कैबिनेट में घिरे डिप्टी सीएम देवड़ा, आर्थिक मोर्चे पर सवालों की बौछार
Amresh Kushwaha | Nov 26, 2025, 07:56 IST
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मंगलवार को मोहन कैबिनेट बैठक में जीएसटी वसूली पर गर्म बहस का मंच बन गई। सीनियर मंत्रियों ने कलेक्शन में गिरावट पर कड़े सवाल उठाए। डिप्टी सीएम देवड़ा ने स्पष्टीकरण दिया, लेकिन माहौल शांत नहीं हुआ।
BHOPAL. मोहन कैबिनेट में मंगलवार, 25 को मध्यप्रदेश सरकार की खराब होती आर्थिक स्थिति पर चर्चा की गई। इस दौरान डिप्टी सीएम और वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री जगदीश देवड़ा पर सवालों की बौछार हो गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की समीक्षा के दौरान जीएसटी वसूली कम होने पर नाराजगी खुलकर सामने आई। कई मंत्रियों ने आर्थिक मोर्चे पर विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं।
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मोहन कैबिनेट में चर्चा की शुरुआत मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। उन्होंने कहा कि सरकार से कोई विरोध नहीं है, लेकिन सच यह है कि जीएसटी कलेक्शन लगातार घट रहा है। उन्होंने पूछा कि जब देशभर में जीएसटी बढ़ रहा है तो मध्यप्रदेश में गिरावट क्यों है। उनका कहना था कि वित्त विभाग को साफ बताना चाहिए कि कमी का असली कारण क्या है। साथ ही यह भी बताना चाहिए कि इसे ठीक करने की क्या योजना है।
डिप्टी सीएम देवड़ा ने जवाब दिया कि नए सिस्टम की वजह से कलेक्शन पर अस्थायी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कुछ डेटा अपडेट नहीं हुए हैं। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि यह समस्या तकनीकी नहीं, बल्कि प्रशासनिक कमजोरी लगती है। उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, लेकिन राजस्व लीकेज रोकना जरूरी है।
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मंत्री प्रहलाद पटेल ने विजयवर्गीय का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जिलों से लगातार रिपोर्ट मिल रही हैं। इन रिपोर्टों में बताया गया है कि फील्ड में वसूली कमजोर है। उनका कहना था कि बजट से पहले इस मुद्दे पर गहराई से बात जरूरी है। पटेल ने सुझाव दिया कि जिन विभागों से राजस्व आता है, उनके मंत्रियों से भी पहले से चर्चा होनी चाहिए।
सीएम मोहन यादव ने जवाब दिया कि इस पर पहले भी कुछ बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर डिप्टी सीएम से अलग से बात की जाएगी।
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अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने बताया कि इस साल जीएसटी कलेक्शन थोड़ा बढ़ा है। पिछले साल 61 हजार करोड़ वसूले गए थे। इस बार यह आंकड़ा 63 हजार करोड़ तक पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि दरें कम होने पर भी 2000 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, ग्रोथ 10 प्रतिशत के बजाय केवल 6 से 6.5 प्रतिशत पर रुकी है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में सिर्फ एजेंडा से जुड़े मुद्दों पर ही चर्चा होनी चाहिए।
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कैबिनेट बैठक खत्म होते ही उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने फिर बैठक बुला ली। यह बैठक मंत्रालय में हुई। इसमें एसीएस मनीष रस्तोगी समेत सभी बड़े अफसर मौजूद थे। बैठक में राज्य की आर्थिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
साथ ही, बजट की तैयारी और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर भी बात हुई। साथ ही वसूली बढ़ाने के लिए नए सुझाव लिए गए। विभाग से एक साफ और मजबूत रोडमैप भी मांगा गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की समीक्षा के दौरान जीएसटी वसूली कम होने पर नाराजगी खुलकर सामने आई। कई मंत्रियों ने आर्थिक मोर्चे पर विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं।
सीनियर मंत्रियों का सीधा निशाना
सत्र में कैबिनेट बैठक का माहौल गर्म हो गया था। सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने सीधी बात कही। उन्होंने कहा कि वित्तीय वसूली ठीक से नहीं चल रही है। इस पर कमरे में तनाव बढ़ने लगा। तभी मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अलग से विस्तार से चर्चा होगी।
देशभर में GST बढ़ रहा, MP में क्यों नहीं - विजयवर्गीय
डिप्टी सीएम देवड़ा ने जवाब दिया कि नए सिस्टम की वजह से कलेक्शन पर अस्थायी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कुछ डेटा अपडेट नहीं हुए हैं। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि यह समस्या तकनीकी नहीं, बल्कि प्रशासनिक कमजोरी लगती है। उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, लेकिन राजस्व लीकेज रोकना जरूरी है।
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मध्यप्रदेश में जीएसटी वसूली की खबर पर एक नजर
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जिलों से रिपोर्ट आ रही हैं, वसूली कमजोर - प्रहलाद पटेल
सीएम मोहन यादव ने जवाब दिया कि इस पर पहले भी कुछ बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर डिप्टी सीएम से अलग से बात की जाएगी।
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फाइनेंशियल डेटा सामने आया, लेकिन सवाल बरकरार
उन्होंने कहा कि दरें कम होने पर भी 2000 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, ग्रोथ 10 प्रतिशत के बजाय केवल 6 से 6.5 प्रतिशत पर रुकी है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में सिर्फ एजेंडा से जुड़े मुद्दों पर ही चर्चा होनी चाहिए।
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कैबिनेट के तुरंत बाद देवड़ा एक्शन मोड में
साथ ही, बजट की तैयारी और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर भी बात हुई। साथ ही वसूली बढ़ाने के लिए नए सुझाव लिए गए। विभाग से एक साफ और मजबूत रोडमैप भी मांगा गया है।
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