भोपाल में UCC की बड़ी बैठक, कांग्रेस सहित 4 पार्टियां गायब, BJP और CPM में जोरदार बहस
Sanjay Dhiman | Jun 22, 2026, 19:44 IST
Photograph: (the sootr)
भोपाल में UCC की राज्य समिति बैठक हुई। 6 में से केवल भाजपा और CPM आए। कांग्रेस सहित 4 दल नदारद रहे। CPM ने UCC का विरोध किया, भाजपा ने NRI विवाह पंजीयन समेत कई सुझाव दिए।
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की तैयारी चल रही है। भोपाल में इस पर एक अहम बैठक हुई। सरकार ने 6 राष्ट्रीय दलों को बुलाया था। इनमें से केवल भाजपा और CPM ही पहुंचे। कांग्रेस सहित बाकी 4 दल बैठक से दूर रहे।
भोपाल की प्रशासन अकादमी में समान नागरिक संहिता की राज्य स्तरीय समिति की अंतिम दौर की बैठक हुई। सरकार ने 6 राष्ट्रीय पार्टियों को बुलाया था।
इनमें भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और CPM शामिल थीं। लेकिन बैठक में सिर्फ भाजपा और CPM के नेता ही पहुंचे।
कांग्रेस, बसपा और आप समेत चार दल बिना किसी सूचना के नदारद रहे। इससे यह बैठक राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण हो गई।
समिति की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई दिल्ली में एक अन्य बैठक होने की वजह से व्यक्तिगत रूप से नहीं आ सकीं।
उनकी जगह समिति के बाकी सदस्यों ने बैठक संभाली। इनमें रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह, बुद्ध सिंह, गोपाल शर्मा, अनूप नायर और शोभा पैठणकर शामिल रहे। बैठक चार अलग-अलग सत्रों में हुई। हर सत्र में अलग पक्षों से सुझाव लिए गए।
![cb153154-c05]()
पहले सत्र में मध्यप्रदेश के कई आयोगों के प्रतिनिधियों ने सुझाव रखे। इनमें महिला आयोग, मानव अधिकार आयोग, बाल संरक्षण अधिकार आयोग और पिछड़ा वर्ग आयोग शामिल थे।
इसके बाद सरकारी विभागों ने प्रेजेंटेशन के जरिए अपने प्रस्ताव सामने रखे। यह बैठक UCC को अंतिम रूप देने से पहले का जरूरी हिस्सा मानी जा रही है।
CPM के राज्य प्रतिनिधि पीवी रामचंद्रन ने बैठक में UCC का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब बेरोजगारी, महंगाई और भुखमरी जैसी समस्याएं जनता को परेशान कर रही हैं, तब यह कदम गलत है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नीट परीक्षा तक ठीक से नहीं करा पा रही। ऐसे में UCC लागू करना जनता के साथ अन्याय है।
रामचंद्रन ने यह भी आरोप लगाया कि यह कानून आदिवासी वर्ग और दूसरे समुदायों के लिए परेशानी का कारण बनेगा।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी और प्रदेश संयोजक एसएस उप्पल ने समिति को लिखित सुझाव दिए। इनमें सबसे अहम प्रस्ताव था कि विदेश में बसे भारतीय यानी एनआरआई का विवाह पंजीयन अनिवार्य किया जाए।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने UCC को संविधान की भावना के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के हितों की रक्षा करेगा।
शर्मा ने यह भी सुझाव दिया कि कुछ अपराधों में जमानत के नियम सख्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि सजा की अवधि बढ़ाकर इसे भारतीय न्याय संहिता में शामिल किया जाए।
इससे महिलाओं और बुजुर्गों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। यह प्रस्ताव समिति को लिखित में सौंपा गया।
बैठक में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि हाजी हारून भी मौजूद थे। उन्होंने सीधे कहा कि हम UCC को नहीं मानेंगे।
यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि UCC को लेकर समाज में अभी भी मतभेद हैं। समिति इन सभी सुझावों और आपत्तियों को अपनी अंतिम रिपोर्ट में शामिल करेगी।
एमपी विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से, बजट से लेकर UCC तक कई बड़े फैसलों की तैयारी
MP में UCC लागू होने के बाद लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन जरूरी, बच्चों को मिलेगा वारिस का दर्जा
दिवाली तक MP में UCC लागू करने की तैयारी में सरकार, मानसून सत्र में आएगा बिल
1479 सवालों के लापता जवाब; एमपी विधानसभा में कांग्रेस मांगेगी पाई-पाई का हिसाब!
