नए साल से MP के सरकारी कामकाज में होगा बदलाव, पेपरलेस होंगे ऑफिस
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभाग प्रमुखों को नोटशीट जारी कर निर्देश दिए हैं कि 1 जनवरी 2025 से वल्लभ भवन (मंत्रालय) में सभी फाइलें ई-ऑफिस सिस्टम के माध्यम से संचालित की जाएं। इसके तहत फाइलों की स्कैनिंग कर उन्हें डिजिटल किया जाएगा।
फाइलों की स्कैनिंग की प्रक्रिया
मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के मुताबिक
- सबसे पहलेप्रचलित नस्तियों(चालू फाइलों) को स्कैन किया जाएगा।
- उसके बादनिराकृत नस्तियों(समाप्त फाइलों) को डिजिटली स्टोर किया जाएगा।
ई-ऑफिस का ट्रेनिंग
ई-ऑफिस: एक ऑनलाइन सिस्टम
ई-ऑफिस एक ऑनलाइन सिस्टम है, जहां अधिकारी और कर्मचारी कंप्यूटर के माध्यम से फाइलों का निपटारा करेंगे।
ई-ऑफिस की विशेषताएं:
- यह स्पष्ट करेगा कि कौन-सी फाइलकिस अधिकारी के पास लंबितहै।
- पुरानी फाइलें भीडिजिटल माध्यमसे खोजी जा सकेंगी।
- सरकारी कामकाज कीतेजी आएगी।
- फाइलों की मॉनिटरिंगऊंचे स्तरपर की जाएगी।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए मैन्युअल फाइलें
हालांकि ई-ऑफिस प्रणाली पूरे मंत्रालय में लागू होगी, लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिएमैन्युअल फाइलोंकी व्यवस्था जारी रहेगी। इसका मुख्य कारण यह है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के हस्ताक्षर कीनकल कर दुरुपयोगसे बचा जा सके।
फाइलों के अंबार से मुक्ति
ई-ऑफिस लागू होने से अधिकारियों के टेबल परफाइलों का अंबारखत्म हो जाएगा। मध्य प्रदेश कैबिनेट के लिए प्रस्ताव भी अबऑनलाइन तैयारकिए जाएंगे।
भोपाल स्थित सभीसंचालनालय कार्यालयोंको ई-ऑफिस सिस्टम से जोड़ दिया गया है। जल्दी हीसंभागीय और जिला कार्यालयोंको भी इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
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