मैं आईएएस का रिश्तेदार हूं, नौकरी पक्की समझो.. रिटायर्ड IAS कंसोटिया के नाम पर ठगी

राजगढ़ जिले में बेरोजगार युवाओं से सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी हुई है। आरोपी ने खुद को रिटायर्ड IAS का करीबी बताया और नौकरी दिलवाने का झांसा दिया।

author-image
Sanjay Dhiman
New Update
Young man cheated in the name of retired IAS Kansotiya

Photograph: (the sootr)

News in Short

  • राजगढ़ में बेरोजगारों से नौकरी के नाम पर ठगी: आरोपी ने लाखों रुपए वसूले।
  • आरोपी कृष्ण मोहन वर्मा ने खुद को रिटायर्ड IAS का करीबी बताया: नौकरी दिलवाने का वादा किया।
  • युवाओं ने आरोपी से नौकरी नहीं मिलने पर पैसे लौटाने की मांग की: आरोपी ने धमकी दी।
  • पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच शुरू की: ठगी की कुल 6 लाख रुपए की रिपोर्ट।
  • कई युवाओं से वसूले गए पैसे: वन, पशुपालन और डेयरी विभाग में नौकरी दिलवाने का झांसा। 

News in Detail

RAJGARH. राजगढ़ जिले में बेरोजगार युवाओं से सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवाओं का आरोप है कि कृष्ण मोहन वर्मा उर्फ बंटी नाम के एक युवक ने वन विभाग, पशुपालन विभाग और डेयरी विभाग में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उनसे पैसे लिए। आरोपी युवक खुद को रिटायर्ड IAS अधिकारी जेएन कंसोटिया का करीबी बताकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। मामला अब पुलिस के पास है और जांच की जा रही है। 

यह खबरें भी पढ़ें...

भोपाल मेट्रो GM को झूठा हलफनामा पड़ा भारी, जबलपुर हाईकोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार

एमपी की रंग पंचमी से लेकर राजस्थान की शाही होली तक, जानें भारत के अलग-अलग राज्यों के अंदाज

झांसा देने वाला आरोपी कौन है?

आरोपी कृष्ण मोहन वर्मा, राजगढ़ में कलेक्टर रहे रिटायर्ड आईएएस जेएन कंसोटिया का करीबी होने का दावा करता था। आरोपी ने कई युवाओं को नौकरी दिलवाने का वादा किया। इस झांसे में आकर युवाओं ने लाखों रुपए आरोपी को दे दिए। जब युवाओं को नौकरी नहीं मिली और वे पैसे वापस मांगने पहुंचे, तो आरोपी ने उन्हें धमकी दी और पैसे लौटाने से मना कर दिया।

ठगी का पूरा गणित

अब तक इस ठगी के कुल छह लाख रुपए की राशि वसूलने की बात सामने आई है। इसमें राजगढ़, नरसिंहगढ़, आसपास के गांवों और राजस्थान के इकलेरा गांव से भी लोग शामिल हैं। सभी से पशुपालन, डेयरी और वन विभाग में नौकरी दिलवाने का वादा किया गया था। 

नौकरी के नाम पर वसूले गए पैसे

डेयरी विभाग में नौकरी: बृजेश, जितेंद्र नेवारे, अक्षय पुष्पाद और समित मेवाड़ा जैसे युवाओं से डेयरी विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर कुल 24 लाख रुपए लिए गए।

पशुपालन विभाग: आयुष बड़ोदिया और रामबाबू सुतार से पशुपालन विभाग में नौकरी दिलवाने का वादा कर तीन लाख रुपए लिए गए।

वन विभाग में नौकरी: सुनील नागर, भरत सौजनिया, विजय तंवर, पवन मांझी जैसे सात युवाओं से वन विभाग में नौकरी का वादा कर कुल 24 लाख 40 हजार रुपए लिए गए।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और अब तक कई आवेदकों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस अधिकारी मंजू मखेनिया ने कहा कि आरोपी कृष्ण मोहन वर्मा के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें आई हैं और पूरी जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि वे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

यह खबरें भी पढ़ें...

Iran-Israel War: युद्ध का असर: पेट्रोल-डीजल से लेकर सोना तक हो सकता है महंगा

एमपी में सुसाइड के आंकड़े डराने वाले, चार साल में हजारों मौत, नशा, कर्ज और मोबाइल सबसे बड़े कारण

क्या कहा आरोपी ने?

जब आरोपियों से राशि की मांग की गई तो आरोपी ने युवाओं को भोपाल सचिवालय तक लेकर जाने का दावा किया, जिससे युवाओं को यकीन हो गया कि आरोपी की कुछ पहुंच है। लेकिन जब नौकरी नहीं मिली तो युवाओं ने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपी ने न तो नौकरी दी और न ही पैसे लौटाए।

सचिवालय ठगी पशुपालन विभाग में नौकरी वन विभाग राजगढ़ नौकरी आईएएस जेएन कंसोटिया
Advertisment