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Photograph: (the sootr)
News in short
- विपक्ष का हमला: खराब सड़कों और पुलियाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा।
- आदिवासी विकास: विधायक सेना पटेल ने आदिवासी इलाकों में बदहाल कनेक्टिविटी का मुद्दा उठाया।
- मंत्री का जवाब: प्रहलाद पटेल बोले- 500 गांव जुड़े, 'संकल्प' योजना से सड़क बनेगी।
- नौकरी पर सन्नाटा: रोजगार मंत्री ने माना कि सरकारी नियुक्तियों का डेटा विभाग के पास नहीं।
- कड़ी कार्रवाई: नियमों के उल्लंघन पर एक सचिव निलंबित, दागी अफसरों पर सरकार सख्त।
BHOPAL. विधानसभा के प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही सरकार को विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। विपक्ष ने जमीनी हालात का हवाला देते हुए सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। मुद्दे ऐसे थे, जो सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं। शुरुआत में ही विपक्ष ने सड़कों की हालत, आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और सरकारी नौकरियों के आंकड़ों पर सवाल उठाए।
आदिवासी इलाकों में सड़कों की बदहाली पर सवाल
जोबट से कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई गांवों में सड़कें जर्जर हैं, पुल-पुलिया टूटे पड़े हैं और संपर्क मार्ग बाधित हैं। इससे ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही के बावजूद अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही। उनके मुताबिक खराब सड़कों का सीधा असर स्वास्थ्य और शिक्षा पर पड़ रहा है। जमीनी असर क्या है? गर्भवती महिलाएं समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहीं। बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पा रहे। कई गांव बारिश में पूरी तरह कट जाते हैं।
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सरकार का जवाब: 500 गांव जुड़े, बाकी दूसरे चरण में
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि अलीराजपुर और झाबुआ जिलों में पहले चरण में काम पूरा कर लिया गया है। उनके अनुसार, करीब 500 गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार सीधे कनेक्टिविटी का काम नहीं करती, लेकिन राज्य सरकार ने योजना में आवश्यक प्रावधान किए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शेष गांवों को दूसरे चरण में जोड़ा जाएगा। सरकार की प्रमुख बातें दो सड़कों के बीच का गैप प्राथमिकता से भरा जाएगा। एक पंचायत को ‘संकल्प’ योजना के तहत 20 लाख रुपये तक की राशि। जरूरत के अनुसार चरणबद्ध कनेक्टिविटी पूरी की जाएगी।
सचिव निलंबन और वाटरशेड परियोजनाओं पर चर्चा
कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे के सवाल पर मंत्री ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले एक सचिव को निलंबित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी को दोबारा उसी स्थान पर पदस्थ नहीं किया जाएगा। बीजेपी विधायक उमा खटीक ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। मंत्री ने वाटरशेड परियोजनाओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
रोजगार विभाग के पास नहीं नियुक्तियों का डेटा
प्रश्नकाल के दौरान सरकारी नौकरियों का मुद्दा भी छाया रहा। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने युवाओं को शासकीय पदों पर हुई नियुक्तियों का विवरण देने की मांग की।
इस पर कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने लिखित जवाब में कहा कि शासकीय नियुक्तियों का आंकड़ा विभाग के पास संधारित नहीं किया जाता। इस जवाब पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए कि जब डेटा ही नहीं है, तो रोजगार की स्थिति का आकलन कैसे होगा?
सदन में गरमाया माहौल, मुद्दे रहे केंद्र में
सड़क, कनेक्टिविटी, वाटरशेड, गौ-संरक्षण और सरकारी नौकरियों जैसे मुद्दों पर हुई बहस से सदन का माहौल गरमाया रहा। विपक्ष ने जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग दोहराई, जबकि सरकार ने योजनाओं के चरणबद्ध क्रियान्वयन का भरोसा दिया। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सरकार की अगली कार्रवाई क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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