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एमपी में राज्य सरकार का खजाना फिर खाली हो गया है। मप्र सरकार इसी महीने यानी जून में 2000 से 2500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए केंद्र ने मप्र वित्त विभाग के प्रस्ताव पर राज्य को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से लोन लेने की अनुमति दे दी है। ( mp government 2500 crore loan )
सरकार ले सकती है 2000 से 2500 करोड़ का कर्ज
जानकारी के मुताबिक मप्र वित्त विभाग ने केंद्र को लगभग डेढ़ महीने पहले कर्ज लेने का प्रस्ताव भेजा था। केंद्र से अब इसको लेकर अनुमति मिल गई है। प्रदेश पर कुल 3.73 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। अगर मोहन सरकार इस महीने में कोई मार्केट लोन लेती है तो ये इस वित्तीय वर्ष का पहला लोन होगा। इससे पहले मोहन सरकार ने 27 मार्च को तीन अलग अलग तरीके से कुल 5000 करोड़ का कर्ज लिया था।
दूसरे राज्यों में मप्र की 1 लाख करोड़ की संपत्तियां
आरबीआई के नियमों के मुताबिक किसी भी राज्य के एसजीडीपी के 3% के बराबर राज्य कर्ज ले सकता है। मप्र की एसजीडीपी लगभग 15 लाख करोड़ है, जिसके मुताबिक प्रदेश की कर्ज लिमिट 45,000 करोड़ है। वित्त विभाग ने पिछले महीने अन्य राज्यों में स्थित मप्र सरकार की संपत्तियों की जानकारी मांगी थी। माना जा रहा है कि मप्र पर बढ़ते कर्ज के बीच विचार किया जा रहा है कि इन संपत्तियों में जो कानूनी पचड़ों से परे हैं, उन्हें किराए पर देकर या बेचकर अतिरिक्त आय जुटाई जाए। जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र, यूपी, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में मप्र की 1 लाख करोड़ की संपत्तियां हैं।