UCC बैठक: कौन आया, कौन नहीं?
इनमें भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और CPM शामिल थीं। लेकिन बैठक में सिर्फ भाजपा और CPM के नेता ही पहुंचे।
कांग्रेस, बसपा और आप समेत चार दल बिना किसी सूचना के नदारद रहे। इससे यह बैठक राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण हो गई।
समिति की अध्यक्ष रहीं अनुपस्थित
उनकी जगह समिति के बाकी सदस्यों ने बैठक संभाली। इनमें रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह, बुद्ध सिंह, गोपाल शर्मा, अनूप नायर और शोभा पैठणकर शामिल रहे। बैठक चार अलग-अलग सत्रों में हुई। हर सत्र में अलग पक्षों से सुझाव लिए गए।
cb153154-c05
आयोगों और विभागों ने दिए सुझाव
इसके बाद सरकारी विभागों ने प्रेजेंटेशन के जरिए अपने प्रस्ताव सामने रखे। यह बैठक UCC को अंतिम रूप देने से पहले का जरूरी हिस्सा मानी जा रही है।
CPM ने कहा: गलत समय पर गलत कदम
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नीट परीक्षा तक ठीक से नहीं करा पा रही। ऐसे में UCC लागू करना जनता के साथ अन्याय है।
रामचंद्रन ने यह भी आरोप लगाया कि यह कानून आदिवासी वर्ग और दूसरे समुदायों के लिए परेशानी का कारण बनेगा।
भाजपा ने सौंपे बड़े प्रस्ताव
विधायक रामेश्वर शर्मा ने UCC को संविधान की भावना के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों के हितों की रक्षा करेगा।
सजा सख्त करने की मांग
इससे महिलाओं और बुजुर्गों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। यह प्रस्ताव समिति को लिखित में सौंपा गया।
मुस्लिम समाज ने भी जताई आपत्ति
यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि UCC को लेकर समाज में अभी भी मतभेद हैं। समिति इन सभी सुझावों और आपत्तियों को अपनी अंतिम रिपोर्ट में शामिल करेगी।
FAQ
- UCC यानी समान नागरिक संहिता क्या है?
UCC एक ऐसा कानून है जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान नियम लागू करता है। अभी अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ हैं। UCC इन्हें एकसमान बनाने की कोशिश है। - मध्यप्रदेश में UCC बैठक का मकसद क्या था?
यह बैठक UCC को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न पक्षों से सुझाव लेने के लिए बुलाई गई थी। राज्य स्तरीय समिति ने आयोगों, सरकारी विभागों और राजनीतिक दलों से राय ली। इससे समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी। - कांग्रेस बैठक में क्यों नहीं गई?
स्रोत सामग्री में कांग्रेस की गैरहाजिरी की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है। बसपा और आप भी बिना किसी सफाई के नदारद रहे। यह राजनीतिक विरोध का संकेत माना जा रहा है।
एमपी विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से, बजट से लेकर UCC तक कई बड़े फैसलों की तैयारी
MP में UCC लागू होने के बाद लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन जरूरी, बच्चों को मिलेगा वारिस का दर्जा
दिवाली तक MP में UCC लागू करने की तैयारी में सरकार, मानसून सत्र में आएगा बिल
1479 सवालों के लापता जवाब; एमपी विधानसभा में कांग्रेस मांगेगी पाई-पाई का हिसाब!
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman