोधन में यह तय किया गया कि राज्यसभा चुनाव में खुले मतपत्र से वोटिंग होगी।

मतपत्र को किसी और को न दिखाने पर वोट अयोग्य माना जाएगा। इसके अलावा, निर्दलीय विधायकों को मतपत्र दिखाने से रोका गया है।

आगे क्या

आने वाले दिनों में दिल्ली में बैठकों का दौर चलेगा। दलित वर्ग की मांग पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ाएगी। इससे पार्टी के भीतर गुटबाजी और ज्यादा बढ़ सकती है।

निष्कर्ष

राज्यसभा की एक सीट ने कांग्रेस की गुटबाजी उजागर कर दी है। दिग्विजय सिंह का दलित प्रेम अब उनके लिए चुनौती बन गया है। अब देखना होगा कि पार्टी किसी दिग्गज को चुनती है या दलित को। यह फैसला मध्य प्रदेश कांग्रेस की भविष्य की राजनीति तय करेगा।

ये खबरें भी पढ़िए...

राज्यसभा चुनाव न्यूज : राज्यसभा चुनाव को लेकर एमपी कांग्रेस में मच रहा घमासान! दिग्गी का कार्यकाल अप्रैल में होगा खत्म

Tags:
  • कांग्रेस
  • दिग्विजय सिंह
  • राज्यसभा
  • दलित
  • अरुण यादव
  • राज्यसभा चुनाव न्यूज
  • कमलेश्वर पटेल
  • प्रदीप अहिरवार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि