दस्तक अभियान में लापरवाहीः कुपोषण ने फिर छीनी मासूम की जान, सीएमएचओ ने जारी किया नोटिस
SATNA. मध्य प्रदेश के सतना जिले से कुपोषण से जूझ रहे बच्चे के मौत का मामला समने आया है। यहां के जिला अस्पताल में चार महीने के हुसैन रजा ने सोमवार, 20 अक्टूबर की सुबह 11 बजे दम तोड़ दिया। परिजन उसे 18 अक्टूबर को अस्पताल लाए थे। ओपीडी (OPD) में डॉ. संदीप द्विवेदी ने हालत गंभीर देख तुरंत पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में भर्ती कराया था। रजा का वजन सिर्फ ढाई किलो था, जबकि इस उम्र में कम से कम 5 किलो या उससे अधिक होना चाहिए।
बीमारी से लड़ने की ताकत ही नहीं बची
डॉक्टरों के अनुसार कुपोषण की वजह से बच्चे की इम्युनिटी (Immunity) बहुत कमजोर हो गई थी। इसी कमजोरी के कारण उसे निमोनिया (Pneumonia) और अन्य इंफेक्शंस ने घेर लिया था। तमाम कोशिशों के बावजूद मासूम को बचाया नहीं जा सका।
जिम्मेदारों को CMHO ने दिया नोटिस
जन्म के समय 3 किलो, तो फिर गिरावट कैसे?
सीएमएचओ ने पूछताछ में यह भी सवाल उठाया कि हुसैन रजा का जन्म 2 जुलाई 2025 को हुआ था। जन्म के समय उसका वजन 3 किलो था। फिर जुलाई से सितंबर तक चले दस्तक अभियान (Dastak Campaign) में उसे कुपोषित की श्रेणी में क्यों नहीं पहचाना गया? वहीं इस मामले में नियमित फॉलोअप (Follow-up) और टीकाकरण (Vaccination) में भी लापरवाही सामने आई है।