मध्यप्रदेश में मंत्रियों का बदलेगा प्रभार! दिसंबर में जिलों की अदला-बदली, मंत्रिमंडल विस्तार के लिए करना होगा इंतजार
Aman Vaishnav | Oct 29, 2026, 09:22 IST
MP Politics: मंत्रियों के प्रभार वाले जिले बदलने की तैयारी, मंत्रिमंडल विस्तार पर नए साल में फैसला
मध्यप्रदेश में कई मंत्रियों को प्रभार वाले जिलों तक पहुंचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। अब सरकार इस दूरी को कम करने की तैयारी में है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर के पहले पखवाड़े तक नई व्यवस्था लागू हो सकती है। वहीं मंत्रिमंडल विस्तार पर नए साल में चर्चा होगी।
तीन प्रस्ताव भेजे, एक को मिली मंजूरी
फिलहाल केंद्रीय संगठन से सिर्फ प्रभार वाले जिलों में बदलाव को हरी झंडी मिली है। विभागों में फेरबदल और मंत्रिमंडल विस्तार पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
किन मंत्रियों के बदल सकते हैं जिले?
मंत्रियों की शिकायत संगठन तक पहुंची
इसकी जानकारी प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी को भी दी गई है।
कौन सा मंत्री अपने प्रभार वाले जिले से कितना दूर?
कैलाश विजयवर्गीय: इनके पास धार और सतना जिलों का प्रभार है। गृह जिला इंदौर से सतना की दूरी करीब 650 किलोमीटर है।
संपतिया उइके: इनके प्रभार में आलीराजपुर और सिंगरौली जिले हैं। मंडला से आलीराजपुर की दूरी करीब 761 किलोमीटर है।
करण सिंह वर्मा: इन्हें मुरैना और सिवनी का प्रभार मिला है। सीहोर से मुरैना 452 किलोमीटर और सिवनी 416 किलोमीटर दूर है।
नागर सिंह चौहान: इनके पास उमरिया और आगर मालवा जिलों की जिम्मेदारी है। आलीराजपुर से उमरिया की दूरी करीब 887 किलोमीटर है।
प्रहलाद पटेल: इनके पास भिंड और रीवा जिलों का प्रभार है। नरसिंहपुर से भिंड 527 किलोमीटर और रीवा 280 किलोमीटर दूर है। दोनों जिले अलग-अलग दिशाओं में हैं।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला: ये सागर और शहडोल के प्रभारी मंत्री हैं। रीवा से सागर की दूरी करीब 335 किलोमीटर है।
नए साल में हो सकती है मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा
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