मध्यप्रदेश में बदलेगा 58 साल पुराना जेल मैन्युअल, कैदियों को मिल सकती हैं नई सुविधाएं, सजा के साथ सुधार पर जोर
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 22, 2026, 11:51 IST
मप्र नया जेल मैन्युअल: पुरुष कैदी भी रख सकेंगे बच्चे, आपातकालीन पैरोल और खुली जेल की भी व्यवस्था
मध्यप्रदेश में 58 साल पुराना जेल मैन्युअल बदलने की तैयारी है। नए मैन्युअल में सजा के साथ सुधार और पुनर्वास पर जोर रहेगा। ड्राफ्ट में आपातकालीन पैरोल, फरलो, खुली जेल और थर्ड जेंडर बंदियों के लिए अलग व्यवस्था का प्रस्ताव है। पुरुष कैदी भी छह साल तक के बच्चों को साथ रख सकेंगे। सरकार की मंजूरी मिलने पर नया मैन्युअल 2026 के अंत तक लागू हो सकता है।
मध्यप्रदेश जेल सुधार में क्या खास?
अभी सरकार की मंजूरी मिलना बाकी है। हाल ही में मंत्रालय में एक बैठक हुई थी। इसमें मुख्य सचिव और जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में नए प्रावधानों पर चर्चा हुई। ये बदलाव मध्यप्रदेश जेल मैन्युअल (Madhya Pradesh Jail Manual) के ड्राफ्ट में शामिल हैं।
पुरुष कैदी बच्चों को कैसे रख सकेंगे?
अभी प्रदेश की जेलों में छह साल से कम उम्र के 114 बच्चे हैं। ये सभी अपनी मां के साथ रहते हैं। सवाल है कि परिवार में कोई दूसरा सहारा न हो तो बच्चा किसके पास रहेगा?
पैरोल और फरलो में क्या मिलेगा?
प्रस्ताव के मुताबिक सजायाफ्ता बंदियों को एक-तिहाई सजा पूरी करने पर 14 दिन की रिहाई मिल सकेगी। इसके लिए बंदी का व्यवहार अच्छा होना जरूरी होगा। यह रिहाई पारिवारिक काम और बीमारी जैसे कारणों से मिल सकेगी।
फरलो की व्यवस्था भी शामिल की गई है। पात्र बंदियों को सजा की तय अवधि पूरी करने के बाद कुछ दिनों का अवकाश मिल सकेगा। इस दौरान वे अपने परिवार से मिल सकेंगे।
आपातकालीन पैरोल कितने घंटे की होगी?
आदतन अपराधी और विचाराधीन बंदी
विचाराधीन बंदियों की मदद के लिए अंडरट्रायल रिव्यू कमेटी को प्रभावी बनाया जाएगा। इस कमेटी में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर, एसपी और विधि विशेषज्ञ शामिल होंगे। एसपी का मतलब पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) होता है। कमेटी के जरिए विचाराधीन बंदियों को कानूनी सहायता दी जाएगी।
थर्ड जेंडर बंदी और खुली जेल
रिहाई के बाद रोजगार की तैयारी
जेलों की मौजूदा तस्वीर क्या है?
FAQ
- मध्यप्रदेश में नया जेल मैन्युअल कब लागू होगा?
नया जेल मैन्युअल सरकार की मंजूरी मिलते ही इस साल के अंत तक लागू किया जा सकता है। - क्या सभी पुरुष कैदी बच्चों को साथ रख सकेंगे?
नहीं, यह सुविधा केवल उन्हीं पुरुष कैदियों को मिलेगी जिनके बच्चे की उम्र छह साल तक है और परिवार में उसकी देखभाल के लिए कोई दूसरा नहीं है। - आपातकालीन पैरोल कितने घंटे की होगी?
आपातकालीन पैरोल की अवधि 48 घंटे होगी, जिसके दौरान बंदी के साथ सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
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