अब ड्रोन से होगी निर्माण कार्यो की निगरानी, MPBDC का निर्णय, ठेकेदारों पर लगाम कसने की तैयारी

Sanjay Dhiman | Aug 12, 2025, 18:36 IST
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Photograph: (the sootr)

मध्य प्रदेश भवन विकास निगम ने 200 से अधिक निर्माण स्थलों पर ड्रोन तैनात किए हैं, जो निर्माण कार्यों की निगरानी में मदद कर रहे हैं। यह तकनीक गुणवत्ता सुधारने और निगरानी की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए उपयोग की जा रही है।

मध्य प्रदेश भवन विकास निगम (MPBDC) अब निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के लिए तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। इस नए प्रयोग पर काम भी प्रारंभ कर दिया गया है। सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और कार्यालयों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए अब ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है।

यह कदम गुणवत्ता को बेहतर बनाने और समय पर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए उठाया गया है। पिछले हफ्ते, निगम ने 200 से अधिक निर्माण स्थलों पर हाईटेक ड्रोन की तैनाती की, जो हर एक कार्य स्थल पर लाइव निगरानी प्रदान करते हैं। ड्रोन की मदद से अधिकारियों को साइट की वास्तविक स्थिति का सटीक अंदाजा मिलता है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सीधी निगरानी रखी जा सकती है।

ड्रोन से बचेगा समय, मिलेगी सही जानकारी

निर्माण साइटों की ड्रोन से निगरानी से जहां विभाग तकनीकी रूप से सक्षम हुआ है, वहीं विभाग के अधिकारियों का बार-बार साइट विजिट में लगने वाला समय भी बचेगा; विभाग के इंजीनियर आफिस में बैठकर ही निर्माण कार्यों का लाइव निरीक्षण कर सकेंगे। साथ ही वे कमी नजर आने पर वहीं से निर्देश भी दे पाएंगे। जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा, वहीं निर्माण कार्य समय पर पूरा भी किया जा सकेगा।

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मैनपावर की कमी पूरी करेगा ड्रोन

मध्य प्रदेश भवन विकास निगम (MPBVD) ड्रोन से करेगा निर्माण कार्यों की निगरानी के प्रबंध संचालक सिबि चक्रवर्ती ने कहा कि वर्तमान में मैनपावर की भारी कमी है, और जो कर्मचारी मौजूद हैं, वे तकनीकी रूप से पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं हैं। इस कमी को दूर करने के लिए निगम कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है, लेकिन जब तक स्थिति ठीक नहीं हो जाती, ड्रोन की मदद ली जा रही है। निगम की निगरानी प्रणाली राज्य में अन्य एजेंसियों की तुलना में बेहतर मानी जा रही है, जिससे काम की गुणवत्ता भी अधिक है।

भवन विकास निगम के नए प्रयोग को समझें Inshort में



  1. मध्य प्रदेश भवन विकास निगम ने 200 से अधिक निर्माण स्थलों पर ड्रोन तैनात किए हैं, जो साइट की लाइव निगरानी करते हैं।
  2. ड्रोन का उपयोग निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने और निगरानी की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
  3. निगम सरकार से एक प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है, जिसमें निर्माण कार्यों की निरंतरता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।
  4. मैनपावर की कमी को देखते हुए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि निगरानी में कोई कमी न आए।
  5. निगम का उद्देश्य अन्य राज्यों से काम लाकर निर्माण कार्यों में सुधार लाना और गुणवत्ता बढ़ाना है।

गुणवत्ता सुधरी तो मिलेगा दूसरे राज्यों से भी काम

इस नई तकनीक की मदद से निगम अपने निर्माण कार्यो की गुणवत्ता में सुधार लाना चाहता है, वहीं समय सीमा में निर्माण पूरा करने की गारंटी भी अब निगम द्वारा दी जा सकेगी। इन कार्यो व बदलावों के बाद विभाग आसपास के राज्यों में निर्माण कार्यो को प्राप्त करने के लिए भी योजनाएं बना रहा है।

दूसरे राज्यों में काम मिलने से जहां निगम के पास लगातार काम बने रहेंगे, वहीं निगम की आय में भी बढोत्तरी होगी। विभाग अपने पुराने कार्यों की क्वालिटी के आधार पर दूसरी एजेंसियों से प्रतिस्पर्धा में भी आ जाएगा।

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भवन विकास निगम क्या है और कैसे काम करता है

मध्यप्रदेश भवन विकास निगम विभिन्न सरकारी विभागों के लिए टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण भवनों का निर्माण करता है, यह निगम राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। जिसमें आवासीय परिसरों, व्यावसायिक भवनों, अस्पतालों, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

MPBDC का मुख्य काम इस प्रकार है:

सरकारी भवनों का निर्माण: MPBDC विभिन्न सरकारी विभागों के लिए कार्यालय भवनों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं का निर्माण करता है।

बुनियादी ढांचे का विकास: यह निगम राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास में भी शामिल है, जिसमें आवासीय और व्यावसायिक परिसर शामिल हैं।

परियोजना प्रबंधन: MPBDC परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, कार्यान्वयन और प्रबंधन करता है, यह सुनिश्चित करता है कि वे समय पर और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरी हों।

तकनीकी सहायता: निगम सरकारी विभागों को भवन निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित तकनीकी सहायता भी प्रदान करता है।

गुणवत्ता नियंत्रण: MPBDC यह सुनिश्चित करता है कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों को पूरा करती हैं और टिकाऊ हैं।

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