फ्री स्कूटी योजना पर डेडलाइन का ब्रेक: जल्द नहीं दिया हिसाब तो अटक जाएगा बजट
Amresh Kushwaha | Jul 10, 2026, 09:35 IST
फ्री स्कूटी योजना
मध्य प्रदेश में फ्री स्कूटी योजना और अन्य बड़ी परियोजनाओं का बजट 31 जुलाई 2026 की डेडलाइन के कारण अटक सकता है। वित्त विभाग ने बीईएमएस पोर्टल पर डिजिटल डेटा एंट्री अनिवार्य कर दी है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश में फ्री स्कूटी योजना परडेडलाइन का दबाव है।
- 31 जुलाई 2026 तकबजट सिस्टम में एंट्री जरूरी है।
- 16वेंवित्त आयोग से 11 हजार करोड़ रुपए मिलनेका अनुमान है।
- समय पर हिसाब न देने परबजट रुक सकता है।
- यह व्यवस्था पांच सालतक लागू रहेगी।
किन योजनाओं पर असर
31 जुलाई की सख्त डेडलाइन
एमपी वित्त विभाग ने इस मामले में सख्ती दिखाई है। सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को निर्देश भेजे गए हैं। उनसे कहा गया है कि तय समय सीमा में जरूरी कार्रवाई पूरी करें। देरी होने पर योजनाओं का संचालन प्रभावित हो सकता है।
अतिरिक्त बजट की जरूरत
यह अतिरिक्त राशि इसलिए जरूरी है क्योंकि दोनों योजनाएं लगातार लोकप्रिय होती जा रही हैं। ज्यादा आवेदन आने से खर्च भी बढ़ रहा है। ऐसे में बजट का सही प्रबंधन बेहद जरूरी हो गया है।
16वें वित्त आयोग की ग्रांट
इस ग्रांट के वितरण के लिए एक तय फॉर्मूला बनाया गया है। शहरी स्थानीय निकायों को कुल ग्रांट का 7.25 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों को 2.25 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। यह बंटवारा जनसंख्या और जरूरत के आधार पर तय हुआ है।
डिजिटल डेटा के बिना नहीं मिलेगा फंड
1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के बीच एक सख्त नियम लागू रहेगा। जिस योजना का डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद नहीं होगा, उसे फंड जारी नहीं किया जाएगा। यह नियम किसी भी विभाग या योजना पर बराबर लागू होगा।
इस सख्त निर्देश के बाद हड़कंप मच गया है। राज्य सरकार के सभी विभाग अब सक्रिय हो गए हैं। वे 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले अपने प्रस्ताव पूरे करने में जुटे हैं। किसी भी विभाग के लिए यह समय सीमा चूकना भारी पड़ सकता है।
समय सीमा चूकने पर क्या होगा
अगर कोई विभाग इस समय सीमा का पालन नहीं करता तो नतीजा गंभीर हो सकता है। उस विभाग की योजनाओं की निरंतरता पर असर पड़ सकता है। आने वाले सालों के लिए उसका बजट भी रोका जा सकता है।
यही वजह है कि अब हर विभाग पर दोहरा दबाव है। एक तरफ योजनाओं को समय पर पूरा करना है। दूसरी तरफ डिजिटल पोर्टल पर सही डेटा भी अपडेट करना है। जो विभाग इसमें चूक करेगा, उसे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
फ्री स्कूटी योजना जैसी लोकप्रिय योजनाओं का असर सीधे आम लोगों पर पड़ता है। अगर बजट अटकता है तो लाभार्थियों को समय पर फायदा नहीं मिल पाएगा। इसलिए यह डेडलाइन सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आम जनता के हित से भी जुड़ी है।
फ्री स्कूटी योजना क्या है?
सरकार पेट्रोल स्कूटी के लिए 90 हजार रुपए और इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 1.20 लाख रुपए तक की राशि सीधे छात्रों के बैंक खाते में ट्रांसफर करती है। इससे मेधावी छात्रों को पढ़ाई और आने-जाने में सुविधा मिलती है।
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