MP पुलिस में फिर शुरू होगी कार्यवाहक पदोन्नति, सिपाही से इंस्पेक्टर तक प्रमोशन का रास्ता साफ
Aman Vaishnav | May 08, 2026, 09:52 IST
mp police acting promotion restart phq order 2025
मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में करीब डेढ़ साल से रुकी कार्यवाहक पदोन्नति प्रक्रिया फिर शुरू होने जा रही है। PHQ ने सभी इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं। सिपाही से निरीक्षक स्तर तक हजारों पुलिसकर्मियों को इसका फायदा मिलेगा।
News In Short
- मध्यप्रदेश पुलिस में करीब डेढ़ साल से कार्यवाहक पदोन्नति बंद थी।
- PHQ ने अब सभी जिलों और इकाइयों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
- सिपाही से लेकर निरीक्षक स्तर तक के पद इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।
- जबलपुर हाईकोर्ट के लंबित मामलों के बाद यह फैसला लिया गया है।
- वरिष्ठता और रिक्त पदों के आधार पर सूची तैयार की जाएगी।
News In Detail
डेढ़ साल से क्यों रुकी थी प्रक्रिया?
PHQ ने जारी किए निर्देश
वरिष्ठता और रिक्त पदों के आधार पर सूची तैयार होगी। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को कार्यवाहक पद का प्रभार सौंपा जाएगा।
किन पदों पर मिलेगा फायदा?
वहीं एएसआई को एसआई का प्रभार मिलेगा और एसआई को निरीक्षक पद पर कार्यवाहक प्रभार दिया जाएगा। यानी विभाग के एक बड़े हिस्से को इस फैसले से सीधा फायदा मिलेगा।
कार्यवाहक और नियमित प्रमोशन में क्या फर्क है?
नियमित प्रमोशन विभाग की पूरी प्रक्रिया जिसमें परीक्षा, वरिष्ठता सूची और विभागीय मंजूरी शामिल है, के बाद ही मिलता है। कार्यवाहक प्रभार एक अंतरिम व्यवस्था होती है जो रिक्त पदों को भरने और काम को सुचारु रखने के लिए दी जाती है।
हाईकोर्ट के आदेश ने खोला रास्ता
पुलिसकर्मियों में उत्साह
FAQ
- मध्यप्रदेश पुलिस में कार्यवाहक पदोन्नति क्या होती है और यह किसे मिलती है?
कार्यवाहक पदोन्नति एक अस्थायी व्यवस्था है जिसमें किसी कर्मचारी को उसके मौजूदा पद से ऊंचे पद की जिम्मेदारी और अधिकार दिए जाते हैं। यह तब होता है जब ऊपर का पद खाली हो। मध्यप्रदेश पुलिस में अब सिपाही से निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों को यह प्रभार मिलेगा। यह नियमित प्रमोशन नहीं है, लेकिन उच्च पद की जिम्मेदारी और उससे जुड़े अधिकार मिलते हैं। - MP पुलिस में कार्यवाहक प्रमोशन डेढ़ साल से क्यों रुकी थी?
जबलपुर हाईकोर्ट में इस विषय से जुड़े कुछ मामले लंबित थे। साथ ही विभागीय समीक्षा भी चल रही थी। इन दोनों कारणों से प्रक्रिया को रोका गया था। अब हाईकोर्ट के मामलों और समीक्षा के बाद PHQ ने नए निर्देश जारी किए हैं और प्रक्रिया फिर शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है।
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