एमपी मुख्यमंत्री हाउस रेंट योजना: Gen Z तलाश लो अपना मकान, किराया भरेगी सरकार
मध्य प्रदेश सरकार ने छात्रों के लिए 'मुख्यमंत्री हाउस रेंट योजना शुरू की है। इसके तहत बाहर पढ़ाई करने वाले छात्रों को हर महीने किराया भत्ता मिलेगा। यह योजना गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश समुदाय के छात्रों के लिए है। भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों में छात्रों को 2 हजार रुपए तक मिलेंगे। आवेदन एमपीटीएएएस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है।
अपने घर से दूर बड़े शहर में पढ़ाई करना कई छात्रों के लिए महंगा साबित होता है। किराया और रोजमर्रा के खर्च मिलकर बजट बिगाड़ देते हैं। इसी वजह से कई छात्र उच्च शिक्षा से पीछे हट जाते हैं। मध्य प्रदेश सरकार अब इसी समस्या का हल लेकर आई है।
किसे मिलेगा फायदा
इस योजना का लाभ हर छात्र को नहीं मिलेगा। सरकार ने इसके लिए साफ शर्तें तय की हैं।
- पहली शर्त समुदाय से जुड़ी है। यह योजना सिर्फ गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश समुदाय के छात्रों के लिए है।
- दूसरी शर्त पढ़ाई से जुड़ी है। छात्र को सरकारी या निजी संस्थान में मान्यता प्राप्त पोस्ट-मैट्रिक या उच्च शिक्षा कोर्स में दाखिला लेना जरूरी है।
- तीसरी शर्त पढ़ाई में प्रदर्शन से जुड़ी है। अगर छात्र किसी शैक्षणिक साल में फेल हो जाता है, तो उसका भत्ता रुक जाएगा। इसलिए भत्ता जारी रखने के लिए अच्छा रिजल्ट बनाए रखना जरूरी है।
- चौथी शर्त रहने की जगह से जुड़ी है। यह मदद सिर्फ उन छात्रों को मिलेगी जो किराए के मकान में रह रहे हैं। जिन छात्रों को मुफ्त सरकारी छात्रावास मिल गया है, उन्हें यह भत्ता नहीं मिलेगा।
शहर के हिसाब से कितना भत्ता
सरकार जानती है कि बड़े शहर में कमरा किराए पर लेना छोटे शहर से महंगा पड़ता है। इसी वजह से भत्ते की रकम शहर के हिसाब से अलग रखी गई है।
टियर 1 शहरों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन शामिल हैं। यहां पढ़ने वाले छात्रों को दो हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।
जिला मुख्यालय स्तर के शहरों में पढ़ने वाले छात्रों को 1,250 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।
तहसील, विकास खंड और छोटे कस्बों में पढ़ने वाले छात्रों को 1,000 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। अगर असली किराया इस तय सीमा से ज्यादा है, तो बाकी रकम छात्र को खुद देनी होगी।
आवेदन कैसे करें
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। छात्र मध्य प्रदेश जनजातीय मामलों के स्वचालन प्रणाली यानी एमपीटीएएएस (MPTAAS – MP Tribal Affairs Automation System) पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।
आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा। इसके साथ आय प्रमाण पत्र भी लगाना होगा। इसके अलावा वैध किराया समझौता भी देना जरूरी है। तीनों दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने पर ही आवेदन आगे बढ़ेगा।
किराए के बाजार पर क्या असर होगा
इस योजना का असर सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा। कॉलेजों के आसपास किराए के मकानों की मांग बढ़ सकती है। टियर 1 शहरों में मकान मालिकों को सस्ते और छोटे कमरों की लगातार मांग मिलेगी।
सरकार 2 हजार रुपए तक का किराया वहन कर रही है। इससे हजारों छात्र आसानी से बजट में कमरा ढूंढ सकेंगे। इससे छोटे निवेशकों के लिए छात्र आवास एक भरोसेमंद विकल्प बन सकता है। हालांकि लग्जरी मकानों के बाजार पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
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