इंदौर में कैसे रुकेंगे मंत्री और वीवीआईपी, PWD के एक आदेश ने बदली व्यवस्था
Sanjay Gupta | May 14, 2026, 13:58 IST
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पीडब्ल्यूडी के नए आदेश ने विश्राम भवन में कक्ष आवंटन व्यवस्था बदल दी है। अब सर्किट हाउस छोड़ बाकी विश्राम गृहों के कमरे पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के अधीन होंगे। इससे वीवीआईपी और मंत्रियों की व्यवस्था को लेकर प्रोटोकॉल में संकट आने की बात कही जा रही है।
शॉर्ट में समझें क्या है पूरा मामला...
- पीडब्ल्यूडी ने विश्राम गृह आवंटन को लेकर नया आदेश जारी किया है।
- कलेक्टर अब केवल सर्किट हाउस के कमरे ही आवंटित कर सकेंगे।
- बाकी कमरे पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के अधीन कर दिए गए हैं।
- इससे वीवीआईपी प्रोटोकॉल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
- इंदौर में कलेक्टर के पास अब केवल चार कमरे ही बचेंगे।
पीडब्ल्यूडी ने यह जारी किया आदेश
इसके तहत जिला कलेक्टर को केवल उनके सर्किट हाउस तक सीमित कर दिया गया है। बाकी भवनों के कक्षों का आरक्षण संबंधित जिले के कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी के अधीन किया गया है।
इसी तरह राजधानी भोपाल में भी सर्किट हाउस राज्य प्रोटोकॉल अधिकारी को दिया गया है। साथ ही, राजधानी के अन्य भवनों का अधिकार चीफ इंजीनियर (कार्यालय प्रमुख) पीडब्ल्यूडी को दिया गया है।
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इस आदेश का क्या असर है
वहीं इंदौर जैसे शहरों में इनमें मुख्य तौर पर सीएम के लिए कमरे आरक्षित रहते हैं। इसी तरह राज्यपाल और अन्य संवैधानिक उच्च पद वालों के लिए भी कमरे सुरक्षित रहते हैं।
इंदौर कलेक्टर के पास केवल 4 कमरे
प्रोटोकॉल संभालने में आएगी समस्या
क्यों किया गया यह आदेश?
इसके बाद यह नया आदेश जारी कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि प्रोटोकॉल हमेशा से प्रशासन का अभिन्न हिस्सा रहा है। वहीं, वीवीआईपी इसके लिए सीधे कलेक्टर से संपर्क में रहते हैं। उन्हें ही मैसेज, फैक्स करके कक्ष और अन्य व्यवस्थाएं करवाई जाती हैं।
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