मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इंदौर के नाम पत्र, उधर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह आखिर आ रहे इंदौर

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के नाम एक पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने पिछले दिनों के भागीरथपुरा में गंदे पानी के कांड पर बात की और नए संकल्प की बात की है। इधर, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी इंदौर आ रहे हैं। यहां वे न्याय यात्रा में शामिल होंगे।

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Sanjay Gupta
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News In Short

  • कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में पत्र जारी किया, इंदौर का बेटा होने का दावा किया।

  • विजयवर्गीय ने दिल्ली और भोपाल में बैठकें की, फिर 9 जनवरी को भागीरथपुरा पहुंचे।

  • इंदौर में गंदे पानी के मामले में 18 लोगों की मौत पर विजयवर्गीय ने दुख जताया।

  • मंत्री ने इंदौर को फिर से सबसे स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प लिया।

  • पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह 11 जनवरी को न्याय यात्रा में शामिल होने इंदौर आ रहे हैं।

News In Detail

INDORE. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की दिल्ली, भोपाल यात्रा के बाद आखिर वह फिर भागीरथपुरा पहुंचे और लंबी बैठक ली। इसके बाद उन्होंने शनिवार 10 जनवरी को इंदौर के नाम एक पत्र जारी किया है। उधर भागीरथपुरा नहीं जाने वाले पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह आखिर अब इंदौर आ रहे हैं। यहां वे वह न्याय यात्रा में शामिल होंगे।

दिल्ली से भोपाल तक कैलाश की बैठकें

अपनी विधानसभा इंदौर एक के वार्ड 11 भागीरथपुरा में गंदे पानी के कांड के सामने आने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मैदान संभाले हुए हैं। इसी बीच वह दिल्ली भी गए और उच्च स्तर पर मिलकर आए। फिर वह गुरुवार 8 जनवरी को भोपाल भी गए और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से लंबी बातचीत की। राजनीतिक मोर्चों से लड़ने के बाद वह 9 जनवरी को फिर भागीरथपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ पहले दौरा किया और इसके बाद बंद कमरे में लंबी बैठक ली।

अब इंदौर का बेटा बताते हुए जारी किया पत्र

इसके बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खुद को इंदौर का बेटा बताते हुए एक पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि पिछले 12-15 दिन संभवतः इंदौर के सबसे कठिन दिनों में से एक रहे हैं। क्या कुछ नहीं सहा हमने। हमारे सैकड़ों लोग बीमार हुए, करीब 18 लोग हमें छोड़कर चले गए।

आठ वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर के लिए इससे बुरा क्या हो सकता था कि यह आपदा गंदे पानी की वजह से आई।… भागीरथपुरा में पेयजल पाइपलाइन को लेकर लंबे समय से प्रस्ताव थे, उन्हें समय पर लागू करने में विफल हुए।

जो जिम्मेदार थे, उन पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन फिर भी मन बहुत व्यथित है, क्योंकि इससे हमारे इंदौर का नाम खराब हुआ।… जो पहचान बनाई थी, उस पर दाग लगा है। इसे बर्दाश्त कर पाना मुश्किल है।…

इस कठिन वक्त फिर उसी साथ और साहस की जरूरत है।… अब इंदौर ही नहीं पूरे प्रदेश में गंदे पानी से किसी के बीमार पड़ने की नौबत ही न आए।…

आइये.. फिर से नई शुरुआत करते हैं... देश के सबसे स्वच्छ शहर को फिर उसी मुकाम, उसी मान-सम्मान पर फिर से प्रतिष्ठित करते हैं।… भागीरथपुरा के बाद एक संकल्प... फिर गांव लौटाने का, उसी प्रतिष्ठा को पाने और इंदौर को नए मुकाम पर पहुंचाने का।

जय हिंद, जय मप्र, जय इंदौर

इधर दिग्विजय सिंह आ रहे इंदौर

उधर शीतला माता बाजार जाने वाले पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भागीरथपुरा नहीं पहुंचने और इस मामले में चुप्पी साधने को लेकर खासी चर्चा रही। इसके चलते वह पार्टी में भी निशाने पर आए। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी तंज कसा कि भले ही दूसरे काम थे लेकिन उन्हें आ जाना चाहिए था। आखिर अब 11 जनवरी को कांग्रेस की न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए वह 10 जनवरी को ही इंदौर आ रहे हैं।

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