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मध्य प्रदेश सरकार ने विदेश अध्ययन स्कॉलरशिप योजना-2025 की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य विदेशी विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर और पीएचडी के लिए 35 लाख रुपए तक की सहायता प्रदान करना है। यह योजना अनारक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए है।
योजना के तहत मिलने वाली मदद
इस योजना के तहत, छात्र को प्रति वर्ष 40,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 35 लाख रुपए) तक की मदद दी जाएगी। यह राशि किताबों, शोध कार्य और अन्य शैक्षिक खर्चों को कवर करेगी।
आवेदन की शर्तें और पात्रता
आवेदनकर्ता को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए और न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक की डिग्री प्राप्त की होनी चाहिए। साथ ही, उनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आयु सीमा
- स्नातकोत्तर स्तर के लिए आवेदनकर्ता की आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- पीएचडी (Ph.D.) के लिए आवेदनकर्ता की आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदन की अंतिम तिथि
- आवेदन की अंतिम तिथि 19 सितंबर 2025 है। इसलिए, इच्छुक विद्यार्थियों को समय रहते आवेदन करना होगा।
- स्कॉलरशिप के चयन और अवसर
मध्य प्रदेश सरकार हर साल दो बार इस स्कॉलरशिप का चयन करती है:
- जनवरी से जून सत्र के लिए 10 स्कॉलरशिप
- जुलाई से दिसंबर सत्र के लिए 10 स्कॉलरशिप
साथ ही, चयनित विद्यार्थियों को दो साल की अवधि के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी, जो उनके अध्ययन के खर्च को कवर करेगी।
5 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी👉 योजना के तहत, छात्रों को प्रति वर्ष 40,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 35 लाख रुपए) तक की मदद मिलेगी। यह राशि किताबों, शोध कार्य और अन्य शैक्षिक खर्चों को कवर करेगी। 👉आवेदनकर्ता को MP का मूल निवासी होना चाहिए। उसके पास 60% अंकों के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। 👉 स्नातकोत्तर के लिए आयु सीमा 25 वर्ष और पीएचडी के लिए 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। 👉आवेदन की आखिरी तारीख 19 सितंबर 2025 है। इच्छुक छात्रों को समय रहते आवेदन करना होगा। 👉 मध्य प्रदेश सरकार हर साल दो बार स्कॉलरशिप देती है। जनवरी से जून सत्र के लिए 10 और जुलाई से दिसंबर सत्र के लिए 10 स्कॉलरशिप दी जाती हैं। चयनित छात्रों को दो साल की अवधि तक स्कॉलरशिप मिलती है। |
चयन के लिए शर्तें
- उम्मीदवार को विदेशी विश्वविद्यालय से मंजूरी प्राप्त होनी चाहिए।
- एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को ही इस स्कॉलरशिप का लाभ मिलेगा।
- योजना के तहत अब तक की प्रगति।
इस योजना के तहत, 2018-19 से लेकर अब तक 24 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जा चुकी है। हालांकि, उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी धीरेंद्र शुक्ला का कहना है कि विद्यार्थियों में जागरूकता की कमी के कारण हर साल केवल 2-3 विद्यार्थी ही पात्र हो पाते हैं।
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