मध्यप्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग पर नहीं बढ़ेगा एमएसपी, भारतीय किसान संघ से बात करेगी मोहन सरकार
Jitendra Shrivastava | Jul 10, 2024, 18:12 IST
thesootr
गर्मी की मूंग कभी मध्यप्रदेश की फसल नहीं रही है। इस पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि भाकिसं के साथ जागरुकता अभियान चलाएंगे ताकि किसान अधिक पैदावार के लिए पेस्टीसाइड्स का उपयोग कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करे...
मध्यप्रदेश में कैबिनेट की बैठक में ग्रीष्मकालीन मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर खरीदी को लेकर अनौपचारिक चर्चा हुई। मंत्रिपरिषद ने तय किया कि इसे लेकर सरकार भारतीय किसान संघ से बातचीत कर मूंग की पैदावार में पेस्टीसाइड्स का कम से कम उपयोग करने के लिए जनजागरुकता अभियान चलाने की पहल करेगी।
दरअसल, मामला गर्मी में उगाई जाने वाली मूंग की फसल पर एमएसपी घोषित करने को लेकर था। इस पर सीएम मोहन यादव को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने बताया कि मुनाफा वसूली के लिए बिचौलिए किसानों को बेहिसाब पेस्टीसाइड्स उपयोग करने के लिए अपने झांसे में लेते हैं। गर्मी की मूंग कभी हमारे क्षेत्र की फसल नहीं रही है। इस पर सीएम ने कहा कि भारतीय किसान संघ के साथ जागरुकता अभियान चलाएंगे, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।
MP की इन हस्तियों के संपर्क सिर्फ 'द सूत्र' पर, Save कर लीजिए CM और 10 मंत्रियों के मोबाइल नंबर
गर्मियों की मूंग किसान के लिए अतिरिक्त आय बढ़ाने का माध्यम है। किसान रबी और खरीफ फसल की लगाता था। गर्मी के दो-तीन महीने खेत खाली रहते थे। गर्मी में नहरों से सिंचाई के लिए पानी मिलने से मूंग का उत्पादन बढ़ाना शुरू किया। इसे तीसरी फसल भी कहा जाता है। किसानों का मानना है कि रबी और खरीफ की किसी एक फसल में नुकसान होता है, तो मूंग की फसल से उसकी भरपाई हो जाती है।
तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने मूंग के उत्पादन को लेकर प्रोत्साहित किया। इसका परिणाम यह हुआ कि चार साल में मूंग का रकबा 50 फीसदी बढ़ गया। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पंजाब और हरियाणा सबसे ज्यादा ग्रीष्मकालीन मूंग के उत्पादन करने वाले राज्य हैं। वहीं मध्यप्रदेश में नर्मदापुरम जिले में सबसे ज्यादा मूंग पैदा की जाती है। इस साल 2.85 लाख हेक्टेयर जमीन में 4 लाख 87 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है। सामान्य तौर पर हर साल यहां 4 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा ही उत्पादन होता है। इसमें से करीब 1.60 से 1.90 लाख हेक्टेयर मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है। बाकी मूंग को किसान मंडियों में बेचते हैं। मध्यप्रदेश में 2023 में करीब 10 लाख 79 हजार हेक्टेयर जमीन में मूंग लगाने का लक्ष्य रखा गया। इसमें उत्पादन करीब 15 लाख मीट्रिक टन हुआ, वहीं 2024 में 11 लाख 58 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मूंग लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
24 जून 2024 को प्रदेश सरकार ने मूंग खरीदी के लिए नई खरीदी नीति जारी की। मूंग पैदा करने वाले किसान समर्थन मूल्य पर प्रति हेक्टेयर 8 क्विंटल खरीदी की लिमिट तय करने से नाराज हैं, जबकि सरकार खुद मानती है कि प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल तक उत्पादन हुआ है। इधर लिमिट तय करने के पीछे सरकार के अपना तर्क है, जो किसानों को मंजूर नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार की नीति के कारण पूरी फसल समर्थन मूल्य पर बेचना संभव नहीं है। इससे नुकसान होना तय है। मध्यप्रदेश सरकार के नए निर्णय से वे समर्थन मूल्य 8,558 रुपए के भाव पर 44 क्विंटल ही बेच पाएंगे। बाकी मूंग उन्हें मंडी में 6,500 से 7,600 रुपए के भाव पर बेचना पड़ेगी। यानी उन्हें एक लाख रुपए तक सीधा नुकसान होगा। उनकी तरह मूंग की खेती करने वाले प्रदेश के दूसरे किसानों में गुस्सा है।
किसानों को पेस्टीसाइड्स का उपयोग का लालच दे रहे बिचौलिए
MP की इन हस्तियों के संपर्क सिर्फ 'द सूत्र' पर, Save कर लीजिए CM और 10 मंत्रियों के मोबाइल नंबर
रबी और खरीफ की एक फसल का विकल्प गर्मी की मूंग
सरकार के प्रोत्साहन से बढ़ा मूंग का रकबा
एमएसपी पर मूंग की खरीदी की ये है तीन लिमिट...
- कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर 8 क्विंटल से ज्यादा मूंग नहीं बेच सकता।
- एक खाते से एक दिन में 25 क्विंटल मूंग से ज्यादी नहीं बेच सकता।
- एक खाते से कुल 100 क्विंटल मूंग से ज्यादा नहीं खरीदी जाएगी।
ऐसे समझें प्रति हेक्टेयर 8 क्विंटल की खरीदी की लिमिट
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी
By Ramanand Tiwari
MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज
By Ramanand Tiwari
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस
By Sandeep Kumar
प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल
By Umeshwari Baghel
MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार
By Sandeep Kumar
लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए
By VINAY VERMA
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...
By Sandeep Kumar