MP के किसानों को बड़ी राहत, अब ऑनलाइन करें खाद की बुकिंग

Anjali Dwivedi | Jan 21, 2026, 15:08 IST
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मध्य प्रदेश में कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक पोर्टल से खाद की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। अब किसानों को लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे घर बैठे खाद की बुकिंग कर सकते हैं।

News In Short

  • एग्रीस्टेक पोर्टल पर खाद की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, लाइन से मुक्ति मिलेगी।
  • आधार नंबर से भूमि विवरण के अनुसार खाद बुकिंग होगी।
  • क्यूआर कोड आधारित ई-टोकन से आसानी से खाद मिलेगी।
  • विदिशा में सफल ट्रायल के बाद फरवरी 2026 से होम डिलीवरी शुरू होगी।
  • पोर्टल पर तय रेट्स से किसानों को ज्यादा कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी।

News In Detail

भोपाल: बुवाई के सीजन में मध्यप्रदेश में खाद समस्याके चलते किसानों को लंबी कतारें लगानी पड़ती हैं। इसके चलते किसानों को बेहद परेशानी होती है। राज्य सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।



कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से खाद की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की है। अब किसानों को चिलचिलाती धूप या कड़ाके की ठंड में लाइन में नहीं लगना होगा। किसान घर बैठे खाद की बुकिंग कर सकेंगे, और होम डिलीवरी की सुविधा ले सकेंगे।



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आधार नंबर डालिए और खाद पाइए

खाद की बुकिंग की प्रक्रिया को बहुत ही आसान बना दिया गया है। क्रिस्प के ई-विकास पोर्टल के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह के मुताबिक, एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान अपना आधार नंबर डालते ही उनकी खेती की जमीन का पूरा जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर दिखने लगेगा। इसके बाद, किसान अपनी जमीन के हिसाब से फसल का चुनाव करेंगे और फिर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की गाइडलाइंस के मुताबिक, उस फसल के लिए कितनी खाद चाहिए, इसका विकल्प भी दिखेगा।



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ई-टोकन बनेगा आपकी खाद की पर्ची

बुकिंग के समय किसानों के पास दो विकल्प होंगे। वे सरकारी सहकारी समिति या प्राइवेट रिटेलर में से किसी एक को चुन सकते हैं। चयन करने के बाद मोबाइल पर एक ई-टोकन जनरेट होगा जो एक क्यूआर कोड की तरह काम करेगा। किसान अपनी सुविधा अनुसार दुकान पर जाकर यह कोड दिखाएंगे और अपनी खाद प्राप्त कर सकेंगे।



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विदिशा में सफल रहा होम डिलीवरी का ट्रायल

क्या खाद सीधे खेत या घर तक पहुंच सकती है? इस सवाल पर विभाग ने पॉजिटिव जवाब दिया है। विदिशा जिले में खाद की होम डिलीवरी का पायलट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। फिलहाल रिटेलर्स के खातों में भुगतान से संबंधित कुछ वित्तीय नियमों पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि अगले महीने यानी फरवरी 2026 से पूरे प्रदेश में यह सुविधा शुरू हो जाएगी।



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सवा करोड़ किसानों का डेटा और रेट की गारंटी

प्रदेश के करीब 1.25 करोड़ किसानों की जानकारी अब एग्रीस्टेक पोर्टल पर मैप हो चुकी है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पूरी पारदर्शिता है। पोर्टल और ऐप पर शासन द्वारा तय किए गए रेट्स दिखेंगे, जिससे प्राइवेट दुकानदार किसानों से ज्यादा कीमत नहीं ले पाएंगे। तीन जिलों में हुए शुरुआती ट्रायल में अब तक 4.12 लाख से ज्यादा किसानों ने 1.52 लाख मीट्रिक टन खाद ले लिया है।



जरूरत से ज्यादा खाद चाहिए तो क्या होगा?

अक्सर किसानों को पोर्टल से तय मात्रा से अधिक खाद की जरूरत महसूस होती है। इसके लिए नियम बनाया गया है कि पहले फेज में जमीन के रकबे के हिसाब से अधिकतम 10 बोरियों का कोटा तय है। यदि किसान को इससे ज्यादा खाद चाहिए, तो वह पोर्टल पर एक्सेस फर्टिलाइजर की डिमांड भेजकर अतिरिक्त खाद के लिए टोकन ले सकेगा।



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