विटनेस प्रोटेक्शन पॉलिसी : अमेरिका की तरह गुप्त रखी जाएगी पीड़ित की पहचान, जरूरत पर आधार, पैन और पासपोर्ट भी बदलेंगे
Pratibha ranaa | Jul 28, 2024, 09:21 IST
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विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम 2024 एक ऐसी योजना है, जिसका उद्देश्य उन गवाहों को सुरक्षा प्रदान करना है, जो किसी अपराध के मामले में गवाही देने के लिए तैयार हैं। यह योजना गवाहों को धमकी, उत्पीड़न और बदले की कार्रवाई से बचाने के लिए बनाई गई है।
मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही विटनेस प्रोटेक्शन पॉलिसी ( Witness Protection Policy ) लाने की तैयारी में है। इस योजना के तहत सरकार दुष्कर्म पीड़िताओं और महिलाओं के साथ जघन्य अपराधों से जुड़े गवाहों को सुरक्षा देगी। अमेरिका में यह नीति काफी पहले से चलन में है। अक्सर हॉलीवुड की फिल्मों में देखने को मिल भी जाता है। प्रोटेक्शन स्कीम के तहत गवाहों का नाम सीक्रेट रखा जाएगा।
बता दें, विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम 2024 एक ऐसी योजना है, जिसका उद्देश्य उन गवाहों को सुरक्षा देना है, जो किसी अपराध के मामले में गवाही देने के लिए तैयार हैं। यह योजना गवाहों को धमकी, उत्पीड़न और बदले की कार्रवाई से बचाने के लिए बनाई गई है।
जानकारी के मुताबिक सरकार दुष्कर्म पीड़िताओं और महिलाओं के साथ जघन्य अपराधों से जुड़े गवाहों की सुरक्षा के लिए विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम 2024 लाने वाली है। इसके बाद आईजी और एसपी को अधिकार मिल जाएगा कि वे पीड़ित और गवाहों को पुलिस प्रोटेक्शन दे सकेंगे। एसपी अधिकतम 7 दिन तक और आईजी को 15 दिन तक पुलिस प्रोटेक्शन देने का अधिकार होगा।
वहीं अगर गवाह या पीड़िता की सुरक्षा में दो लाख रुपए से ज्यादा का खर्च हो रहा है, तो ऐसे में ये फैसला राज्य सरकार के स्तर पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी लेगी।
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बता दें, विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम 2024 एक ऐसी योजना है, जिसका उद्देश्य उन गवाहों को सुरक्षा देना है, जो किसी अपराध के मामले में गवाही देने के लिए तैयार हैं। यह योजना गवाहों को धमकी, उत्पीड़न और बदले की कार्रवाई से बचाने के लिए बनाई गई है।
IG- SP के पास होगा प्रोटेक्शन देने का अधिकार
वहीं अगर गवाह या पीड़िता की सुरक्षा में दो लाख रुपए से ज्यादा का खर्च हो रहा है, तो ऐसे में ये फैसला राज्य सरकार के स्तर पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी लेगी।
ये बड़े प्रावधान होने की उम्मीद
- पीड़िता को नया नाम, पता देने के साथ पुनर्वास कराएंगे, ताकि अपराधी ट्रेस न कर पाएं।
- अगर पीड़िता वर्किंग है, तो स्किल डवलपमेंट से जोड़ेंगे।
- स्कूल या कॉलेज में पढ़ती है, तो फीस सरकार भरेगी। अगर वह पढ़ना चाहती है, तो सरकार एडमिशन करवाएगी।
- देख- रेख के साथ सरकार मासिक मुआवजा भी देगी। हालांकि इसकी राशि अभी तय नहीं की गई है।
योजना के मुख्य उद्देश्य
- गवाहों की सुरक्षा: गवाहों को धमकी और उत्पीड़न से बचाना।
- न्याय प्रक्रिया को मजबूत करना: गवाहों को बिना किसी डर के गवाही देने के लिए प्रोत्साहित करना।
- अपराधियों को सजा दिलाना: अपराधियों को सजा दिलाने में मदद करना।
योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सुरक्षा
- नई पहचान: गवाह को एक नई पहचान दी जा सकती है।
- सुरक्षित आवास: गवाह को एक सुरक्षित आवास प्रदान किया जा सकता है।
- पुलिस सुरक्षा: गवाह को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।
- आर्थिक सहायता: गवाह को आर्थिक सहायता दी जा सकती है।
- गवाह संरक्षण केंद्र: गवाह को गवाह संरक्षण केंद्र में रखा जा सकता है।
योजना के लाभ
- न्याय प्रक्रिया को मजबूत करना: यह योजना न्याय प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करती है।
- अपराधियों को सजा दिलाना: यह योजना अपराधियों को सजा दिलाने में मदद करती है।
- समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ाना: यह योजना समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ाने में मदद करती है।
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