राज्यसभा चुनाव को लेकर एमपी कांग्रेस में मच रहा घमासान! दिग्गी का कार्यकाल अप्रैल में होगा खत्म

मध्य प्रदेश कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है। दिग्विजय सिंह का कार्यकाल अप्रैल में खत्म होने वाला है। इसके बाद कई नेता अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इसके अलावा, दो और सदस्यों का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।

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Amresh Kushwaha
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News In Short

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव को लेकर दावेदारों के बीच खींचतान जारी है।

  • दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।

  • जीतू पटवारी और अरुण यादव भी राज्यसभा सीट के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

  • दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं राजनीति से रिटायर नहीं हो रहा हूं।

  • कांग्रेस को एक सीट मिलना तय है, चुनाव और रोमांचक हो सकता है।

News In Detail

BHOPAL. साल 2026 मध्य प्रदेश के लिए सियासी तौर पर अहम रहने वाला है। इस साल राजनीति में हलचल हो सकती है। इसकी शुरुआत राज्यसभा चुनाव से होगी। अप्रैल-मई में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो जाएंगी।

यानी तीन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होगा। इनमें से दो सीटें सीनियर नेताओं के पास हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा के विधायकों की संख्या के हिसाब से तीन में से दो सीटें बीजेपी को मिलेंगी। वहीं, एक सीट पर कांग्रेस को मौका मिलेगा। अब सवाल यह है कि इस बार कांग्रेस से राज्यसभा में कौन जाएगा?

दिग्गी की सीट पर खींचतान शुरू

मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर भारी खींचतान शुरू हो चुकी है। इस बार पार्टी में अलग-अलग दावेदारों के बीच कांटे की टक्कर हो रही है।

ऐसा इसलिए, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल, 2026 को समाप्त हो रहा है।

एक सीट पर दावेदारी के लिए बढ़ी तकरार

मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों में से एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है। वहीं, पार्टी के भीतर इस सीट को लेकर संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। बता दें कि जीतू पटवारी ओबीसी वर्ग से आते हैं। ऐसे में इस वर्ग का प्रतिनिधित्व करना उनके फायदेमंद रहेगा।

वहीं, एक अन्य नेता अरुण यादव की भी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। यादव, जो पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं, ओबीसी वर्ग से होने के नाते अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। इस बीच, पार्टी के भीतर यादव चेहरे की कमी भी महसूस हो रही है। इससे यादव की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।

दिग्गी की राजनीति में बने रहने की मंशा

राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) के इस घमासान के बीच दिग्विजय सिंह का हालिया बयान चर्चा में है। इसमें उन्होंने कहा है कि न टायर्ड हूं और न ही रिटायर होने जा रहा हूं। यह दर्शाता है कि वह सक्रिय राजनीति में बने रहना चाहते हैं।

Digvijay Singh

IMP FACTS

इन तीन सांसदों का खत्म हो रहा कार्यकाल

राज्यसभा के तीन सांसदों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। इनमें एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी हैं। इसके अलावा बीजेपी के सुमेर सिंह सोलंकी और मोदी सरकार में राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है।

कुरियन 2024 में ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह राज्यसभा सांसद बने थे। फिलहाल यह सियासी मामला काफी दिलचस्प नजर आ रहा है।

हालांकि, चुनावी प्रक्रिया में अभी तीन से चार महीने हैं। वहीं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सियासी गणना शुरू हो गई है।

कितना होता है राज्यसभा में सांसदों का कार्यकाल

राज्यसभा के सदस्य का कार्यकाल 6 साल होता है। ये एक स्थायी सदन है, जो कभी भी भंग नहीं होती। हर दो साल में इसके एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं। जो सदस्य नया कार्यकाल पाने के लिए चुने जाते हैं, वे छह साल तक काम करते हैं।

राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी होते हैं, जो सदन की कार्यवाही को चलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि अप्रत्यक्ष चुनाव के जरिए चुने जाते हैं।

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कांग्रेस के गुटबाजी की कड़वी यादें

मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए यह राज्यसभा चुनाव कोई नई बात नहीं है। 2020 में राज्यसभा चुनावों के दौरान गुटबाजी और दावेदारों के बीच खींचतान के चलते कमल नाथ सरकार गिर गई थी।

उस समय, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच राज्यसभा सीट को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गए थे। इसकी वजह से कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई थी।

अभी क्या हैं मध्य प्रदेश विधानसभा का गणित 

मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में एक सदस्य को जीतने के लिए 58 मतों की आवश्यकता होगी। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 65 विधायक हैं।

इससे यह तय है कि कांग्रेस को एक सीट मिलना पक्का है। ऐसे में राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर मची घमासान और दावेदारों की दौड़ इस चुनाव को और भी रोमांचक बना देती है।

राज्यसभा चुनाव कैसे होते हैं?

संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार, राज्यसभा चुनावों में राज्य के प्रतिनिधि विधानसभा के चुने हुए सदस्यों के जरिए चुने जाते हैं। यह चुनाव तब होते हैं जब उम्मीदवारों की संख्या रिक्तियों से ज्यादा हो। 1998 तक, राज्यसभा चुनाव में परिणाम अक्सर पहले से तय हो जाते थे। विधानसभा में बहुमत वाली पार्टियों के पास उम्मीदवारों की कमी नहीं होती थी। इससे उनके उम्मीदवार निर्विरोध जीतते थे।

वहीं, जून 1998 में महाराष्ट्र में क्रॉस वोटिंग हुई, जिससे कांग्रेस के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को सुधारने के लिए, 2003 में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में संशोधन किया गया। इस संशोधन में यह तय किया गया कि राज्यसभा चुनाव में खुले मतपत्र से वोटिंग होगी।

मतपत्र को किसी और को न दिखाने पर वोट अयोग्य माना जाएगा। इसके अलावा, निर्दलीय विधायकों को मतपत्र दिखाने से रोका गया है।

राज्य सभा सदस्य: मध्य प्रदेश से निर्वाचित सदस्य

क्र.कार्यकालसदस्य का नाम एवं संबद्ध दलनिर्वाचन की तिथि एवं कार्यकाल समाप्ति की तिथि
1.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2020

दिग्विजय सिंह

इण्डियन नेशनल कांग्रेस

दिनांक 9 अप्रैल, 2020 से 9 अप्रैल, 2026 तक

(कोविड संक्रमण के कारण लॉक डाउन होने से दिनांक 19 जून, 2020 को निर्वाचित)

2.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2020

डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी

भारतीय जनता पार्टी

दिनांक 9 अप्रैल, 2020 से 9 अप्रैल, 2026 तक

(कोविड संक्रमण के कारण लॉक डाउन होने से दिनांक 19 जून, 2020 को निर्वाचित)

3.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2022

कविता

भारतीय जनता पार्टी

दिनांक 29 जून 2022 से 29 जून, 2028 तक

(दिनांक 3 जून, 2022 को निर्विरोध निर्वाचित)

4.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2022

विवेक कृष्ण तन्खा

इण्डियन नेशनल कांग्रेस

दिनांक 29 जून 2022 से 29 जून, 2028 तक

(दिनांक 3 जून, 2022 को निर्विरोध निर्वाचित)

5.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2022

सुमित्रा

भारतीय जनता पार्टी

दिनांक 29 जून 2022 से 29 जून, 2028 तक

(दिनांक 3 जून, 2022 को निर्विरोध निर्वाचित)

6.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2024

बाल योगी उमेशनाथ

भारतीय जनता पार्टी

दिनांक 3 अप्रैल, 2024 से 3 अप्रैल, 2030 तक

(दिनांक 20 फरवरी, 2024 को निर्विरोध निर्वाचित)

7.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2024

डॉ. एल. मुरुगन

भारतीय जनता पार्टी

दिनांक 3 अप्रैल, 2024 से 3 अप्रैल, 2030 तक

(दिनांक 20 फरवरी, 2024 को निर्विरोध निर्वाचित)

8.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2024

बंशीलाल गुर्जर

भारतीय जनता पार्टी

दिनांक 3 अप्रैल, 2024 से 3 अप्रैल, 2030 तक

(दिनांक 20 फरवरी, 2024 को निर्विरोध निर्वाचित)

9.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2024

माया विक्रमसिंह नारोलिया

भारतीय जनता पार्टी

दिनांक 3 अप्रैल, 2024 से 3 अप्रैल, 2030 तक

(दिनांक 20 फरवरी, 2024 को निर्विरोध निर्वाचित)

10.द्विवार्षिक निर्वाचन, 2024

अशोक सिंह

इण्डियन नेशनल कांग्रेस

दिनांक 3 अप्रैल, 2024 से 3 अप्रैल, 2030 तक

(दिनांक 20 फरवरी, 2024 को निर्विरोध निर्वाचित)

11.उप निर्वाचन, 2024

जॉर्ज कुरियन

भारतीय जनता पार्टी

(दिनांक 27 अगस्त, 2024 को निर्विरोध निर्वाचित)

अब आगे क्या

कांग्रेस पार्टी के अंदर राज्यसभा सीट को लेकर जो घमासान मचा है, वो आगामी चुनाव को काफी रोमांचक बना सकता है। अब देखना ये होगा कि दावेदारों में से कौन अपनी जगह बनाता है और मध्य प्रदेश कांग्रेस में किसकी कूटनीति काम आती है।

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