प्रमोशन पर ब्रेक से पुलिस में बेचैनी: लंबी सेवा फिर भी प्रमोशन के लिए परेशान एमपी के जांबाज
Amresh Kushwaha | Mar 25, 2026, 14:27 IST
mp police promotion delay acting charge
मध्य प्रदेश पुलिस में कार्यवाहक पदोन्नति पर लगी अघोषित रोक ने हजारों जवानों के मनोबल को प्रभावित किया है। कानूनी पेच और प्रशासनिक सुस्ती के कारण सिपाही से इंस्पेक्टर तक के पद खाली पड़े हैं।
मध्यप्रदेश पुलिस महकमे में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। खाकी वर्दी पहनने वाले हजारों जवानों और अधिकारियों के चेहरों पर मुस्तैदी के बजाय अब इंतजार की लकीरें गहरी होती जा रही हैं।
राज्य में कार्यवाहक पदोन्नति (Acting Promotion) पर लगी अघोषित रोक ने सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के कर्मचारियों में भारी हताशा पैदा कर दी है। आलम यह है कि जो जांबाज सालों से अपनी निष्ठावान सेवा दे रहे हैं, वे अब अपने वाजिब हक के लिए मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पिछले एक साल से मध्य प्रदेश पुलिस में प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है। जिला पुलिस बल में रक्षित निरीक्षक (RI) और इंस्पेक्टर के पद खाली होने के बावजूद, योग्य अधिकारियों को कार्यवाहक प्रभार (Acting Charge) नहीं दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) फिलहाल इस मामले में शासन की अनुमति या हाईकोर्ट के किसी स्पष्ट निर्णय की प्रतीक्षा (Awaiting Decision) कर रहा है, जिसके कारण हजारों कर्मियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
इस प्रशासनिक गतिरोध के बीच, मंगलवार, 24 मार्च को वर्ष 2015 बैच के सूबेदार और उपनिरीक्षक संवर्ग के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी कैलाश मकवाना से मुलाकात की। अधिकारियों ने मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वे सेवा के 11 वर्ष पूरे कर चुके हैं और नियमानुसार सभी पात्रताएं रखते हैं। तकनीकी रूप से उन्हें डेढ़ साल पहले ही कार्यवाहक इंस्पेक्टर बन जाना चाहिए था, लेकिन सिस्टम की सुस्ती ने उनकी तरक्की पर ब्रेक लगा दिया है।
इस पूरे विवाद की जड़ में पदोन्नति नियम हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2005 से 2025 तक के प्रमोशन नियमों को लेकर मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में लंबित है। इसी कानूनी उलझन के कारण पुलिस मुख्यालय ने कार्यवाहक पदोन्नति को स्थगित कर रखा है। गौर करने वाली बात यह है कि जहां पुलिस विभाग में यह रोक लगी है, वहीं राजस्व, आबकारी और प्रशासनिक विभागों में कार्यवाहक प्रमोशन का सिलसिला निरंतर जारी है।
कार्यवाहक पदोन्नति वह व्यवस्था है जिसमें किसी पद के खाली होने पर वरिष्ठता (Seniority) के आधार पर अस्थायी रूप से उच्च पद का प्रभार दिया जाता है। हालांकि यह नियमित प्रमोशन नहीं है, लेकिन इससे फील्ड मैनेजमेंट और ऑपरेशनल कार्यों में मदद मिलती है। फिलहाल विभाग में चार प्रमुख स्तरों पर यह प्रमोशन रुके हुए हैं:
प्रमोशन रुकने का असर केवल व्यक्तिगत करियर ग्रोथ तक सीमित नहीं है। खाली पदों के कारण मौजूदा अफसरों पर काम का बोझ दोगुना हो गया है। जब एक अधिकारी को अपने से ऊंचे पद का भी काम देखना पड़ता है, तो उसका सीधा असर फील्ड ड्यूटी और कानून-व्यवस्था के प्रबंधन पर पड़ता है। लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहने से स्टाफ के मनोबल पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
ये खबर भी पढ़िए...
एमपी पुलिस का दंगल : थाने में भिड़े एसआई और एएसआई, टीआई ने किया बीच-बचाव
मोनालिसा के पिता बोले- बेटी नाबालिग, धोखे से की शादी, एमपी पुलिस ने शुरू की जांच
एमपी पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, त्योहारों पर हाई अलर्ट
एमपी पुलिस में अभी भी 18 हजार पद खाली, 9 हजार से ज्यादा पर भर्ती की तैयारी
राज्य में कार्यवाहक पदोन्नति (Acting Promotion) पर लगी अघोषित रोक ने सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के कर्मचारियों में भारी हताशा पैदा कर दी है। आलम यह है कि जो जांबाज सालों से अपनी निष्ठावान सेवा दे रहे हैं, वे अब अपने वाजिब हक के लिए मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
सालों की सेवा, फिर भी खाली हाथ
डीजीपी तक पहुंची गुहार
आखिर क्यों फंसा है पेंच?
क्या है कार्यवाहक पदोन्नति और क्यों है जरूरी?
- सिपाही से प्रधान आरक्षक (Head Constable)
- प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक (ASI)
- सहायक उपनिरीक्षक से उपनिरीक्षक (SI)
- उपनिरीक्षक से निरीक्षक (Inspector)
फील्ड पर बढ़ता दबाव से गिरता मनोबल
ये खबर भी पढ़िए...
एमपी पुलिस का दंगल : थाने में भिड़े एसआई और एएसआई, टीआई ने किया बीच-बचाव
मोनालिसा के पिता बोले- बेटी नाबालिग, धोखे से की शादी, एमपी पुलिस ने शुरू की जांच
एमपी पुलिस के अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, त्योहारों पर हाई अलर्ट
एमपी पुलिस में अभी भी 18 हजार पद खाली, 9 हजार से ज्यादा पर भर्ती की तैयारी
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava