/sootr/media/media_files/2026/02/07/mp-university-teacher-vacancy-2026-2026-02-07-13-40-04.jpg)
मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भारी कमी है। प्रदेश की 19 सरकारी यूनिवर्सिटी में पद खाली पड़े हैं। कुल 2003 पदों में से 1568 पर कोई नहीं है। सिर्फ 22 प्रतिशत रेगुलर स्टाफ ही काम कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने खाली पदों को तुरंत भरने का आदेश दिया।
इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग भी हरकत में आया है। सभी यूनिवर्सिटी को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अगले 4 महीनों में भर्ती प्रक्रिया (Higher Education Department) पूरी करनी होगी। प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरे जाएंगे। इससे सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा।
सुप्रीम कोर्ट का 4 माह का अल्टीमेटम
प्रदेश की यूनिवर्सिटीज में शिक्षकों की भारी कमी है। यहां करीब 78% पद खाली पड़े हुए हैं। हर चार में से तीन पद खाली हैं। इससे 70 हजार छात्रों का भविष्य खतरे में है। कई विषयों में सालों से परमानेंट प्रोफेसर नहीं हैं।
समय पर कोर्स भी पूरा नहीं हो पाता है। छात्रों को रिसर्च के लिए गाइड नहीं मिलते। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर असर पड़ता है। पांच यूनिवर्सिटीज की हालत तो बहुत ज्यादा खराब है। वहां आज तक एक भी शिक्षक नहीं है। सिस्टम की इस लापरवाही से छात्र बहुत परेशान हैं।
भर्ती प्रक्रिया में देरी के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से भर्ती (असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती) प्रक्रिया रुकने के पीछे मुख्य रूप से कानूनी और प्रशासनिक बाधाएं रही हैं।
आरक्षण रोस्टर विवाद: ओबीसी आरक्षण (14% बनाम 27%) को लेकर चल रहे विवाद के कारण नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद प्रक्रिया बीच में ही अटक जाती थी।
कोर्ट केस: प्रशासनिक कन्फ्यूजन और रोस्टर की पेचीदगियों के चलते मामले अक्सर अदालतों में खिंच जाते थे। उदाहरण के तौर पर, जीवाजी यूनिवर्सिटी में पिछले 10 साल में 4 बार भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन वह कभी पूरी नहीं हो सकी।
भर्ती को लेकर क्या है नया अपडेट
विभाग ने भर्ती के लिए 4 महीने का समय दिया है। उच्च शिक्षा मंत्री ने इसके सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब रोस्टर को लेकर कोई भी भ्रम नहीं बचा है। सरकार छात्रों को अच्छी शिक्षा (assistant professor recruitment) देना चाहती है। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने यह जानकारी दी है। कोर्ट से स्टे हटते ही आवेदन मांगे जाएंगे।
इसके बाद भर्ती की प्रक्रिया काफी तेज कर दी जाएगी। समन्वय समिति (mp teacher recruitment) की बैठक में यह फैसला लिया गया है। इससे कॉलेज कैंपस का माहौल काफी बेहतर होगा। कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य ने भी इसकी पुष्टि की है।
ये भी पढ़ें...
MP Apex Bank Vacancy, 2 हजार पदों पर भर्ती, जानें क्वालिफिकेशन
MP हाई कोर्ट में कमिश्नर ऑफ ओथ्स के पदों पर निकली भर्ती, जानें योग्यता
NCERT में नौकरी पाने का शानदार मौका, 117 पदों पर निकली भर्ती
अग्निवीर भर्ती 2026: चंबल अंचल में दोगुनी हुई वैकेंसी, 1800 पदों पर होगी भर्ती
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us