1,360 करोड़ की बनीं सड़के, 7225 करोड़ वसूला टोल, सालों तक चलेगा यही खेल!
Aman Vaishnav | Aug 13, 2026, 10:45 IST
मध्यप्रदेश टोल वसूली
मध्य प्रदेश में फोरलेन टोल सड़कों पर मूल लागत से कई गुना ज्यादा वसूली का मामला गरमा गया है। जिस प्रोजेक्ट की मूल निर्माण लागत 1,360 करोड़ रुपए थी, उससे अब तक 7 हजार 225 करोड़ से ज्यादा की वसूली की जा चुकी है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्यप्रदेश के तीन फोरलेन टोल मार्गों पर वसूली का मामला गरमाया है।
- इन तीन फोरलेन टोल मार्गों को बनाने की लागत सिर्फ एक हजार 360 करोड़ रुपए थी।
- जून 2025 तक इन मार्गों से 6 हजार 522 करोड़ रुपए से ज्यादा टोल वसूला जा चुका है।
- सरकार ने अब इन परियोजनाओं की संशोधित लागत 7 हजार 818 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई है।
- इसके बावजूद 2033 से 2038 तक जनता से टोल वसूला जाता रहेगा।
तीन मार्ग, एक विवाद
इन तीनों मार्गों को बनाने में कुल 1,360 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। लेकिन जून 2025 तक इनसे 6,522 करोड़ रुपए से ज्यादा वसूले जा चुके हैं। यानी लागत के मुकाबले वसूली कई गुना ज्यादा हो चुकी है।
लागत बनाम वसूली का गणित
वहीं 31 मार्च 2026 तक कुल वसूली 7 हजार 225.76 करोड़ रुपए दर्शाई गई है। इस नए गणित के बावजूद टोल वसूली अगले कई साल तक जारी रहेगी। जनता से यह वसूली साल 2033 से 2038 तक होती रहेगी।
देवास-भोपाल मार्ग का हिसाब
सरकार ने अब इस मार्ग की संशोधित लागत 1 हजार 934.02 करोड़ रुपए बताई है। 31 मार्च 2026 तक कुल वसूली 2 हजार 104.88 करोड़ रुपए दर्शाई गई है।
इस मार्ग पर 21 मई 2033 तक टोल वसूला जाएगा। चेंज ऑफ स्कोप के तहत यह अवधि 4 से 5 साल और बढ़ सकती है।
जावरा-नयागांव मार्ग की कहानी
इसके एवज में 2 हजार 684.60 करोड़ रुपए की वसूली दर्शाई गई है। यहां टोल वसूली 26 अक्टूबर 2033 तक चलेगी। चेंज ऑफ स्कोप के तहत यह अवधि भी 4 से 5 साल बढ़ सकती है।
लेबड़-जावरा मार्ग पर आंकड़े
इसकी तुलना में 2 हजार 436.28 करोड़ रुपए की वसूली दर्ज है। इस मार्ग पर टोल वसूली 27 अप्रैल 2038 तक जारी रहेगी। यानी अभी भी 11 साल 4 महीने की वसूली बाकी है।
वाहनों की संख्या में उछाल
यानी 16.42 लाख वाहन बढ़े हैं। यह करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वाहनों की संख्या बढ़ने से टोल कंपनियों की कमाई भी लगातार बढ़ रही है।
अधिसूचना से पहले वसूली
इंदौर-उज्जैन मार्ग (इंदौर-उज्जैन टोल) पर वसूली 21 जनवरी 2022 से शुरू हुई। इसकी अधिसूचना 30 दिसंबर 2022 को आई। सागर-दमोह मार्ग पर वसूली 28 फरवरी 2021 से शुरू हुई और अधिसूचना 8 दिसंबर 2021 को जारी हुई।
महू-घाटाबिल्लोद मार्ग पर भी वसूली 28 फरवरी 2021 से शुरू हुई। इसकी अधिसूचना 24 दिसंबर 2021 को आई।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि टोल वसूली को लेकर पारदर्शिता की कमी रही है। जनता के सामने लागत और वसूली का सही हिसाब देर से आया। आने वाले सालों में भी यह मुद्दा गरमाया रह सकता है।
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