MP में 31 से ज्यादा राजनीतिक नियुक्तियां अटकीं: मंत्री और विधायकों की गुटों में बढ़ी अंदरूनी खींचतान

Amresh Kushwaha | May 11, 2026, 12:10 IST
Share
mp nigam mandal rajnitik niyukti delhi veto
mp nigam mandal rajnitik niyukti delhi veto

मध्य प्रदेश में 31 से ज्यादा निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्तियां अटकी हैं। भोपाल विकास प्राधिकरण में बीजेपी नेता चेतन सिंह और इंदौर विकास प्राधिकरण में हरिनारायण यादव का नाम दिल्ली से रोका गया है। गुटबाजी और वीटो की वजह से फैसले लटक रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • MP में 31 से ज्यादा निगम-मंडलों में नियुक्तियां अटकी हैं।
  • भोपाल विकास प्राधिकरण में बीजेपी नेता चेतन सिंह का नाम फिलहाल रुका है।
  • इंदौर विकास प्राधिकरण में बीजेपी नेता हरिनारायण यादव को दिल्ली से वीटो मिला है।
  • मंत्री-विधायक अपने गुट के लोगों को पद दिलाने के लिए दबाव बना रहे हैं।
  • पद न मिलने से नाराज नेताओं ने दिल्ली तक लॉबिंग शुरू कर दी है।

राजनीतिक नियुक्तियों पर गुटबाजी का पेंच

मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सत्ता के गलियारों में खींचतान तेज हो गई है। राज्य में अभी भी 31 से ज्यादा निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और विकास प्राधिकरणों में कुर्सियां खाली पड़ी हैं। नाम तय होते हैं, फिर किसी न किसी गुट का विरोध आ जाता है और फाइल अटक जाती है।

भोपाल में चेतन सिंह पर पेंच

भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA- Bhopal Development Authority) के अध्यक्ष पद के लिए कई दावेदार हैं। इनमें भाजपा नेता चेतन सिंह का नाम काफी समय से सबसे आगे चल रहा था। वहीं, कुछ मंत्री और विधायक यह नहीं चाहते कि यह पद चेतन सिंह को मिले। इनकी कोशिश है कि उनके गुट का कोई व्यक्ति इस कुर्सी पर बैठे ताकि भविष्य में उनके क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के काम में फायदा उठाया जा सके। इसी खींचतान में चेतन सिंह का नाम अटका हुआ है।

इंदौर में हरिनारायण को दिल्ली ने रोका

इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA- Indore Development Authority) में लंबे समय से भाजपा नेता हरिनारायण यादव का नाम चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक यह नाम लगभग तय भी हो गया था। वहीं, दिल्ली में एक सक्रिय नेता ने जाकर वीटो लगा दिया। अब यह नियुक्ति भी अधर में लटकी है।

यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि IDA जैसे बड़े प्राधिकरण में अध्यक्ष की नियुक्ति सीधे करोड़ों रुपए के निर्माण और भूमि प्रबंधन से जुड़ी होती है।

50 से ज्यादा नेता लाइन में

सूत्रों के मुताबिक अब तक हो चुकी नियुक्तियों में से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो पहले भी पद पर रह चुके हैं। इस बार तीसरे और चौथे मौके तक मिलने के उदाहरण हैं। जैसे गांधी सागर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बनाए गए व्यक्ति पहले पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रह चुके हैं।

वहीं पद पाने की कतार में खड़े 50 से ज्यादा नेताओं ने बचे हुए निगम-मंडलों, विकास प्राधिकरणों, आयोगों और बोर्डों में जगह पाने के लिए दिन-रात एक कर दिए हैं।

जनता पर पड़ेगा आर्थिक बोझ

इन राजनीतिक नियुक्तियों से जनता को कितना फायदा होगा यह तो भविष्य बताएगा, लेकिन सरकार पर आर्थिक बोझ जरूर बढ़ेगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के लिए दफ्तर, जमावट, वाहनों का प्रबंध और कर्मचारियों की मांग बढ़ने लगी है।

एक पूर्व अध्यक्ष ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि एक माह में एक अध्यक्ष पर वाहन, ड्राइवर, कार्यालय और स्टाफ मिलाकर तीन से पांच लाख रुपए खर्च का कांटा शुरू हो जाता है।

किन 31 पदों पर नियुक्तियां बाकी हैं?

अभी जिन संस्थाओं में नियुक्तियां बाकी हैं उनमें नीति एवं योजना आयोग, सामान्य निर्धन कल्याण आयोग, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग, गौपालन एवं पशु संवर्धन बोर्ड, खनिज विकास निगम, पंजाबी साहित्य अकादमी, सिंधी साहित्य अकादमी, कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड, राज्य एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन शामिल हैं।

इसके अलावा, ऊर्जा विकास निगम, हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम, बीज एवं फार्म विकास निगम, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम, कृषि विपणन बोर्ड, पर्यटन बोर्ड, महिला वित्त एवं विकास निगम, राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम, मार्टिकला बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम, सफाई कर्मचारी आयोग भी शामिल है।

वहीं, कृषक आयोग, वरिष्ठ नागरिक कल्याण आयोग, शिल्पी मंडल, समाज कल्याण बोर्ड, असंगठित कामगार बोर्ड, मदरसा बोर्ड, भारिया विकास प्राधिकरण, कोल जनजाति विकास प्राधिकरण, कत्थी विकास प्राधिकरण, महाकौशल विकास प्राधिकरण, बुदेलखंड विकास प्राधिकरण और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण शामिल हैं।

दोबारा मौका पाने वाले नेता भी हैं

अब तक की गई नियुक्तियों में कुछ ऐसे नेताओं को भी मौका मिला है जो पहले भी इन्हीं पदों पर रह चुके हैं। लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष बनाए गए सत्येंद्र भूषण सिंह पहले वन विकास निगम में अध्यक्ष रह चुके हैं। महेंद्र सिंह यादव बिजली विकास निगम में रह चुके हैं और अब उन्हें अपेक्स बैंक (Apex Bank) का प्रशासक बनाया गया है।

ये खबर भी पढ़िए...

MP में राजनीतिक नियुक्तियां जल्द: नाम तय करने के लिए सत्ता-संगठन में 10 घंटे चला एकांत मंथन

MP News: सरकार ने विंध्य विकास प्राधिकरण में की नई नियुक्तियां, पंचूलाल प्रजापति बने अध्यक्ष

MP शासन का बड़ा फैसला: उज्जैन, ग्वालियर और अमरकंटक विकास प्राधिकरण में नई नियुक्तियां

निवेश की रफ्तार ने बदली तस्वीर, रोजगार देने में राजस्थान और महाराष्ट्र से आगे निकला मध्यप्रदेश

Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • इंदौर विकास प्राधिकरण
  • निगम-मंडलों में नियुक्तियां
  • भोपाल विकास प्राधिकरण
  • राजनीतिक नियुक्तियां
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा