इंदौर पूर्वी रिंग रोड पर भड़के किसान, गैस की टंकी, आटा लेकर धरने के लिए पहुंचे कलेक्ट्रेट

Sanjay Gupta | Jun 01, 2026, 13:36 IST
MP indore eastern ring road farmers protest
इंदौर में पूर्वी आउटर रिंग रोड में जमीन अधिग्रहण को लेकर किसान फिर आंदोलन पर उतरे हैं। किसान सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचे और फिर पास में ही धरना स्थल पर बैठ गए। यह अपने साथ घरेलू गैस टंकी, कंडे, आटा व अन्य सामग्री लेकर आए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • इंदौर में ईस्टर्न रिंग रोड के निर्माण को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है।
  • प्रभावित किसान चार गुना मुआवजा मिलने के बाद भी फैसले से संतुष्ट नहीं हैं।
  • सोमवार को सैकड़ों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
  • किसान अपने साथ राशन, चूल्हा और बिस्तर लेकर रात बिताने की तैयारी से आए हैं।
  • आंदोलनकारी रिंग रोड का रास्ता बदलकर बंजर जमीन से निकालने की मांग कर रहे हैं।

इंदौर. सीएम डॉ. मोहन यादव ने भले ही चार गुना मुआवजे की बात कही है लेकिन किसान संतुष्ट नहीं हैं। ईस्टर्न (पूर्वी) रिंग रोड को लेकर किसान एक बार फिर आंदोलन पर उतरे हैं। वह सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना शुरू किया। अधिकारियों ने मनाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद वह पास में ही धरने पर बैठ गए। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं।



Indore Eastern Ring Road project


कपड़े उतारकर दिखाया रोष

कलेक्टर ऑफिस के बाहर किसानों का बवाल देखने को मिला। रिंग रोड के खिलाफ उन्होंने चक्का जाम कर दिया और रोड पूरा बंद कर दिया। कुछ किसान अर्धनग्न होकर विरोध जताते रहे, कपड़े उतारकर अपना रोष दिखाया। प्रदर्शन अभी भी जारी है और प्रशासन अलर्ट पर है।



धरने पर ही गुजारेंगे रात

किसान अपने साथ ट्रॉली में खाना बनाने की सामग्री, टंकी, चूल्हा लेकर भी पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि पहले भी हम आए थे, तब आश्वासन दिया गया था कि दस दिन के भीतर बातचीत करके रास्ता निकालेंगे। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ और उधर कंपनी रिंग रोड को लेकर काम कर रही है।



Indore Eastern Ring Road project


इसलिए अब मांगे पूरी नहीं होने और समाधान नहीं निकलने तक यहीं धरने पर बैठेंगे। आंदोलन में संतोष पाटीदार, मनोज पटेल, जितेंद्र पाटीदार, बंटी गुर्जर, विष्णु चौधरी, आनंदीराव, दिनेश सरदार सहित कई किसान हैं।



यह मांग कर रहे हैं किसान

किसानों का कहना है कि यह रिंग रोड देवास से इंदौर के सांवेर, कनाडिया, बिचौली, महू आदि तहसील से गुजर रहा है। इसमें 44 गांव के दो हजार से ज्यादा किसान परिवार प्रभावित हो रहे हैं। इसमें निजी, उपजाउ 800 हेक्टेयर जमीन जा रही है। इस पर हम साल में चार-चार फसलें लेते हैं।



Indore Eastern Ring Road project


किसानों का कहना कि इसमें एलाइनमेंट में बदलाव किया जाए, जिससे यह थोड़ा दूर से गुजरेगी तो इससे कई फायदे हैं। पहला कि दूसरे एलाइनमेंट में अधिक शासकीय जमीन व अनउपजाऊ जमीन है, जिससे किसानों को नुक्सान नहीं होगा। वहीं दूर से यह रिंग रोड बनने से वहां किसानों को गांव को फायदा होगा क्योंकि वहां रोड की सुविधा नहीं है। इससे सभी को लाभ होगा। लेकिन सरकार सुन नहीं रही है।



FAQ

  1. इन्दौर में किसान ईस्टर्न रिंग रोड प्रोजेक्ट का विरोध क्यों कर रहे हैं?
    किसान इस परियोजना का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इसके निर्माण से 44 गांवों की लगभग 800 हेक्टेयर बेहद उपजाऊ निजी जमीन प्रभावित हो रही है।
  2. रिंग रोड परियोजना को लेकर किसानों की मुख्य मांग क्या है?
    किसानों की मुख्य मांग है कि रिंग रोड के अलाइनमेंट (रास्ते) में बदलाव किया जाए। रोड को वर्तमान तय स्थान से थोड़ा दूर से निकाला जाए, जहाँ अनुपजाऊ बंजर जमीन और सरकारी जमीन ज्यादा मात्रा में उपलब्ध है।
  3. क्या सरकार द्वारा दिए जा रहे चार गुना मुआवजे से किसान संतुष्ट हैं?
    नहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चार गुना मुआवजा देने की बात कहे जाने के बाद भी किसान संतुष्ट नहीं हैं। किसानों का मानना है कि पैसे से उनकी उपजाऊ पैतृक जमीन की भरपाई नहीं हो सकती।

रिंग रोड प्रोजेक्ट



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