सोयाबीन से बाद अब सरसों के किसानों को मिलेगा भावांतर योजना का लाभ

Aman Vaishnav | Jan 12, 2026, 12:21 IST
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के किसानों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। अब सरसों की खेती पर भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही, बिजली की समस्या दूर करने के लिए प्रदेश में सोलर पंपों का महा-अभियान शुरू होगा।

News In Short

  • सोयाबीन के बाद सरसों की खरीद में भी अब भावांतर योजना लागू होगी।
  • अगले 3 साल में 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे।
  • गेहूं की MSP बढ़ाकर 2 हजार 700 रुपए प्रति क्विंटल की जाएगी।
  • डिंडौरी में राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना होगी।
  • नरसिंहपुर जिले में अब भव्य गन्ना महोत्सव मनाया जाएगा।

News In Detail

सरसों खरीद और भावांतर योजना का विस्तार

सोयाबीन के बाद अब सरसों की फसल पर भी भावांतर योजना लागू होगी। इसका ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में किया है।



मध्य प्रदेश में सरसों का सालाना औसत उत्पादन एक लाख मीट्रिक टन है। पिछले साल सरकार ने 5 हजार 950 रुपए की दर पर खरीद की थी। कुल 50 हजार मीट्रिक टन सरसों एमएसपी पर खरीदी गई थी। ग्वालियर-चंबल, मालवा और बुंदेलखंड में इसकी मुख्य पैदावार होती है।



ट्रैक्टर रैली और कृषक कल्याण वर्ष

राजधानी में कृषक कल्याण वर्ष-2026 की शानदार शुरुआत हुई। इस खुशी में किसानों ने 1101 ट्रैक्टरों की बड़ी रैली निकाली। मध्यप्रदेश सरकारका मकसद खेती को आधुनिक बनाना और किसानों की कमाई बढ़ाना है।



मुख्यमंत्री ने खुद किसानों से बात की और उनकी राय जानी। अब प्रदेश में खेती का इलाका भी 2.5 लाख हेक्टेयर बढ़ गया है, जो मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।



सोलर पंप अभियान

अगले तीन साल में 30 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पंप मिलेंगे। इससे किसान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन जाएंगे। खेती की लागत कम करने के लिए यह बड़ा कदम है। सिंचाई के लिए किसानों को अब बिजली का इंतजार नहीं करना होगा।



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मूंग के बजाय उड़द-मूंगफली की खेती पर जोर

सीएम ने ग्रीष्मकालीन मूंग के बजाय उड़द-मूंगफली उगाने की अपील की। ग्रीष्मकालीन मूंग में कीटनाशकों का अधिक उपयोग होता है। उड़द की एमएसपी 7 हजार 800 रुपए प्रति क्विंटल तय की गई है।



मूंगफली की एमएसपी 7 हजार 203 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है। यह फैसला पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल चक्र जरूरी है।



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नदी जोड़ो परियोजना

दो बड़ी राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनके पूरा होने पर 25 जिलों को लाभ होगा। करीब 16 लाख हेक्टेयर एक्सट्रा कृषि रकबा सिंचित होगा। इससे फसलों के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।



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अनुसंधान केंद्र और लैब

डिंडौरी में राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र मोटे अनाज को बढ़ावा देने का काम करेगा। नरसिंहपुर जिले में गन्ना महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।



नरसिंहपुर जिला गन्ना और गुड़ उत्पादन में प्रदेश में अव्वल है। बाजार के बीजों की जांच के लिए प्रयोगशालाएं भी खुलेंगी। किसान अब खुद बीजों की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे।



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ग्रीष्मकालीन मूंग में कीटनाशकों का प्रयोग मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। मुख्यमंत्री ने स्वयं किसानों को फसल बदलने का सुझाव दिया है। पराली जलाने से रोकने के लिए रोटावेटर पर 50% सब्सिडी दी जा रही है।



क्या है भावांतर योजना?

भावांतर योजना में राज्य सरकार उन किसानों को मदद देती है, जिनकी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रेट पर बिकती हैं। किसी किसान को कम रेट मिलता है, तो राज्य सरकार उस अंतर को भरने के लिए भावांतर योजना में पेमेंट करती है। यह योजना किसानों की उपज के भाव की भरपाई करने के लिए है।



किसानों को मिलेगी प्रशासनिक सहायता

किसान संगठनों, व्यापारियों, मंडी बोर्ड, और अन्य अधिकारियों को सहायता देने के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम में किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए संपर्क किया जा सकता है। इसका नंबर 0755-2556207 है, और यह दिन भर खुला रहेगा।



अब आगे क्या

आने वाले समय में एमपी के 25 जिलों में सिंचाई की सुविधा और बेहतर होगी। सोलर पंप लगने से बिजली कंपनियों पर सब्सिडी का दबाव कम हो जाएगा। साथ ही, नई बीज लैब बनने से नकली बीजों का धंधा रुकेगा, जिससे किसानों को असली बीज मिलेंगे। इन सब कदमों से किसानों की कमाई लगातार बढ़ती रहेगी।"



  • 25 जिलों को फायदा: सिंचाई के लिए ज्यादा पानी मिलेगा।
  • बिजली की बचत: सोलर पंप से सरकारी खर्च घटेगा।
  • नकली बीज पर लगाम: लैब में जांच से किसानों के साथ धोखाधड़ी नहीं होगी।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणाएं मध्य प्रदेश की कृषि नीति को बदलेंगी। सरसों पर भावांतर और सोलर पंप योजना किसानों के लिए वरदान हैं। सिंचाई और एमएसपी पर फोकस से प्रदेश की खेती समृद्ध होगी।



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