राजगढ़ में 10 गुरुजी निकले फर्जी, विभाग की नाक के नीचे सालों तक किया घोटाला
Aman Vaishnav | Jul 08, 2026, 08:30 IST
राजगढ़ में 10 गुरुजी निकले फर्जी
मध्यप्रदेश के राजगढ़ में डीएड (DEd) की फर्जी मार्कशीट के सहारे सरकारी नौकरी पाने वाले 10 शिक्षकों का भंडाफोड़ हुआ है। ये सभी शिक्षक पिछले कई सालों से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे थे। साथ ही सरकार से बकायदा वेतन भी ले रहे थे।
समझें क्या है पूरा मामला...
- राजगढ़ जिले में 10 सरकारी शिक्षक फर्जी डीएड मार्कशीट से नौकरी पाते मिले हैं।
- इन शिक्षकों की मार्कशीट माध्यमिक शिक्षा मंडल के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई।
- 6 शिक्षकों के रोल नंबर का बोर्ड में कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला है।
- 3 मामलों में दूसरों के रोल नंबर चुराकर फर्जी मार्कशीट बनाई गई थी।
- शिक्षा विभाग अब इन नियुक्तियों की जांच करा रहा है।
कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा
जब इन शिक्षकों की मार्कशीट का सत्यापन कराया गया तब जाकर ये हकीकत सामने आई। माशिमं (MPBSE – Madhya Pradesh Board of Secondary Education) के मूल रिकॉर्ड से मार्कशीट मिलाई गई। पता चला कि 10 में से 6 शिक्षकों के रोल नंबर का बोर्ड में कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।
तीन मामलों में तरीका और भी चौंकाने वाला निकला है। इन मामलों में दूसरे छात्रों के असली रोल नंबर चुराए गए। उन्हीं नंबरों पर इन शिक्षकों के नाम की फर्जी मार्कशीट छपवाई गई।
एक और मामले में कर्नाटक बोर्ड की डिग्री अमान्य पाई गई। इन सभी शिक्षकों की नियुक्ति 2007 से 2013 के बीच हुई थी।
किन शिक्षकों पर सवाल
- जांच में जिन नामों की मार्कशीट फर्जी मिली, वे इस प्रकार हैं।
- रमेश चंद यादव प्राथमिक स्कूल आगरी में पदस्थ हैं। इनके रोल नंबर का माशिमं रिकॉर्ड में कोई अस्तित्व नहीं मिला है।
- पवन शर्मा प्राथमिक स्कूल आगर में कार्यरत हैं। इनके रोल नंबर पर बोर्ड रिकॉर्ड में दिनेश कुमार नाम का छात्र दर्ज है।
- सुनील कुमार प्राथमिक स्कूल सीलखेड़ा में पदस्थ हैं। इनके रोल नंबर का भी माशिमं के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।
- हिम्मत सिंह मीणा प्राथमिक विद्यालय घाघरीफला से जुड़े हैं। इनका नाम बोर्ड रिकॉर्ड में दर्ज नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार ये फिलहाल हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं।
- हेमंत शर्मा प्राथमिक स्कूल भगवतीपुर में पदस्थ हैं। इनके रोल नंबर पर बोर्ड रिकॉर्ड में सत्यनारायण आर्य नाम दर्ज है।
- साकीर दांगी माध्यमिक स्कूल पाड़ली महाराजा में कार्यरत हैं। इनका नाम भी बोर्ड के मूल रिकॉर्ड में नहीं मिला।
दस्तावेज सत्यापन में कहां चूक हुई
इस मामले में यह प्रक्रिया या तो हुई ही नहीं, या ठीक से नहीं हुई। यही वजह है कि फर्जी दस्तावेज वाले उम्मीदवार भी नौकरी पाने में सफल रहे।
यह पहली बार नहीं है जब सरकारी भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी कई राज्यों में इसी तरह के मामले उजागर हो चुके हैं।
शिक्षकों जैसे संवेदनशील पद पर यह गड़बड़ी ज्यादा गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है।
जिम्मेदार अधिकारी क्या बोले
वहीं मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की बात कही है।
शिक्षा व्यवस्था पर असर
अगर योग्यता के दस्तावेज ही फर्जी हों, तो कक्षा में पढ़ाई का स्तर भी सवालों में आ जाता है। इसीलिए यह मामला सिर्फ प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि शिक्षा गुणवत्ता से जुड़ा मुद्दा भी है।
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी फर्जी डॉक्टर कांड: फिर नौ फर्जी डॉक्टर पकड़ाए, नकली रजिस्ट्रेशन से पाई सरकारी नौकरी
MP में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के 151 मामले, जज से कमिश्नर तक घेरे में
बिना बुलाए शादी में घुसा फर्जी डीआईजी, वर्दी और गनमैन संग स्टेज पर झाड़ा रौब
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava