UCC की अफवाह से निकाह की जल्दबाजी, भोपाल काजियात में दस गुना बढ़े आवेदन
Sanjay Dhiman | Aug 20, 2026, 20:13 IST
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भोपाल में UCC बिल पास होने के बाद सोशल मीडिया पर अफवाह फैली कि कजिन मैरिज बंद हो जाएगी। डर से निकाह के आवेदन दस गुना बढ़े। असल में बिल पुरानी शादियों को मान्यता देना जारी रखता है। बिल अभी राज्यपाल के पास विचाराधीन है।
मध्य प्रदेश में UCC बिल विधानसभा से पास हो चुका है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैली कि इससे कजिन मैरिज बंद हो जाएगी। डर के चलते भोपाल में निकाह के आवेदन दस गुना बढ़ गए हैं। असल में बिल पुराने रीति-रिवाजों को मान्यता देना जारी रखता है। वक्फ बोर्ड और काजी अब लोगों को सही जानकारी दे रहे हैं।
भोपाल में पिछले दो-तीन हफ्तों से एक अजीब ट्रेंड दिख रहा है। भोपाल काजियात में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। यह वही दफ्तर है जो मुस्लिम समुदाय में शादी और तलाक के कागजी काम संभालता है।
पहले यहां रोजाना 30 से 40 आवेदन आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 400-500 तक पहुंच गई है। जिन परिवारों में शादी अभी कुछ महीने दूर थी, वे भी जल्दी निकाह करवाना चाहते हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा से यूसीसी (UCC – Uniform Civil Code) बिल पास होने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी अफवाह फैल गई. दावा किया गया कि UCC लागू होते ही कजिन मैरिज पर पूरी तरह रोक लग जाएगी.
मुस्लिम समुदाय में चचेरे और ममेरे भाई-बहनों के बीच निकाह की परंपरा पुरानी है. इसी परंपरा पर खतरे की अफवाह ने लोगों में डर पैदा कर दिया. नतीजा यह हुआ कि लोग कानून लागू होने से पहले ही निकाह पक्का करने लगे.
UCC बिल की धारा 4(4) कहती है कि दोनों पक्षों के बीच करीबी नातेदारी नहीं होनी चाहिए। इसी लाइन को आधार बनाकर अफवाह फैलाई गई।
लेकिन इसी धारा के ठीक नीचे एक और अहम बात लिखी है। अगर वर या वधू के धर्म या रीति-रिवाज के तहत ऐसी शादियां पहले से मान्य हैं, तो उन्हें आगे भी मान्यता मिलती रहेगी। यानी परंपरागत रूप से चली आ रही कजिन मैरिज पर कोई रोक नहीं है।
जिन लोगों ने अफवाह पर भरोसा किया, उन्होंने बिल के पूरे प्रावधान को पढ़ने की जहमत नहीं उठाई। आधी-अधूरी जानकारी ने पूरे शहर में डर फैला दिया।
विधानसभा से पास होने के बाद भी यह बिल अभी कानून नहीं बना है। फिलहाल यह राज्यपाल के पास विचाराधीन है।
कानूनी परामर्श और राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर ही यह राज्य में आधिकारिक कानून बनेगा, यानी अभी इसे लागू होने में समय लगेगा।
अफवाह इतनी तेजी से फैली कि वक्फ बोर्ड और भोपाल के शहर काजी को खुद आगे आना पड़ा। दोनों ने लोगों को सही जानकारी देने की कोशिश शुरू की है।
फिलहाल UCC से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। ऐसे में सोशल मीडिया के संदेशों की बजाय आधिकारिक ड्राफ्ट और सरकारी जानकारी पर भरोसा करना जरूरी है। जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में मुश्किल भी खड़ी कर सकता है।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल ने UCC की धारा 4(4) को लेकर लोगों से पूरी जानकारी समझने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानूनी प्रावधान को केवल एक लाइन पढ़कर समझना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, धारा 4(4) में रिश्तेदारी के आधार पर विवाह से जुड़ी शर्तों का उल्लेख है।
हालांकि, इसी प्रावधान में धार्मिक मान्यता, स्थानीय रीति-रिवाज और पुरानी परंपराओं से जुड़े विवाहों के लिए अपवाद का जिक्र भी मौजूद है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही अधूरी जानकारी पर भरोसा नहीं करने को कहा। पटेल के मुताबिक, UCC को लेकर अंतिम निष्कर्ष पूरे प्रावधान पढ़ने के बाद ही निकालना चाहिए।
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निकाह के लिए लंबी लाइन
पहले यहां रोजाना 30 से 40 आवेदन आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 400-500 तक पहुंच गई है। जिन परिवारों में शादी अभी कुछ महीने दूर थी, वे भी जल्दी निकाह करवाना चाहते हैं।
क्यों फैली यह अफवाह
मुस्लिम समुदाय में चचेरे और ममेरे भाई-बहनों के बीच निकाह की परंपरा पुरानी है. इसी परंपरा पर खतरे की अफवाह ने लोगों में डर पैदा कर दिया. नतीजा यह हुआ कि लोग कानून लागू होने से पहले ही निकाह पक्का करने लगे.
बिल में असल में क्या लिखा
लेकिन इसी धारा के ठीक नीचे एक और अहम बात लिखी है। अगर वर या वधू के धर्म या रीति-रिवाज के तहत ऐसी शादियां पहले से मान्य हैं, तो उन्हें आगे भी मान्यता मिलती रहेगी। यानी परंपरागत रूप से चली आ रही कजिन मैरिज पर कोई रोक नहीं है।
जिन लोगों ने अफवाह पर भरोसा किया, उन्होंने बिल के पूरे प्रावधान को पढ़ने की जहमत नहीं उठाई। आधी-अधूरी जानकारी ने पूरे शहर में डर फैला दिया।
राज्यपाल के पास अटका बिल
कानूनी परामर्श और राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर ही यह राज्य में आधिकारिक कानून बनेगा, यानी अभी इसे लागू होने में समय लगेगा।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
फिलहाल UCC से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। ऐसे में सोशल मीडिया के संदेशों की बजाय आधिकारिक ड्राफ्ट और सरकारी जानकारी पर भरोसा करना जरूरी है। जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में मुश्किल भी खड़ी कर सकता है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने UCC की धारा 4(4) समझने की अपील की
हालांकि, इसी प्रावधान में धार्मिक मान्यता, स्थानीय रीति-रिवाज और पुरानी परंपराओं से जुड़े विवाहों के लिए अपवाद का जिक्र भी मौजूद है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही अधूरी जानकारी पर भरोसा नहीं करने को कहा। पटेल के मुताबिक, UCC को लेकर अंतिम निष्कर्ष पूरे प्रावधान पढ़ने के बाद ही निकालना चाहिए।
FAQ
- क्या UCC लागू होने पर कजिन मैरिज पर रोक लगेगी?
नहीं, बिल के मुताबिक जिन समुदायों में यह परंपरा पहले से मान्य है, वहां यह जारी रहेगी। यह रोक सिर्फ अफवाह है। - भोपाल में निकाह के आवेदन क्यों बढ़ गए हैं?
लोगों को डर है कि कानून लागू होने के बाद कजिन मैरिज नहीं हो पाएगी। इसी वजह से वे जल्दी निकाह करवा रहे हैं। - क्या UCC बिल फिलहाल कानून बन चुका है?
नहीं, यह अभी राज्यपाल के पास विचाराधीन है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही यह आधिकारिक कानून बनेगा।
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