प्रोबेशन खत्म होते ही 6 महीने में नौकरी पक्की, लापरवाही पर खुद नियमित होंगे कर्मचारी
Aman Vaishnav | Jun 05, 2026, 11:38 IST
mp government job new probation rules
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने सिविल सेवा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रोबेशन पीरियड खत्म होने के बाद कर्मचारियों को पक्का करने के लिए अफसर 8-10 साल तक मामला नहीं अटका पाएंगे।
समझें क्या है पूरा मामला...
- सरकार ने कर्मचारियों के लिए मप्र सिविल सेवा नियम का एक नया प्रारूप तैयार किया है।
- अब कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला 6 महीने के भीतर लेना होगा।
- 6 महीने में फैसला न लेने पर कर्मचारी को नियमित मान लिया जाएगा।
- गंभीर अपराध करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
- कर्मचारी, उनके परिवार के लोग 15 जून तक अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
प्रोबेशन पीरियड खत्म होने के बाद भी कर्मचारियों की फाइलें दबी रहती हैं। अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम में बड़े बदलावों का एक नया प्रारूप तैयार किया है। इससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
6 महीने में होगा फैसला
मामला सालों तक अटका रहता है। इससे सीधे तौर पर कर्मचारियों का नुकसान होता है। विभागों में पद खाली रह जाते हैं और नई भर्तियां भी नहीं हो पातीं।
इस बड़े अंतर को खत्म करने के लिए नए नियमों में निर्णय लेने के लिए 6 महीने की समय-सीमा तय कर दी गई है। प्रोबेशन पीरियड खत्म होने के बाद विभाग प्रमुख को 6 महीने के अंदर यह तय करना होगा कि कर्मचारी का काम कैसा है।
इस 6 महीने में क्या होगा?
- कर्मचारी का काम बढ़िया और संतोषजनक पाया जाता है, तो उसे तुरंत नियमित करना होगा।
- काम संतोषजनक नहीं है, तो प्रोबेशन की अवधि को आगे बढ़ाने या न बढ़ाने पर फैसला लेना होगा।
- अधिकारी 6 महीने के अंदर कोई भी फैसला नहीं लेते हैं, तो वह कर्मचारी अपने आप नियमित मान लिया जाएगा।
नए नियमों में प्रस्तावित बदलाव
नियम 5 में नागरिकता का बदलाव
नियम 9 में वरिष्ठता की नई परिभाषा
नौकरी से बाहर करने का नियम
पुराने नियमों के तहत अभी तक केवल महिला अपराध करने वाले कर्मचारियों को ही नौकरी से बाहर करने का प्रावधान था। अब इसमें सभी गंभीर अपराध शामिल होंगे।
दो बच्चों का नियम रहेगा जारी
हालांकि इसमें एक छोटी सी रियायत जरूर दी गई है। पूर्व के वर्षों में जिन शासकीय सेवकों के अलग-अलग परिस्थितियों के कारण दो या दो से अधिक बच्चे हो चुके हैं, उन्हें कार्रवाई से छूट मिल सकती है।
ध्यान रहे यह छूट भी एक तय समय सीमा के अंदर हो चुकी संतानों के मामलों में ही लागू होगी।
15 जून तक अपने सुझाव और आपत्तियां
किसी सरकारी कर्मचारी, उनके परिवार के सदस्यों, अन्य संस्थाओं या नागरिकों को इस प्रारूप पर कोई आपत्ति है। या वे कोई नया सुझाव देना चाहते हैं, तो वे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसे दर्ज करा सकते हैं।
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